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प्रोन्नत होंगे हाईस्कूल के 49055 छात्र-छात्राएं

Sun, 30 May 2021 11:47 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 11:47 PM IST
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49055 students of high school will be promoted
यूपी बोर्ड : कोरोना संक्रमण के कारण योगी सरकार के परीक्षा निरस्त करने के निर्णय से मेधावी निराश
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यूपी बोर्ड ने छात्र-छात्राओं के कक्षा नौ और प्रीबोर्ड परीक्षा में मिले प्राप्तांक वेबसाइट पर अपलोड कराए
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने माध्यमिक शिक्षा परिषद 2021 की हाईस्कूल परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के करीब 49055 छात्र-छात्राएं अब सीधे प्रोन्नत किए जाएंगे। यूपी बोर्ड ने छात्र-छात्राओं के कक्षा नौ और प्रीबोर्ड परीक्षा में मिले प्राप्तांक वेबसाइट पर अपलोड कराए हैं। परीक्षा निरस्त होने के आदेश से मेधावी विद्यार्थियों में मायूसी है।
कोरोना संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन से बच्चों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है। पिछले साल से अब तक स्कूलों में विधिवत पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता और तीसरी की आशंका को लेकर प्रदेश सरकार ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने और इंटरमीडिएट की परीक्षा हालात सामान्य होने पर कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं को पास करने के लिए उनके अर्द्धवार्षिक व प्री बोर्ड परीक्षा के अंक वेबसाइट पर अपलोड करवा रहा है।
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उम्मीदों पर फिरा पानी
मेधावी बच्चे मेरिट लिस्ट में नाम लाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे थे, मगर शासन के इस निर्णय ने उन्हें निराश कर दिया है। मेधावी बताते हैं कि पहले तो मालूम नहीं था कि प्री बोर्ड और अर्द्धवार्षिक परीक्षा के आधार पर अंक मिलेंगे। इसलिए इन परीक्षाओं में जो कमियां रह गई थीं उन्हें दूर करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे, मगर अब उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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कक्षा पंजीकृत छात्र
नौ 46195
10 49055
11 35771

भले ही सरकार ने कोरोना संक्रमण के कारण हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा रद्द की हो, लेकिन यह निर्णय उचित नहीं है। मेधावियों के लिए तो यह निर्णय कतई सही नहीं कहा जा सकता। कारण, प्रोन्नत में औसत नंबर मिलेंगे, जबकि परीक्षा होने पर मेधावी इससे अधिक नंबर लाते। इंटर की परीक्षा जब होगी तो उसके साथ हाईस्कूल की भी करा देते तो उचित रहता।
- अवध किशोर, अभिभावक

हमें अपनी पढ़ाई और मेहनत पर पूरा भरोसा है, मगर हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा रद्द होने से हमें धक्का लगा है। कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश सरकार का परीक्षा रद्द करने का निर्णय सही है, लेकिन जब इंटरमीडिएट परीक्षा कराई जाए तो इसके साथ हाईस्कूल की भी तो कराई जा सकती थी। इससे हमारी तैयारी पर पानी तो नहीं फिरता।
-कनक मिश्रा, छात्रा, कक्षा 10, गुप्ता कॉलोनी

हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य को देखते हुए उचित नहीं है। संक्रमण से बचाव के निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षाएं करा लेनी चाहिए थी। परीक्षा से विद्यार्थी की प्रतिभा का मूल्यांकन होता है।
- आराधना वर्मा, हाईस्कूल की जिला टॉपर वर्ष-2019

पूरे साल ऑनलाइन पढ़ाई कर परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे थे। कोचिंग अलग से की, मगर शासन ने परीक्षा ही रद्द कर दी। पहली बार बोर्ड परीक्षा देने की जो खुशी थी वो भी मायूसी में बदल गई है। प्रोन्नत में पिछले अंक देखकर नंबर मिलते हैँ। जबकि बोर्ड परीक्षा को लेकर मेहनत ज्यादा करते हैँ।
- निदा बानो, मितौली

साल भर स्कूल बंद होने से पढ़ाई बाधित रही। घर पर रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। सरकार ने संक्रमण से बचाने के लिए प्रोन्नत का जो निर्णय लिया है, उससे खुशी भी है, मगर परीक्षा परिणाम से हम अपनी मेहनत का आंकलन नहीं कर सकेंगे।
- खुशी नाग, धौरहरा

कोरोना का सबसे बुरा असर हमारी पढ़ाई पर पड़ा है। पिछले साल से स्कूल बंद होने के कारण पढ़ाई नहीं हो सकी। शिक्षकों की मदद से घर पर रहकर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा निरस्त होने से हमें हमारी बौद्धिक क्षमता की जानकारी नहीं हो पाएगी।
- विशाल, धौरहरा

बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए विधिवित तैयारी कर रहे थे, मगर सरकार ने परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लेकर उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि संक्रमण को देखते हुए निर्णय भी ठीक है। इससे कोरोना काल में घर से बाहर निकलना नहीं होगा, लेकिन मेहनत के अनुसार नंबर न मिलने का अफ़सोस भी रहेगा।
- आध्या पांडेय, पलियाकलां

विद्यालय प्रबंधक बोले...
छात्रों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए ही सरकार ने परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। मगर, इससे मेधावियों का नुकसान होगा। नौवीं एवं प्रीबोर्ड परीक्षा में मिले अंक के अनुसार प्रोन्नत में नंबर मिलेंगे, जबकि प्री बोर्ड की गलतियों को दूर करने के लिए छात्र जी तोड़ मेहनत कर रहे थे।

- राकेश वर्मा, प्रबंधक, आरएम ज्ञान दायिनी इंटर कॉलेज

वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार का निर्णय सही है। कोरोना काल में परीक्षा कराने का जोखिम लेना सही नहीं है। वैसे भी नई शिक्षा नीति में हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा को समाप्त करने का प्रावधान किया जा रहा है। हालांकि परीक्षा निरस्त होने से मेधावियों में निराशा है।
- शिप्रा वाजपेयी, सनातन धर्म बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
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