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Lakhimpur Kheri News: नेपाल के चुनाव में लगाए जाएंगे सेना के 80 हजार जवान, बनाई गई योजना
Mon, 12 Jan 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:09 PM IST
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निष्पक्ष चुनाव कराने को मुस्तैद नेपाली सेना।संवाद
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में लोकतंत्र के महापर्व प्रतिनिधि सभा निर्वाचन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पांच मार्च को होने वाले मतदान को निष्पक्ष शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए इस बार नेपाली सेना ने कमान संभाल ली है। सरकार की एकीकृत सुरक्षा योजना के तहत इस चुनाव में करीब 80 हजार सैन्य जवानों की तैनाती की जाएगी।
नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं सहायक रथी मेजर जनरल राजाराम बस्नेत ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने सेना के परिचालन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। राष्ट्रपति के औपचारिक आदेश के साथ ही चुनाव से ठीक एक महीने पहले सेना के जवान मैदान में उतर जाएंगे।
स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना ने थ्री-लेयर सुरक्षा योजना तैयार की है। मतदान के दिन सेना के जवान सुरक्षा के तीसरे घेरे में तैनात रहेंगे, जो मतदाताओं और चुनाव कर्मियों को बाहरी खतरों से सुरक्षा प्रदान करेंगे।
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इसके अलावा, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल एपीएफ के साथ समन्वय कर एयरपोर्ट, कारागार और जिले के महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सेना के पास होगी। मतपत्रों की छपाई की सुरक्षा से लेकर मतदान केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने और मतदान के बाद मतपेटियों को सुरक्षित मतगणना स्थल तक ले जाने की पूरी जिम्मेदारी सेना की होगी।
राजाराम बस्नेत ने कहा कि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों को रोकने के लिए अभी से सुरक्षा गोष्ठियां की जा रही हैं और स्थानीय स्तर पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।
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नेपाली सेना के प्रवक्ता एवं सहायक रथी मेजर जनरल राजाराम बस्नेत ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने सेना के परिचालन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। राष्ट्रपति के औपचारिक आदेश के साथ ही चुनाव से ठीक एक महीने पहले सेना के जवान मैदान में उतर जाएंगे।
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स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना ने थ्री-लेयर सुरक्षा योजना तैयार की है। मतदान के दिन सेना के जवान सुरक्षा के तीसरे घेरे में तैनात रहेंगे, जो मतदाताओं और चुनाव कर्मियों को बाहरी खतरों से सुरक्षा प्रदान करेंगे।
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इसके अलावा, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल एपीएफ के साथ समन्वय कर एयरपोर्ट, कारागार और जिले के महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सेना के पास होगी। मतपत्रों की छपाई की सुरक्षा से लेकर मतदान केंद्रों तक सामग्री पहुंचाने और मतदान के बाद मतपेटियों को सुरक्षित मतगणना स्थल तक ले जाने की पूरी जिम्मेदारी सेना की होगी।
राजाराम बस्नेत ने कहा कि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों को रोकने के लिए अभी से सुरक्षा गोष्ठियां की जा रही हैं और स्थानीय स्तर पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।