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आश्रम पद्धति विद्यालय में बनाई गई भोजन टीम
Lakhimpur
Updated Wed, 03 Sep 2014 05:31 AM IST
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प्रतिदिन चार बालिकाओं की देखरेख में बनेगा खाना
मोहम्मदी। ब्लाक के साहबगंज ग्रंट गांव स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में मंगलवार को बच्चों और शिक्षिकाओं की टीम बनाकर खाने का इंतजाम किया गया। स्कूल के अधीक्षक रामलला के अनुसार स्कूल की छात्रा भगवान दीन की पुत्री शबनम, महिपाल की पुत्री शबनम, मधुमिता, किरन और शिक्षिकाएं सुनीता और अनीता को भोजन टीम में मनोनीत किया गया है।
रामलला ने बताया कि प्रतिदिन चार लड़कियां हर कक्षा से भोजन टीम में चुनी जाएंगी जो पहले भोजन का निरीक्षण करेंगी तभी सभी बच्चे भोजन करेंगे। अधीक्षक के अनुसार पुराना आटा फिंकवा दिया गया है तथा चावलों को साफ कराया गया, ताकि बच्चों को कोई शिकायत न रहे। मंगलवार को बच्चों ने रोटी सब्जी बनवाई और कहा कि जब तक नई दाल नहीं आएगी तब तक वे पुरानी दाल नहीं खाएंगे।
इस आवासीय स्कूल में अधीक्षक के अलावा दो शिक्षिकाएं, 480 बच्चे, वार्ड वाइफ, चपरासी, दो चौकीदार, दो होम गार्ड रहते हैं। बताया गया कि यहां एक कर्मचारी सपरिवार रहता है जिसके बच्चे बड़े हैं तथा कोई न कोई रिश्तेदार आता रहता है। यह स्कूल केवल बालिकाओं का आवासीय स्कूल है। रोक के बावजूद कुछ लोग यहां आते रहते हैं।
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मालूम हो कि खराब खाने को लेकर स्कूल की छात्राएं सोमवार से भड़की हुई थीं एसडीएम और समाज कल्याण अधिकारी के वहां पहुंचने तथा आश्वासन पर बच्चे शांत हुए थे।
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मोहम्मदी। ब्लाक के साहबगंज ग्रंट गांव स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में मंगलवार को बच्चों और शिक्षिकाओं की टीम बनाकर खाने का इंतजाम किया गया। स्कूल के अधीक्षक रामलला के अनुसार स्कूल की छात्रा भगवान दीन की पुत्री शबनम, महिपाल की पुत्री शबनम, मधुमिता, किरन और शिक्षिकाएं सुनीता और अनीता को भोजन टीम में मनोनीत किया गया है।
रामलला ने बताया कि प्रतिदिन चार लड़कियां हर कक्षा से भोजन टीम में चुनी जाएंगी जो पहले भोजन का निरीक्षण करेंगी तभी सभी बच्चे भोजन करेंगे। अधीक्षक के अनुसार पुराना आटा फिंकवा दिया गया है तथा चावलों को साफ कराया गया, ताकि बच्चों को कोई शिकायत न रहे। मंगलवार को बच्चों ने रोटी सब्जी बनवाई और कहा कि जब तक नई दाल नहीं आएगी तब तक वे पुरानी दाल नहीं खाएंगे।
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इस आवासीय स्कूल में अधीक्षक के अलावा दो शिक्षिकाएं, 480 बच्चे, वार्ड वाइफ, चपरासी, दो चौकीदार, दो होम गार्ड रहते हैं। बताया गया कि यहां एक कर्मचारी सपरिवार रहता है जिसके बच्चे बड़े हैं तथा कोई न कोई रिश्तेदार आता रहता है। यह स्कूल केवल बालिकाओं का आवासीय स्कूल है। रोक के बावजूद कुछ लोग यहां आते रहते हैं।
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मालूम हो कि खराब खाने को लेकर स्कूल की छात्राएं सोमवार से भड़की हुई थीं एसडीएम और समाज कल्याण अधिकारी के वहां पहुंचने तथा आश्वासन पर बच्चे शांत हुए थे।