{"_id":"1-41090","slug":"Lakhimpur-41090-121","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटा गोदाम का ताला, निकला बड़ा घोटाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटा गोदाम का ताला, निकला बड़ा घोटाला
Lakhimpur
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी कल्याण निगम की 1110 बोरियों में मिला गेहूं
- गेहूं के 1610 गैर सरकारी बोरे भी मिले
- करीब 6 हजार खाली बोरे और निगम का मार्का भी बरामद
पलियाकलां। पूर्व पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र गर्ग के गोदाम का ताला बुधवार को संचालकों के न आने पर एसडीएम ने तुड़वा दिया। जांच में गोदाम के भीतर 2720 गेहूं भरे बोरे मिले हैं जिसमें 1110 बोरे राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के मार्का वाले हैं। इसके साथ ही राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के करीब 6 हजार खाली बोरे, एक मार्का 50 कु ंटल खुला गेहूं भी बरामद किया गया है।
गौरतलब है कि सोमवार देर रात करीब दस बजे एसडीएम मनोज कुमार पांडे ने सीओ नितेश सिंह और एसओ आरबी सिंह के साथ नगर पालिका रोड स्थित पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र के गोदाम पर छापा मारा था, लेकिन गोदाम में बाहर से ताला पड़ा होने के चलते वह भीतर नहीं जा सके थे। संचालकों केे काफी देर इंतजार के बाद न आने और काफी रात हो जाने के कारण एसडीएम ने जिलाधिकारी के आदेश पर गोदाम सरकारी ताले डालकर सील कर दिया था, गोदाम मंगलवार को खोला जाना था, लेकिन एसडीएम के बाहर होने के कारण ताला नहीं खुल सका था। बुधवार को सुबह 11.45 बजे एसडीएम सीओ और एसओ के साथ गोदाम पहुंचे और एक बार फिर से उन्होंने मिल संचालक को बुलवाया, लेकिन वह नहीं आए तो ताला तोड़ दिया गया। भीतर बने कई गोदामों में 2720 बोरे गेहूं मिला, जिसमें करीब 1110 बोरी गेेहूं राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के बोरों में था और 1610 बोरे गेहूं गैर सरकारी बोरों में। इसके अलावा करीब 50 कुंटल गेहूं खुला पड़ा था। जांच के दौरान बोरों के पास राज्य कर्मचारी कल्याण निगम का एक मार्का कोड संख्या 05/21/07 और रंग भरी बाल्टी भी मिली। इससे साबित हो रहा है कि यहां बोरों पर मार्किंग भी की जाती थी। फिलहाल एसडीएम ने कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरा मामला बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी का साबित हुआ है। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी को बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान तहसीलदार रामकुमार, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, मंडी सचिव अकरम खां, पूर्तिलिपिक रजनीश समेत तमाम अफसरान मौजूद रहे।
000
रुई, झाड़ू, सींक आदि भी मिला
गोदाम में बड़े पैमाने पर रुई की गांठें और झाड़ू की सींक के बंडल भी मिले। एसडीएम ने फौरान ही ब्रिकी कर विभाग के एसी कृष्णवीर यादव और डीसी हदय नरायन को बुलवा लिया। जांच में पाया गया कि यह गोदाम एक व्यापारी का है। व्यापारी को मौके पर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
000
गोदाम का नहीं था कोई रजिस्ट्रेशन
गोदाम का कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं था इसकी पुष्टि मंडी समिति अधिकारियों ने की है। बताया जा रहा है संचालकों के पास जो रजिस्ट्रेशन था वह रामगोपाल नेकीराम के नाम से था और इसको 15 नंबर दुकान एलाट थी, जो उपभोक्ता भंडार को किराए पर दे दी गई है।
000
इंचार्ज पर हो सकती है कार्रवाई
एसडीएम ने पूरे मामले में राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को पाते हुए इसके जिला प्रबंधक जसवंत सिंह को यहां बुलवाया है। ताकि क्रय केंद्र के बोरों के स्टाक और संलिप्त्ता से पर्दा उठाया जा सके, लेकिन देरशाम तक जिला प्रबंधक यहीं नहीं पहुंचे थे। मामले में क्रय केंद्र इंचार्ज विनोद श्रीवास्तव पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने भी ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि यह जांच के बाद ही होगा।
000
व्यापार मंडल को रखा गया बाहर
ताला तुड़वाने के बाद एसडीएम ने मीडिया कर्मियों को छोड़ किसी को भीतर नहीं आने दिया। मौके पर पहुंचे तमाम व्यापारी नेता बाहर ही खड़े रहकर बैरंग लौटने पर मजबूर हुए।
विज्ञापन
- गेहूं के 1610 गैर सरकारी बोरे भी मिले
- करीब 6 हजार खाली बोरे और निगम का मार्का भी बरामद
पलियाकलां। पूर्व पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र गर्ग के गोदाम का ताला बुधवार को संचालकों के न आने पर एसडीएम ने तुड़वा दिया। जांच में गोदाम के भीतर 2720 गेहूं भरे बोरे मिले हैं जिसमें 1110 बोरे राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के मार्का वाले हैं। इसके साथ ही राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के करीब 6 हजार खाली बोरे, एक मार्का 50 कु ंटल खुला गेहूं भी बरामद किया गया है।
गौरतलब है कि सोमवार देर रात करीब दस बजे एसडीएम मनोज कुमार पांडे ने सीओ नितेश सिंह और एसओ आरबी सिंह के साथ नगर पालिका रोड स्थित पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र के गोदाम पर छापा मारा था, लेकिन गोदाम में बाहर से ताला पड़ा होने के चलते वह भीतर नहीं जा सके थे। संचालकों केे काफी देर इंतजार के बाद न आने और काफी रात हो जाने के कारण एसडीएम ने जिलाधिकारी के आदेश पर गोदाम सरकारी ताले डालकर सील कर दिया था, गोदाम मंगलवार को खोला जाना था, लेकिन एसडीएम के बाहर होने के कारण ताला नहीं खुल सका था। बुधवार को सुबह 11.45 बजे एसडीएम सीओ और एसओ के साथ गोदाम पहुंचे और एक बार फिर से उन्होंने मिल संचालक को बुलवाया, लेकिन वह नहीं आए तो ताला तोड़ दिया गया। भीतर बने कई गोदामों में 2720 बोरे गेहूं मिला, जिसमें करीब 1110 बोरी गेेहूं राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के बोरों में था और 1610 बोरे गेहूं गैर सरकारी बोरों में। इसके अलावा करीब 50 कुंटल गेहूं खुला पड़ा था। जांच के दौरान बोरों के पास राज्य कर्मचारी कल्याण निगम का एक मार्का कोड संख्या 05/21/07 और रंग भरी बाल्टी भी मिली। इससे साबित हो रहा है कि यहां बोरों पर मार्किंग भी की जाती थी। फिलहाल एसडीएम ने कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरा मामला बेहद गंभीर अपराध की श्रेणी का साबित हुआ है। राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के गेहूं क्रय केंद्र प्रभारी को बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान तहसीलदार रामकुमार, नायब तहसीलदार राकेश कुमार, मंडी सचिव अकरम खां, पूर्तिलिपिक रजनीश समेत तमाम अफसरान मौजूद रहे।
विज्ञापन
000
रुई, झाड़ू, सींक आदि भी मिला
गोदाम में बड़े पैमाने पर रुई की गांठें और झाड़ू की सींक के बंडल भी मिले। एसडीएम ने फौरान ही ब्रिकी कर विभाग के एसी कृष्णवीर यादव और डीसी हदय नरायन को बुलवा लिया। जांच में पाया गया कि यह गोदाम एक व्यापारी का है। व्यापारी को मौके पर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
000
गोदाम का नहीं था कोई रजिस्ट्रेशन
गोदाम का कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं था इसकी पुष्टि मंडी समिति अधिकारियों ने की है। बताया जा रहा है संचालकों के पास जो रजिस्ट्रेशन था वह रामगोपाल नेकीराम के नाम से था और इसको 15 नंबर दुकान एलाट थी, जो उपभोक्ता भंडार को किराए पर दे दी गई है।
000
इंचार्ज पर हो सकती है कार्रवाई
एसडीएम ने पूरे मामले में राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को पाते हुए इसके जिला प्रबंधक जसवंत सिंह को यहां बुलवाया है। ताकि क्रय केंद्र के बोरों के स्टाक और संलिप्त्ता से पर्दा उठाया जा सके, लेकिन देरशाम तक जिला प्रबंधक यहीं नहीं पहुंचे थे। मामले में क्रय केंद्र इंचार्ज विनोद श्रीवास्तव पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने भी ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि यह जांच के बाद ही होगा।
000
व्यापार मंडल को रखा गया बाहर
ताला तुड़वाने के बाद एसडीएम ने मीडिया कर्मियों को छोड़ किसी को भीतर नहीं आने दिया। मौके पर पहुंचे तमाम व्यापारी नेता बाहर ही खड़े रहकर बैरंग लौटने पर मजबूर हुए।