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प्रवेश के वक्त छात्रा की जाति बदल दी
Lakhimpur
Updated Thu, 08 Aug 2013 05:36 AM IST
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बांकेगंज। ग्राम महराजनगर के एक अभिभावक ने प्राथमिक स्कूल बांकेगंज में जुलाई 2007 में दाखिले के समय स्कूल के रजिस्टर में छात्रा की जाति गलत दर्ज करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस बात की जानकारी उन्हें तब हुई जब वह 2012 में छात्रा के पाचवीं कक्षा पास करने के बाद छठी कक्षा में दाखिले के लिए उसकी टीसी लेने स्कूल पहुंचे।
ग्राम महराजनगर निवासी अनपढ़ ऊषा देवी पत्नी सर्वेश कुमार ने 2007 में अपनी बेटी मोहनी का बांकेगंज प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में दाखिला कराया था। गांव की धानुक बिरादरी की अभिभावक ने आरोप लगाया कि दाखिले के समय मौजूद शिक्षिका से जाति पूछने पर उन्हे धानुक बताया था। छात्रा के पांचवीं पास करने के बाद जब छठवीं कक्षा में दाखिले के लिए स्कूल से टीसी ली तो उसमें जाति चमार लिखी हुई है। जाति गलत होने के कारण वह अपनी बिटिया का दाखिला छठी कक्षा में नहीं करवा पा रही है।
उसने बताया कि वह स्कूल के कई चक्कर लगा चुकी है। बावजूद इसके उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते उसकी बिटिया का भविष्य चौपट हो रहा है। उसने आरोप लगाया कि शिक्षकों की गलतियों का खामियाजा उसकी बिटिया को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावक ने जिले के आला अधिकारियों से इस प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
ग्राम महराजनगर निवासी अनपढ़ ऊषा देवी पत्नी सर्वेश कुमार ने 2007 में अपनी बेटी मोहनी का बांकेगंज प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में दाखिला कराया था। गांव की धानुक बिरादरी की अभिभावक ने आरोप लगाया कि दाखिले के समय मौजूद शिक्षिका से जाति पूछने पर उन्हे धानुक बताया था। छात्रा के पांचवीं पास करने के बाद जब छठवीं कक्षा में दाखिले के लिए स्कूल से टीसी ली तो उसमें जाति चमार लिखी हुई है। जाति गलत होने के कारण वह अपनी बिटिया का दाखिला छठी कक्षा में नहीं करवा पा रही है।
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उसने बताया कि वह स्कूल के कई चक्कर लगा चुकी है। बावजूद इसके उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते उसकी बिटिया का भविष्य चौपट हो रहा है। उसने आरोप लगाया कि शिक्षकों की गलतियों का खामियाजा उसकी बिटिया को भुगतना पड़ रहा है। अभिभावक ने जिले के आला अधिकारियों से इस प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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