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आधे घंटे पहले निशान लगाए, फिर चला दिया बुलडोजर
Lakhimpur
Updated Thu, 29 May 2014 05:36 AM IST
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पड़रिया तुला में पीडब्ल्यूडी की कारवाई पर उठे सवा
अभियंता की कार्यशैली पर भड़के लोगों ने किया घेराव
बिजुआ/गुलरिया। महज 12 घंटे पहले चेतावनी, आधा घंटे पहले लाल निशान लगाकर पीडब्ल्यूडी ने पड़रिया तुला में अतिक्रमण के नाम पर एक दर्जन से ज्यादा पक्के निर्माण, पांच खाने के होटल और दो दर्जन से ज्यादा लकड़ी के खोखे पलट दिए। पक्के निर्माण में दर्जनों दुकानें और कुछ घर भी शामिल हैं। करीब चार घंटे से चल रही कार्रवाई पर लोगों का गुस्सा फूट गया, गुस्साई भीड़ ने जेसीबी लेकर आई टीम और पुलिस पीएसी को दौड़ा लिया। करीब आधे घंटे तक पड़रिया तुला में माहौल काफी गर्म रहा। बाद में एक हफ्ते तक कार्रवाई टाले जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
भीरा लखीमपुर राजगार्ग पर पड़रिया तुला में बुधवार को पीडब्ल्यूडी ने अतिक्रमण के नाम पर पक्के मकान, दुकान, होटल गिरा दिए। सुबह करीब नौ बजे लोक निर्माण विभाग के अभियंता एसके शंकवार, अपनी टीम के साथ पड़रिया तुला आए, टीम ने आते ही सबसे पहले पूर्व से चिह्नित मकानों पर लाल निशान लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही देर बाद गोला तहसीलदार रामभुवन तिवारी, भीरा इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय मय फोर्स और पीएसी के जवान भी गांव पहुंच गए। सुबह दस बजे से गांव के बाहर बनी अर्जुलाल के आवास के बाहर दुकानों को तोड़ना शुरू कर दीं। इसके बाद टीम की जेसीबी ने संतराम, विनोद गुप्ता, राकेश सिंह, नन्हें, पुतई, रामनरेश, करमजीत सिंह, दिनेश गुप्ता, सुदामा प्रसाद, श्रवण सिंह, तुलसीराम मिश्रा, बलराम गुप्ता, श्रवण सिंह, मेढ़ई लाल की दुकानें व पक्के आवास गिराने शुरू कर दिए। मामला तब बिगड़ गया जब बलराम की दुकानें लाल निशान से ज्यादा गिरा दी गईं तब लोग भड़क उठे। इस दौरान लोगों ने जेसीबी मशीन चालक, टीम और पीएसी के वाहन को घेर लिया। मौके पर मौजूद भीरा इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने मामला संभाला। लोगों की मांग पर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी टीम से बात की और खुद ही निर्माण गिराने के लिए सात दिन की मोहलत मांगी है।
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पल पल बदलता रहा माहौल
पड़रिया तुला में कारवाई के दौरान लोगों को सामान निकालने का मौका तक नहीं दिया गया। दुकानदारों ने सामान निकालने का वक्त मांगा, लेकिन टीम अपनी कार्रवाई को पल भर नहीं रोक रही थी। इस दौरान राजमार्ग के किनारे रखे लकड़ी के खोखे और होटल पलट दिए गए। लोगों का गुस्सा बड़ता ही जा रहा था। विधायक विनय तिवारी सूचना के बाद गांव पहुंचे उन्होंने अफसरों से बात की।
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साल 2009 में एक विधायक ने विधानसभा में पड़रिया तुला में अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाया था, जिस पर विभाग के हामी भरने पर मामले को आश्वासन समिति को दिया गया था। बुधवार को आश्वासन समिति की बैठक थी, जिस पर अतिक्रमण हटाया गया। इससे पहले दो नोटिस दी जा चुकी हैं।
इरफान अहमद अधिशासी अभियंता-निर्माण खंड 3
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अभियंता की कार्यशैली पर भड़के लोगों ने किया घेराव
बिजुआ/गुलरिया। महज 12 घंटे पहले चेतावनी, आधा घंटे पहले लाल निशान लगाकर पीडब्ल्यूडी ने पड़रिया तुला में अतिक्रमण के नाम पर एक दर्जन से ज्यादा पक्के निर्माण, पांच खाने के होटल और दो दर्जन से ज्यादा लकड़ी के खोखे पलट दिए। पक्के निर्माण में दर्जनों दुकानें और कुछ घर भी शामिल हैं। करीब चार घंटे से चल रही कार्रवाई पर लोगों का गुस्सा फूट गया, गुस्साई भीड़ ने जेसीबी लेकर आई टीम और पुलिस पीएसी को दौड़ा लिया। करीब आधे घंटे तक पड़रिया तुला में माहौल काफी गर्म रहा। बाद में एक हफ्ते तक कार्रवाई टाले जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
भीरा लखीमपुर राजगार्ग पर पड़रिया तुला में बुधवार को पीडब्ल्यूडी ने अतिक्रमण के नाम पर पक्के मकान, दुकान, होटल गिरा दिए। सुबह करीब नौ बजे लोक निर्माण विभाग के अभियंता एसके शंकवार, अपनी टीम के साथ पड़रिया तुला आए, टीम ने आते ही सबसे पहले पूर्व से चिह्नित मकानों पर लाल निशान लगाने शुरू कर दिए। कुछ ही देर बाद गोला तहसीलदार रामभुवन तिवारी, भीरा इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय मय फोर्स और पीएसी के जवान भी गांव पहुंच गए। सुबह दस बजे से गांव के बाहर बनी अर्जुलाल के आवास के बाहर दुकानों को तोड़ना शुरू कर दीं। इसके बाद टीम की जेसीबी ने संतराम, विनोद गुप्ता, राकेश सिंह, नन्हें, पुतई, रामनरेश, करमजीत सिंह, दिनेश गुप्ता, सुदामा प्रसाद, श्रवण सिंह, तुलसीराम मिश्रा, बलराम गुप्ता, श्रवण सिंह, मेढ़ई लाल की दुकानें व पक्के आवास गिराने शुरू कर दिए। मामला तब बिगड़ गया जब बलराम की दुकानें लाल निशान से ज्यादा गिरा दी गईं तब लोग भड़क उठे। इस दौरान लोगों ने जेसीबी मशीन चालक, टीम और पीएसी के वाहन को घेर लिया। मौके पर मौजूद भीरा इंस्पेक्टर डीके उपाध्याय ने मामला संभाला। लोगों की मांग पर पुलिस ने पीडब्ल्यूडी टीम से बात की और खुद ही निर्माण गिराने के लिए सात दिन की मोहलत मांगी है।
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पल पल बदलता रहा माहौल
पड़रिया तुला में कारवाई के दौरान लोगों को सामान निकालने का मौका तक नहीं दिया गया। दुकानदारों ने सामान निकालने का वक्त मांगा, लेकिन टीम अपनी कार्रवाई को पल भर नहीं रोक रही थी। इस दौरान राजमार्ग के किनारे रखे लकड़ी के खोखे और होटल पलट दिए गए। लोगों का गुस्सा बड़ता ही जा रहा था। विधायक विनय तिवारी सूचना के बाद गांव पहुंचे उन्होंने अफसरों से बात की।
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साल 2009 में एक विधायक ने विधानसभा में पड़रिया तुला में अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाया था, जिस पर विभाग के हामी भरने पर मामले को आश्वासन समिति को दिया गया था। बुधवार को आश्वासन समिति की बैठक थी, जिस पर अतिक्रमण हटाया गया। इससे पहले दो नोटिस दी जा चुकी हैं।
इरफान अहमद अधिशासी अभियंता-निर्माण खंड 3