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उत्पीड़ित दलित युवक पर ही संगीन धाराएं
Lakhimpur
Updated Wed, 07 Aug 2013 05:36 AM IST
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दबंगों की ओर से युवक के भाई और पिता को भी नामजद किया गया
सीओ गोला करेंगे युवक पिटाई मामले की जांच, आरोपी गिरफ्त से दूर
अमर उजाला ब्यूरो
बिजुआ (लखीमपुर-खीरी)। अमरूद तोड़ने का आरोप लगाकर दलित युवक को पीटे जाने के मामले को दबाने की कोशिश में लगी रही भीरा पुलिस ने अफसरों के दबाव में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी मारपीट की संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर पुलिस दलित के साथ अमानवीय बर्ताव करने वाले आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि अफसरों के तेवर देख पुलिस ने देर रात पीड़ित युवक का रात में ही मेडिकल कराया। मामले की जांच सीओ गोला को सौंपी गई है।
भीरा थाना क्षेत्र के गांव गुलरिया में सोमवार को दबंगों ने दलित युवक को बांधकर जुलूस निकाला और चौराहे पर पीटने के साथ ही उसी हालत में पुलिस चौकी तक ले गए थे। इतने संगीन मामले में भी पुलिस कार्रवाई की बजाय पीड़ित पक्ष पर समझौते के लिए दबाव बनाती रही। जब अफसरों के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने मातहतों को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद हरकत में आई भीरा पुलिस ने पीड़ित युवक राहुल के पिता द्वारिका पासी की तहरीर पर धारा 147, 323, 504, 506 आईपीसी और एससी/एसटी एक्ट के तहत गांव के ही लालाराम, राकेश कुमार, संतोष कुमार, केदार नाथ, श्रवण कुमार, विशेष और छोटे राठौर समेत सात आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखा था। पुलिस ने रात करीब 11 बजे राहुल का बिजुआ सीएचसी पर मेडिकल कराया। पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा लिखे जाने के एक घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी लालाराम की तहरीर लेकर धारा 452, 323, 504 व 506 के तहत पीड़ित राहुल, उसके पिता द्वारिका और भाई संतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रात करीब 12.30 बजे लालाराम का डॉक्टरी मुआयना भी कराया गया। इस मामले की जांच गोला के सीओ टीपी सिंह को सौंपी गई है। 24 घंटे बीतने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पीड़ित को आठ घंटे थाने पर रोके रही पुलिस
बिजुआ। गुलरिया गांव के दलित युवक राहुल को पहले दबंगों ने रस्सी में बांधकर सरेआम पीटा। उसका जुलूस निकाला। बाद में उसी हालत में दबंग उसे पुलिस के जिम्मे कर गए। बड़े अफसरों के दखल पर पीड़ित पक्ष की सुनवाई हो सकी। पुलिस युवक को आठ घंटे तक थाने पर ही रोके रही।
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पीड़ित पर ही हैं संगीन धाराएं
लखीमपुर/बिजुआ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन अजय शुक्ला के अनुसार गुलरिया गांव की घटना में दर्ज दोनों मामलों में पीड़ित राहुल पक्ष की ओर से दर्ज मुकदमे में अगर एससी/एसटी एक्ट न होता तो दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज मामले की धाराएं ही संगीन रहतीं।
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सीओ गोला करेंगे युवक पिटाई मामले की जांच, आरोपी गिरफ्त से दूर
अमर उजाला ब्यूरो
बिजुआ (लखीमपुर-खीरी)। अमरूद तोड़ने का आरोप लगाकर दलित युवक को पीटे जाने के मामले को दबाने की कोशिश में लगी रही भीरा पुलिस ने अफसरों के दबाव में मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी मारपीट की संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर पुलिस दलित के साथ अमानवीय बर्ताव करने वाले आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि अफसरों के तेवर देख पुलिस ने देर रात पीड़ित युवक का रात में ही मेडिकल कराया। मामले की जांच सीओ गोला को सौंपी गई है।
भीरा थाना क्षेत्र के गांव गुलरिया में सोमवार को दबंगों ने दलित युवक को बांधकर जुलूस निकाला और चौराहे पर पीटने के साथ ही उसी हालत में पुलिस चौकी तक ले गए थे। इतने संगीन मामले में भी पुलिस कार्रवाई की बजाय पीड़ित पक्ष पर समझौते के लिए दबाव बनाती रही। जब अफसरों के संज्ञान में यह मामला आया तो उन्होंने मातहतों को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद हरकत में आई भीरा पुलिस ने पीड़ित युवक राहुल के पिता द्वारिका पासी की तहरीर पर धारा 147, 323, 504, 506 आईपीसी और एससी/एसटी एक्ट के तहत गांव के ही लालाराम, राकेश कुमार, संतोष कुमार, केदार नाथ, श्रवण कुमार, विशेष और छोटे राठौर समेत सात आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा लिखा था। पुलिस ने रात करीब 11 बजे राहुल का बिजुआ सीएचसी पर मेडिकल कराया। पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा लिखे जाने के एक घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी लालाराम की तहरीर लेकर धारा 452, 323, 504 व 506 के तहत पीड़ित राहुल, उसके पिता द्वारिका और भाई संतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। रात करीब 12.30 बजे लालाराम का डॉक्टरी मुआयना भी कराया गया। इस मामले की जांच गोला के सीओ टीपी सिंह को सौंपी गई है। 24 घंटे बीतने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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पीड़ित को आठ घंटे थाने पर रोके रही पुलिस
बिजुआ। गुलरिया गांव के दलित युवक राहुल को पहले दबंगों ने रस्सी में बांधकर सरेआम पीटा। उसका जुलूस निकाला। बाद में उसी हालत में दबंग उसे पुलिस के जिम्मे कर गए। बड़े अफसरों के दखल पर पीड़ित पक्ष की सुनवाई हो सकी। पुलिस युवक को आठ घंटे तक थाने पर ही रोके रही।
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पीड़ित पर ही हैं संगीन धाराएं
लखीमपुर/बिजुआ। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन अजय शुक्ला के अनुसार गुलरिया गांव की घटना में दर्ज दोनों मामलों में पीड़ित राहुल पक्ष की ओर से दर्ज मुकदमे में अगर एससी/एसटी एक्ट न होता तो दूसरे पक्ष की ओर से दर्ज मामले की धाराएं ही संगीन रहतीं।