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नाव हादसे में दो और लोगों के शव बरामद
Lakhimpur
Updated Tue, 04 Mar 2014 05:32 AM IST
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शनिवार शाम को हुआ था हादसा, नदी से बरामद शवों की संख्या छह पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां/तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। इंडो-नेपाल बार्डर की मोहाना नदी के हलौना घाट पर हुए नाव हादसे में दो और शव बरामद किए गए हैं। इससे बरामद शवों की संख्या छह हो गई है। लापता लोगों की तलाश में तीसरे दिन भी एक बटालियन पीएसी और एसएसबी समेत नेपाल पुलिस के गोताखोर लगे रहे।
बता दें कि शनिवार की शाम इंडो-नेपाल बार्डर पर मोहाना नदी के हलौना घाट पर एक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जिसमें बेलरायां के कुशाही बाजार से खरीददारी कर लौट रहे नेपाल के चर्रा और पिरथीपुरवा निवासी कई महिला, पुरुष और बच्चे नदी में डूब गए थे। सूचना पाकर डीएम गौरव दयाल, एसपी एसके सिंह, एसडीएम वीडी पाल, तहसीलदार समेत तमाम अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। नाव हादसे में रविवार को दो बच्चों और दो महिलाओं के शव बरामद किए गए थे। सोमवार को दिन में करीब 11 बजे इंद्रावती (27) का शव गोताखोरों ने नेपाल की सीमा से बरामद किया। इसके अलावा बाद में पिरथीपुरवा निवासी कल्लो (16) पुत्री स्वर्गीय सुकई का शव बरामद किया गया।
तिकुनियां कोतवाली के इंस्पेक्टर जयवीर सिंह यादव ने बताया कि पीएससी के गोताखोरों समेत करीब 50 लोग अभी अन्य शवों को खोजने में लगे हुए हैं।
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अभी जो लापता हैं
जय प्रकाश (28) पुत्र चुन्नालाल निवासी बनवीरपुर, रुखसाना (8), रसना लोनिया (13), पुष्पा कठरिया (25), चुन्नी देवी (40), रामप्रसाद (45), देवीदयाल (65) सभी निवासी ग्राम पिरथीपुरवा, चर्रा (नेपाल) और चुन्नी देवी निवासी टापरपुरवा निघासन।
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पहले भी हो चुके है मोहाना नदी में हादसे
तिकुनियां। भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना नदी पर नाव पलटने से इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सीख नहीं ली।
मोहाना नदी पर वर्ष 1980 में चौर्गुजी घाट पर नाव पलटने से नेपाल के पांच लोगों की मौत हो गयी थी। इसके बाद वर्ष 2013 में चौर्गुजी घाट पर ही थाना निघासन निवासी गांव बबुरी के पति-पत्नी समेत तीन लोगों की नाव पलटने से डूबकर मौत हो गयी। नाव पर आठ लोग सवार थे। यह लोग मुहाना नदी पार स्थित बंधिया गांव में बाढ़ आने के बाद अपने परिवार वालों से मिलने जा रहे थे। बीते शनिवार की शाम को हुई नाव दुर्घटना से बार्डर के लोगों में दहशत है।
अमर उजाला ब्यूरो
बेलरायां/तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। इंडो-नेपाल बार्डर की मोहाना नदी के हलौना घाट पर हुए नाव हादसे में दो और शव बरामद किए गए हैं। इससे बरामद शवों की संख्या छह हो गई है। लापता लोगों की तलाश में तीसरे दिन भी एक बटालियन पीएसी और एसएसबी समेत नेपाल पुलिस के गोताखोर लगे रहे।
बता दें कि शनिवार की शाम इंडो-नेपाल बार्डर पर मोहाना नदी के हलौना घाट पर एक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। जिसमें बेलरायां के कुशाही बाजार से खरीददारी कर लौट रहे नेपाल के चर्रा और पिरथीपुरवा निवासी कई महिला, पुरुष और बच्चे नदी में डूब गए थे। सूचना पाकर डीएम गौरव दयाल, एसपी एसके सिंह, एसडीएम वीडी पाल, तहसीलदार समेत तमाम अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया। नाव हादसे में रविवार को दो बच्चों और दो महिलाओं के शव बरामद किए गए थे। सोमवार को दिन में करीब 11 बजे इंद्रावती (27) का शव गोताखोरों ने नेपाल की सीमा से बरामद किया। इसके अलावा बाद में पिरथीपुरवा निवासी कल्लो (16) पुत्री स्वर्गीय सुकई का शव बरामद किया गया।
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तिकुनियां कोतवाली के इंस्पेक्टर जयवीर सिंह यादव ने बताया कि पीएससी के गोताखोरों समेत करीब 50 लोग अभी अन्य शवों को खोजने में लगे हुए हैं।
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अभी जो लापता हैं
जय प्रकाश (28) पुत्र चुन्नालाल निवासी बनवीरपुर, रुखसाना (8), रसना लोनिया (13), पुष्पा कठरिया (25), चुन्नी देवी (40), रामप्रसाद (45), देवीदयाल (65) सभी निवासी ग्राम पिरथीपुरवा, चर्रा (नेपाल) और चुन्नी देवी निवासी टापरपुरवा निघासन।
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पहले भी हो चुके है मोहाना नदी में हादसे
तिकुनियां। भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली मोहाना नदी पर नाव पलटने से इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई सीख नहीं ली।
मोहाना नदी पर वर्ष 1980 में चौर्गुजी घाट पर नाव पलटने से नेपाल के पांच लोगों की मौत हो गयी थी। इसके बाद वर्ष 2013 में चौर्गुजी घाट पर ही थाना निघासन निवासी गांव बबुरी के पति-पत्नी समेत तीन लोगों की नाव पलटने से डूबकर मौत हो गयी। नाव पर आठ लोग सवार थे। यह लोग मुहाना नदी पार स्थित बंधिया गांव में बाढ़ आने के बाद अपने परिवार वालों से मिलने जा रहे थे। बीते शनिवार की शाम को हुई नाव दुर्घटना से बार्डर के लोगों में दहशत है।