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वजीरनगर में बढ़ रहे डायरिया के मरीज
Lakhimpur
Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
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जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ने किया इलाज
गोला गोकर्णनाथ। बांकेगंज ब्लाक के ग्राम वजीर नगर में संक्रामक रोगों से प्रभावित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य कर्मियों के विरोध के बावजूद जिला मुख्यालय से आए चिकित्सकों ने रोगियों का परीक्षण कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला के लिए रेफर किया।
वजीरनगर में 23 सितंबर से शुरू हुए डायरिया के प्रकोप में दो लोगों की मौत के बाद डॉक्टरों की टीम ने कैंप नहीं किया। गांव में बीएचडब्ल्यू सीता मिश्रा, आशा, गायत्री देवी, कमला देवी और गेंदा देवी पूरा दिन गांव में रुककर उनके पास मौजूद दवाइयां वितरित कर रहीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बृजेंद्र मिश्रा स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग कर रहे हैं।
गांव में सरविंद (9), राजिंदर (45), दीपक (8), अंकित (3), ममता (10), पूनम (10), चांद (8), राजेश (18) नए मरीज बढ़ गए हैं। जिला चिकित्सालय से आए डॉ. डीके वर्मा ने गांव पहुंचकर रोगियों का उपचार किया।
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प्रभारी का एंबुलेंस देने से इंकार
गोला गोकर्णनाथ। वजीरनगर में रोगियों की हालत देख पूर्व प्रधानपति बिशंभर दयाल ने सीएचसी प्रभारी जीपी शर्मा से एंबुलेंस भेजने का अनुरोध किया, किंतु उन्होंने साफ मना कर दिया। इस पर डॉ. डीके वर्मा ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सीएमओ से संपर्क कर एंबुलेंस भिजवाने को कहा। उनके निर्देश पर वजीरनगर में काफी देर बाद एंबुलेंस भेजी गई। तब तक पीड़ित गांव में ही पड़े तड़पते रहे।
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सीएचसी में बैठने की सीटों पर पड़े हैं पीड़ित
गोला गोकर्णनाथ। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजे गए डायरिया के पीड़ितों की हालत खराब है। उन्हें भर्ती कर बैड के बजाए रोगियों के बैठने वाली सीमेंट की सीटों पर लिटाया गया है, जो जरा सा भी करवट लेने पर जमीन में गिर कर चोटहिल हो सकते हैं।
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गोला गोकर्णनाथ। बांकेगंज ब्लाक के ग्राम वजीर नगर में संक्रामक रोगों से प्रभावित रोगियों की संख्या बढ़ रही है। स्वास्थ्य कर्मियों के विरोध के बावजूद जिला मुख्यालय से आए चिकित्सकों ने रोगियों का परीक्षण कर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला के लिए रेफर किया।
वजीरनगर में 23 सितंबर से शुरू हुए डायरिया के प्रकोप में दो लोगों की मौत के बाद डॉक्टरों की टीम ने कैंप नहीं किया। गांव में बीएचडब्ल्यू सीता मिश्रा, आशा, गायत्री देवी, कमला देवी और गेंदा देवी पूरा दिन गांव में रुककर उनके पास मौजूद दवाइयां वितरित कर रहीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता बृजेंद्र मिश्रा स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग कर रहे हैं।
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गांव में सरविंद (9), राजिंदर (45), दीपक (8), अंकित (3), ममता (10), पूनम (10), चांद (8), राजेश (18) नए मरीज बढ़ गए हैं। जिला चिकित्सालय से आए डॉ. डीके वर्मा ने गांव पहुंचकर रोगियों का उपचार किया।
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प्रभारी का एंबुलेंस देने से इंकार
गोला गोकर्णनाथ। वजीरनगर में रोगियों की हालत देख पूर्व प्रधानपति बिशंभर दयाल ने सीएचसी प्रभारी जीपी शर्मा से एंबुलेंस भेजने का अनुरोध किया, किंतु उन्होंने साफ मना कर दिया। इस पर डॉ. डीके वर्मा ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सीएमओ से संपर्क कर एंबुलेंस भिजवाने को कहा। उनके निर्देश पर वजीरनगर में काफी देर बाद एंबुलेंस भेजी गई। तब तक पीड़ित गांव में ही पड़े तड़पते रहे।
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सीएचसी में बैठने की सीटों पर पड़े हैं पीड़ित
गोला गोकर्णनाथ। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजे गए डायरिया के पीड़ितों की हालत खराब है। उन्हें भर्ती कर बैड के बजाए रोगियों के बैठने वाली सीमेंट की सीटों पर लिटाया गया है, जो जरा सा भी करवट लेने पर जमीन में गिर कर चोटहिल हो सकते हैं।