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मिलावटी दूध के खिलाफ अभियान में खीरी पास
Lakhimpur
Updated Tue, 05 Aug 2014 05:30 AM IST
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पीलीभीत-शाहजहांपुर समेत 21 जिले अभियान में फेल
संबंधित अभिहित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में मिलावटी दूध के खिलाफ विशेष छापामार अभियान चलाया गया था। जिसमें 23 नमूने भरने के चलते खीरी का प्रदर्शन ठीक रहा है। वहीं पीलीभीत, शाहजहांपुर समेत 21 जिले अभियान को पूरा करने में फिसड्डी साबित हुए। जिनके अभिहित अधिकारियों को नोटिस देते हुए अपर आयुक्त (प्रशासन) रामअरज मौर्य ने पांच दिनों के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया हैै। इसके बाद विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि मिलावटी दूध की बिक्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के कड़े रूख को देखते हुए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष छापामार अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, जिसमें 25 जून से 27 जून 2014 तक अभियान चलाकर दूध के नमूने भरे गए थे। इस अभियान के दौरान खीरी में अभिहित अधिकारी एसके सिंह की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरएल कुशवाहा, महेंद्र यादव और एमपी सिंह ने 23 नमूने भरे थे। जबकि 135 लीटर मिलावटी दूध को नष्ट कराया था। प्रदेश मुख्यालय पर हुई समीक्षा में कई जिले ऐसे पाए गए, जिनमें पांच या इससे कम दूध के नमूने लिए गए हैं। इसे अभियान के प्रति अधिकारियों की राजकीय कार्यों के प्रति शिथिलता एवं निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही मानते हुए विभाग ने संबंधित जिलों के अभिहित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। पांच दिन में जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने की चेतावनी भी दी है।
000
अभियान में यह जिले रहे फिसड्डी
पीलीभीत, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद, कौशांबी, मैनपुरी, झांसी, चित्रकूट, बाराबंकी, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, फर्र्रूखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, गाजियाबाद, बागपत, हाथरस, कासगंज और एटा जिलों में मिलावटी दूध के खिलाफ अभियान शो रहा है। लिहाजा इन जिलों के अभिहित अधिकारी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। वहीं लोगों के स्वास्थ्य और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा होने के कारण अब जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
संबंधित अभिहित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में मिलावटी दूध के खिलाफ विशेष छापामार अभियान चलाया गया था। जिसमें 23 नमूने भरने के चलते खीरी का प्रदर्शन ठीक रहा है। वहीं पीलीभीत, शाहजहांपुर समेत 21 जिले अभियान को पूरा करने में फिसड्डी साबित हुए। जिनके अभिहित अधिकारियों को नोटिस देते हुए अपर आयुक्त (प्रशासन) रामअरज मौर्य ने पांच दिनों के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया हैै। इसके बाद विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि मिलावटी दूध की बिक्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के कड़े रूख को देखते हुए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेश के सभी जिलों में विशेष छापामार अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, जिसमें 25 जून से 27 जून 2014 तक अभियान चलाकर दूध के नमूने भरे गए थे। इस अभियान के दौरान खीरी में अभिहित अधिकारी एसके सिंह की अगुवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरएल कुशवाहा, महेंद्र यादव और एमपी सिंह ने 23 नमूने भरे थे। जबकि 135 लीटर मिलावटी दूध को नष्ट कराया था। प्रदेश मुख्यालय पर हुई समीक्षा में कई जिले ऐसे पाए गए, जिनमें पांच या इससे कम दूध के नमूने लिए गए हैं। इसे अभियान के प्रति अधिकारियों की राजकीय कार्यों के प्रति शिथिलता एवं निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही मानते हुए विभाग ने संबंधित जिलों के अभिहित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। पांच दिन में जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करने की चेतावनी भी दी है।
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अभियान में यह जिले रहे फिसड्डी
पीलीभीत, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद, कौशांबी, मैनपुरी, झांसी, चित्रकूट, बाराबंकी, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, फर्र्रूखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, गाजियाबाद, बागपत, हाथरस, कासगंज और एटा जिलों में मिलावटी दूध के खिलाफ अभियान शो रहा है। लिहाजा इन जिलों के अभिहित अधिकारी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। वहीं लोगों के स्वास्थ्य और सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा होने के कारण अब जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
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