{"_id":"121-61076","slug":"Lakhimpur-61076-121","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों, डाकघरों, बीएसएनएल में लटके रहे ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों, डाकघरों, बीएसएनएल में लटके रहे ताले
Lakhimpur
Updated Fri, 22 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोडवेज का चक्का जाम, यात्री हुए परेशान
बैंकिंग कारोबार ठप, व्यापार भी प्रभावित
सिटी रिपोर्टर
लखीमपुर खीरी। केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर दूसरे दिन गुरुवार को भी बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारत संचार निगम, डाक और रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल रखी। हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बीएसएनएल और डाक विभाग की हड़ताल से संचार सेवाएं प्रभावित हुईं। उधर, रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से बसों का चक्का जाम रहा। यात्री इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शहर की सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के दमनात्मक रवैये के प्रति अपना रोष व्यक्त किया। यूएफबीयू की स्थानीय इकाई के संयोजक महेश चंद्र जायसवाल, अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
बैंक कर्मियों के नेता महेश चंद्र जायसवाल, प्रमोद कुमार शर्मा, अतुल मेहरोत्रा, संजय कुमार बंसल, राजेंद्र शुक्ल, पवन गुप्ता, चंद्र शेखर मिश्रा, सुरेश भट्ट, केएस चीमा, आरके बडोला, अतुल मेहरोत्रा, कुंदन कुमार, अमर खत्री, शिव कुमार नीरज, नीलेश गुप्ता, रमेश कुमार सिंह आदि ने मांगों के निस्तारण की त्वरित मांग करते हुए बैंकों में आउट सोर्सिंग रोकने, महंगाई नियंत्रण, अधिकारियों के बैंक कार्यकाल को नियमित करने, त्वरित वेतन समझौता, खंडेलवाल समिति की सिफारिशों को रद्द करने, अनुकंपागत नियुक्तियों को शुरू करने और पेंशन नीति में सुधार पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
हड़ताल के कारण राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ सहकारी बैंकों के भी शटर डाउन रहे। इस मौके पर राजेंद्र जायसवाल, संजीव सिंह, रामजी मेहरोत्रा, राम सेवक, पंकज पुरी, अंकुर राज, संजय मेहरोत्रा, अमिताभ जलोटा, राघवेंद्र पांडे, मनोज, अभिषेक, राजन, एमएसए सिद्दीकी, ऋषि मिश्रा, सोने लाल, रविंद्र कुमार, संतोष कुमार, आशीष, सुप्रभात और एएस सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
000
डाकघरों में भी लटके रहे ताले
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में खीरी मंडल के डाक कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। इससे प्रधान डाकघर और उप डाकघरों में ताले लटके रहे। ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन ग्रुप सी और नेशनल पोस्टल इंपलाइज यूनियन ग्रुप सी और पोस्टमैन के पदाधिकारियों राम लोटन मिश्र, पीके सिंह, ओपी वर्मा, एचएस द्विवेदी, विक्रम वर्मा, आरसी वर्मा, रामगोपाल वर्मा ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर के सामने प्रदर्शन भी किया।
000
रोडवेज की हड़ताल से परेशान हुए यात्री
दो दिन से चल रही रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से बस यात्रियों का बुरा हाल रहा। जिन स्थानों के लिए ट्रेन का आवागमन नहीं है वे लोग अपनी जगह पर फंस कर रह गए। ट्रेनों में भी काफी भीड़भाड़ रही। अपने गंतव्य तक पहुंचने केलिए यात्रियों को अधिक किराया खर्च कर टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज बस स्टेशन पर तमाम यात्री अपना सामान लिए इधर-उधर भटकते देखे गए।
000
सरकार की दमनात्मक कार्रवाई की निंदा
भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार के पुलिसिया दमन की तीव्र निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया और गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नोएडा में मजदूरों की तोड़फोड़ की कार्रवाई सरकार द्वारा पूंजीपतियों के पक्ष में श्रम कानूनों के उल्लंघन का परिणाम है। उन्हाेंने मांग की कि श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए।
000
हड़ताल से लेनदेन प्रभावित
बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक और रोडवेज की हड़ताल के चलते अरबों रुपये का लेनदेन और करीब 125 करोड़ के क्लिीयरिंग का कारोबार ठप रहा। डाकघर और बीएसएनएल कार्यालय में टेलीफोन बिल नहीं जमा हो पाए। न ही भारतीय जीवन बीमा निगम में किश्त जमा करने का और क्लेम का काम हुआ। डाकघरों में बचत और डाक भेजने का काम भी ठप रहा।
विज्ञापन
बैंकिंग कारोबार ठप, व्यापार भी प्रभावित
सिटी रिपोर्टर
लखीमपुर खीरी। केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर दूसरे दिन गुरुवार को भी बैंक, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारत संचार निगम, डाक और रोडवेज कर्मियों ने हड़ताल रखी। हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बीएसएनएल और डाक विभाग की हड़ताल से संचार सेवाएं प्रभावित हुईं। उधर, रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से बसों का चक्का जाम रहा। यात्री इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर शहर की सभी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल के दूसरे दिन जोरदार प्रदर्शन करते हुए सरकार के दमनात्मक रवैये के प्रति अपना रोष व्यक्त किया। यूएफबीयू की स्थानीय इकाई के संयोजक महेश चंद्र जायसवाल, अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
बैंक कर्मियों के नेता महेश चंद्र जायसवाल, प्रमोद कुमार शर्मा, अतुल मेहरोत्रा, संजय कुमार बंसल, राजेंद्र शुक्ल, पवन गुप्ता, चंद्र शेखर मिश्रा, सुरेश भट्ट, केएस चीमा, आरके बडोला, अतुल मेहरोत्रा, कुंदन कुमार, अमर खत्री, शिव कुमार नीरज, नीलेश गुप्ता, रमेश कुमार सिंह आदि ने मांगों के निस्तारण की त्वरित मांग करते हुए बैंकों में आउट सोर्सिंग रोकने, महंगाई नियंत्रण, अधिकारियों के बैंक कार्यकाल को नियमित करने, त्वरित वेतन समझौता, खंडेलवाल समिति की सिफारिशों को रद्द करने, अनुकंपागत नियुक्तियों को शुरू करने और पेंशन नीति में सुधार पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग की।
विज्ञापन
हड़ताल के कारण राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ सहकारी बैंकों के भी शटर डाउन रहे। इस मौके पर राजेंद्र जायसवाल, संजीव सिंह, रामजी मेहरोत्रा, राम सेवक, पंकज पुरी, अंकुर राज, संजय मेहरोत्रा, अमिताभ जलोटा, राघवेंद्र पांडे, मनोज, अभिषेक, राजन, एमएसए सिद्दीकी, ऋषि मिश्रा, सोने लाल, रविंद्र कुमार, संतोष कुमार, आशीष, सुप्रभात और एएस सक्सेना समेत बड़ी संख्या में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
000
डाकघरों में भी लटके रहे ताले
राष्ट्रव्यापी हड़ताल में खीरी मंडल के डाक कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। इससे प्रधान डाकघर और उप डाकघरों में ताले लटके रहे। ऑल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन ग्रुप सी और नेशनल पोस्टल इंपलाइज यूनियन ग्रुप सी और पोस्टमैन के पदाधिकारियों राम लोटन मिश्र, पीके सिंह, ओपी वर्मा, एचएस द्विवेदी, विक्रम वर्मा, आरसी वर्मा, रामगोपाल वर्मा ने आंदोलन का नेतृत्व किया। कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर के सामने प्रदर्शन भी किया।
000
रोडवेज की हड़ताल से परेशान हुए यात्री
दो दिन से चल रही रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से बस यात्रियों का बुरा हाल रहा। जिन स्थानों के लिए ट्रेन का आवागमन नहीं है वे लोग अपनी जगह पर फंस कर रह गए। ट्रेनों में भी काफी भीड़भाड़ रही। अपने गंतव्य तक पहुंचने केलिए यात्रियों को अधिक किराया खर्च कर टैक्सी का सहारा लेना पड़ा। रोडवेज बस स्टेशन पर तमाम यात्री अपना सामान लिए इधर-उधर भटकते देखे गए।
000
सरकार की दमनात्मक कार्रवाई की निंदा
भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार के पुलिसिया दमन की तीव्र निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी बताया और गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नोएडा में मजदूरों की तोड़फोड़ की कार्रवाई सरकार द्वारा पूंजीपतियों के पक्ष में श्रम कानूनों के उल्लंघन का परिणाम है। उन्हाेंने मांग की कि श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए।
000
हड़ताल से लेनदेन प्रभावित
बैंक, बीमा, बीएसएनएल, डाक और रोडवेज की हड़ताल के चलते अरबों रुपये का लेनदेन और करीब 125 करोड़ के क्लिीयरिंग का कारोबार ठप रहा। डाकघर और बीएसएनएल कार्यालय में टेलीफोन बिल नहीं जमा हो पाए। न ही भारतीय जीवन बीमा निगम में किश्त जमा करने का और क्लेम का काम हुआ। डाकघरों में बचत और डाक भेजने का काम भी ठप रहा।