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होमगार्ड जवानों के परिवार वालों को हत्या का शक
Lakhimpur
Updated Sun, 19 May 2013 05:31 AM IST
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परिवार वालों ने कहा जीप रोकने पर कुचला गया होगा
पुलिस ने जीप और सामान नहीं लिया कब्जे में
गोला गोकर्णनाथ। बेकाबू जीप से कुचलकर मारे गए होमगार्ड जवानों के परिवार वालों ने जीप चालक पर उनकी हत्या का शक जताया है। उनके अनुसार जीप को रोके जाने पर चालक ने दोनों जवानों को रौंद डाला होगा। इस घटना के 40 घंटे बीतने के बाद जीप और मृत होमगार्डों की साइकिलें, बैग घटनास्थल पर ही पड़े थे। इन्हें पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया था।
नगर की भारतभूषण कॉलोनी निवासी मृतक होमगार्ड दाताराम के पुत्र संदीप और इटौआ निवासी मृत होमगार्ड के पुत्र विकास ने बताया कि उनके पिता की रात गश्त विकास चौराहे से मोहम्मदी रोड तक थी। वह साइकिल पर गश्त पर थे। रात लगभग 11 बजे विकास चौराहे के पास जीप ने बाइक सवार कश्मीर सिंह को टक्कर मारकर घायल किया और मोहम्मदी रोड की ओर भागी। अखिलेश और विकास ने बताया कि संभव है कि जीप भागने की सूचना मोबाइल पर दी गई होगी। तब ड्यूटी पर मुश्तैद होमगार्डों ने जीप को रोकने का प्रयास किया होगा। चालक ने पकड़े जाने के भय से साइकिलों पर सवार होमगार्डों को ही कुचलकर मार डाला।
मृतक के परिवार वालाें का कहना है कि पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं बरती इसलिए मृतकों की साइकिलें, उनमें टंगे बैग, कपड़े और टोपी 40 घंटे बाद भी घटनास्थल पर ही पड़े थे। जीप भी घटनास्थल पर मौजूद थी। एक होमगार्ड शरीफ की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। संदीप और विकास ने कहा कि वह हत्या के संदेह की तहरीर पुलिस को देंगे।
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किसने मिटाई मोबाइल से काल डिटेल
गोलागोकर्णनाथ। मृतक होमगार्डों के बेटों का कहना है कि मृतक अखिलेश दीक्षित के पास मोबाइल नहीं था। दाताराम के पास मोबाइल था। दाताराम के पुत्र संदीप का कहना है कि उसे सीएचसी में पिता का मोबाइल दिया गया। इसमें आने और की जाने वाली काल का कोई भी विवरण अंकित नहीं है। उसने आशंका व्यक्त की है कि किसी ने काल डिटेल को डिलीट किया है जो संदेह पैदा करता है।
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होमगार्डों के परिवारों में कोहराम
कोई नहीं है कमाने वाला, कैसे चलेगा परिवार का खर्च
अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे अधिकारी, न मिली राहत
गोला गोकर्णनाथ। होमगार्ड अखिलेश दीक्षित और दाताराम की मौत से उनके घरों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का शुक्रवार की शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कोई भी अधिकारी सांत्वना या राहत राशि देने नहीं पहुंचा। दोनों परिवारों में कोई भी व्यक्ति कमाने वाला नहीं है।
अखिलेश दीक्षित ग्राम इटौवा थाना मोहम्मदी के निवासी थे। उनके दो पुत्र विकास (25)और पिंकू (21), बेटी आरती (22), पत्नी सुनीता और मां प्रेमा देवी हैं। गांव में डेढ़ एकड़ खेती की जमीन है, जो बड़े परिवार के हिसाब से काफी कम है। घर का अधिकतर खर्च अखिलेश की कमाई पर ही निर्भर था। वैसे विकास बीए है लेकिन बेरोजगार है। उसकी शादी हो चुकी है। दो साल की बेटी भी है।
दाताराम मूल रूप से ग्राम नंगापुर थाना हैदराबाद के मूल निवासी थे। इस समय वह परिवार सहित नगर की भारत भूषण कॉलोनी में निवास कर रहे थे। उनके परिवार में मां खेमनी देवी, पत्नी लौंगश्री उर्फ नन्हीं, इंटर उत्तीर्ण पुत्र संदीप (20), राजीव (17), पवन (15), अमन(12), त्राज्ञा (8) हैं। गांव में सिर्फ एक एकड़ कृषि भूमि है। एक बेटी अर्चना का विवाह तीन साल पहले हो चुका है। घर में कमाने वाले सिर्फ दाताराम ही थे। मृतकों के परिवार वालों ने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा दुख यह है कि कोई अधिकारी शोक व्यक्त करने तक नहीं पहुंचा।
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घटना में बर्बाद हो गया गरीब सुलेमान
गोला गोकर्णनाथ। जीप के पहियों तले कुचले गए दो होमगार्डों के साथ ही पंक्चर जोड़ने का काम करने वाला गरीब सुलेमान भी बर्बाद हो गया, उसका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है।
सुलेमान ने बताया कि वह थाना नीमगांव के अंतर्गत अमेठी गांव का निवासी है। गरीबी से तंग आकर गोला में उसने पंक्चर जोड़ने की दुकान यहां पर एक ठेला किराए पर लेकर खोली थी। यहां वह पंक्चर जोड़कर परिवार का पालन पोषण करता था। घटना में उसका ठेला पूरी तरह से जीप के तले आकर ध्वस्त हो गया। साथ ही इंजन, कंप्रेसर आदि बुरी तरह से टूट-फूट गए। शुक्रवार से वह खाली हाथ बैठा हुआ है। सुलेमान ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी हाशिमा, पुत्र सलमान (12), आयुष (4), बेटी मुस्कान (10) है। वह पश्चिमी दीक्षिताना में किराए के मकान में रहता है।
रोज कमाकर खाने वाले सुलेमान पर रोजी-रोटी का संकट आ पड़ा है। सुलेमान ने बताया कि वह भी पुलिस को तहरीर देगा।
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पुलिस ने जीप और सामान नहीं लिया कब्जे में
गोला गोकर्णनाथ। बेकाबू जीप से कुचलकर मारे गए होमगार्ड जवानों के परिवार वालों ने जीप चालक पर उनकी हत्या का शक जताया है। उनके अनुसार जीप को रोके जाने पर चालक ने दोनों जवानों को रौंद डाला होगा। इस घटना के 40 घंटे बीतने के बाद जीप और मृत होमगार्डों की साइकिलें, बैग घटनास्थल पर ही पड़े थे। इन्हें पुलिस ने कब्जे में नहीं लिया था।
नगर की भारतभूषण कॉलोनी निवासी मृतक होमगार्ड दाताराम के पुत्र संदीप और इटौआ निवासी मृत होमगार्ड के पुत्र विकास ने बताया कि उनके पिता की रात गश्त विकास चौराहे से मोहम्मदी रोड तक थी। वह साइकिल पर गश्त पर थे। रात लगभग 11 बजे विकास चौराहे के पास जीप ने बाइक सवार कश्मीर सिंह को टक्कर मारकर घायल किया और मोहम्मदी रोड की ओर भागी। अखिलेश और विकास ने बताया कि संभव है कि जीप भागने की सूचना मोबाइल पर दी गई होगी। तब ड्यूटी पर मुश्तैद होमगार्डों ने जीप को रोकने का प्रयास किया होगा। चालक ने पकड़े जाने के भय से साइकिलों पर सवार होमगार्डों को ही कुचलकर मार डाला।
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मृतक के परिवार वालाें का कहना है कि पुलिस ने कोई सक्रियता नहीं बरती इसलिए मृतकों की साइकिलें, उनमें टंगे बैग, कपड़े और टोपी 40 घंटे बाद भी घटनास्थल पर ही पड़े थे। जीप भी घटनास्थल पर मौजूद थी। एक होमगार्ड शरीफ की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। संदीप और विकास ने कहा कि वह हत्या के संदेह की तहरीर पुलिस को देंगे।
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किसने मिटाई मोबाइल से काल डिटेल
गोलागोकर्णनाथ। मृतक होमगार्डों के बेटों का कहना है कि मृतक अखिलेश दीक्षित के पास मोबाइल नहीं था। दाताराम के पास मोबाइल था। दाताराम के पुत्र संदीप का कहना है कि उसे सीएचसी में पिता का मोबाइल दिया गया। इसमें आने और की जाने वाली काल का कोई भी विवरण अंकित नहीं है। उसने आशंका व्यक्त की है कि किसी ने काल डिटेल को डिलीट किया है जो संदेह पैदा करता है।
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होमगार्डों के परिवारों में कोहराम
कोई नहीं है कमाने वाला, कैसे चलेगा परिवार का खर्च
अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे अधिकारी, न मिली राहत
गोला गोकर्णनाथ। होमगार्ड अखिलेश दीक्षित और दाताराम की मौत से उनके घरों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शवों का शुक्रवार की शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कोई भी अधिकारी सांत्वना या राहत राशि देने नहीं पहुंचा। दोनों परिवारों में कोई भी व्यक्ति कमाने वाला नहीं है।
अखिलेश दीक्षित ग्राम इटौवा थाना मोहम्मदी के निवासी थे। उनके दो पुत्र विकास (25)और पिंकू (21), बेटी आरती (22), पत्नी सुनीता और मां प्रेमा देवी हैं। गांव में डेढ़ एकड़ खेती की जमीन है, जो बड़े परिवार के हिसाब से काफी कम है। घर का अधिकतर खर्च अखिलेश की कमाई पर ही निर्भर था। वैसे विकास बीए है लेकिन बेरोजगार है। उसकी शादी हो चुकी है। दो साल की बेटी भी है।
दाताराम मूल रूप से ग्राम नंगापुर थाना हैदराबाद के मूल निवासी थे। इस समय वह परिवार सहित नगर की भारत भूषण कॉलोनी में निवास कर रहे थे। उनके परिवार में मां खेमनी देवी, पत्नी लौंगश्री उर्फ नन्हीं, इंटर उत्तीर्ण पुत्र संदीप (20), राजीव (17), पवन (15), अमन(12), त्राज्ञा (8) हैं। गांव में सिर्फ एक एकड़ कृषि भूमि है। एक बेटी अर्चना का विवाह तीन साल पहले हो चुका है। घर में कमाने वाले सिर्फ दाताराम ही थे। मृतकों के परिवार वालों ने कहा कि उन्हें सबसे बड़ा दुख यह है कि कोई अधिकारी शोक व्यक्त करने तक नहीं पहुंचा।
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घटना में बर्बाद हो गया गरीब सुलेमान
गोला गोकर्णनाथ। जीप के पहियों तले कुचले गए दो होमगार्डों के साथ ही पंक्चर जोड़ने का काम करने वाला गरीब सुलेमान भी बर्बाद हो गया, उसका धंधा पूरी तरह से चौपट हो गया है।
सुलेमान ने बताया कि वह थाना नीमगांव के अंतर्गत अमेठी गांव का निवासी है। गरीबी से तंग आकर गोला में उसने पंक्चर जोड़ने की दुकान यहां पर एक ठेला किराए पर लेकर खोली थी। यहां वह पंक्चर जोड़कर परिवार का पालन पोषण करता था। घटना में उसका ठेला पूरी तरह से जीप के तले आकर ध्वस्त हो गया। साथ ही इंजन, कंप्रेसर आदि बुरी तरह से टूट-फूट गए। शुक्रवार से वह खाली हाथ बैठा हुआ है। सुलेमान ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी हाशिमा, पुत्र सलमान (12), आयुष (4), बेटी मुस्कान (10) है। वह पश्चिमी दीक्षिताना में किराए के मकान में रहता है।
रोज कमाकर खाने वाले सुलेमान पर रोजी-रोटी का संकट आ पड़ा है। सुलेमान ने बताया कि वह भी पुलिस को तहरीर देगा।