{"_id":"5b323d094f1c1bf36e8ba0e2","slug":"41530019081-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":".. तो अब जंगल में पानी के लिए नही भटकेंगे बाघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
.. तो अब जंगल में पानी के लिए नही भटकेंगे बाघ
Updated Tue, 26 Jun 2018 06:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तो अब पानी के लिए जंगल में नही भटकेंगे बाघ
बफरजोन की मैलानी रेंज में टैंकरों से जंगल के छोटे वॉटर होल में भरा जाएगा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। इस समय गर्मी और कड़ी धूप से जंगल के ताल-तलैय्या और जलाशय सूख गए हैं। जंगल के अंदर रहने वाले बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। अब उनकी सहूलियत के लिए बफरजोन मैलानी रेंज की तीन बीटों में बने छोटे वाटर होल में टैंकरों के जरिए पानी भरवाया जाएगा। इसकी तैयारियां जोरों से चल रही हैं।
मैलानी रेंज अंतर्गत भरगिवां, खरेहटा और जटपुरा बीट जंगल के अंदर छोटे वाटर होल पानी के अभाव में सूखे पड़े हैं। इससे जंगल के अंदर रहने वाले बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। यही वजह है कि जंगल में पानी न मिलने पर बाघ बाहर निकल रहे हैं। इसी क्रम में 12 जून को जटपुरा बीट में जंगल से सटे खेत में मवेशी चरा रहे हरदुआ गांव निवासी रामप्रसाद पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। सलेमपुर बीट में सोमवार अल सुबह एक बाघ खेतों में भरे पानी को पीने के लिए निकला और खेत की ओर जा रही महिलाओं को भयभीत होकर वहां से भागना पड़ा। इंसानों और मवेशियों पर हो रहे बाघ के हमलों को लेकर वन विभाग गंभीर हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी और ट्रेनी आईएफएस प्रखर मिश्र ने बताया कि यदि एक दो दिनों में बारिश नहीं होती तो रेंज की तीन बीटों क्रमश: जटपुरा, खरेहटा और भरगिवां जंगल में बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए छोटे वाटर होल में टैंकरों के जरिए पानी भरवाया जाएगा। इन वाटर होल में पानी भरने के बाद प्यास लगने पर बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी की तलाश में जंगल के बाहर नहीं आना पड़ेगा।
खेतों में भरे पानी को पीने से बाघों की सेहत को पहुंचेगा नुकसान
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह का मानना है कि इस समय पड़ रही गर्मी और कड़ी धूप से धान की पौध और गन्ना की फसल को सूखने से बचाने के लिए किसान खेतों में पानी भर रहे हैं। गर्मियों के दौरान फसलों में लगने वाले कीटों से बचाव के लिए वे पानी में कीटनाशाक का भी इस्तेमाल करते हैं। कीटनाशक युक्त पानी पीकर बाघ गंभीर बीमार हो सकते हैं। खेतों में भरा पानी पीना बाघों की सेहत के लिए काफी नुकसान देय साबित हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बफरजोन की मैलानी रेंज में टैंकरों से जंगल के छोटे वॉटर होल में भरा जाएगा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। इस समय गर्मी और कड़ी धूप से जंगल के ताल-तलैय्या और जलाशय सूख गए हैं। जंगल के अंदर रहने वाले बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। अब उनकी सहूलियत के लिए बफरजोन मैलानी रेंज की तीन बीटों में बने छोटे वाटर होल में टैंकरों के जरिए पानी भरवाया जाएगा। इसकी तैयारियां जोरों से चल रही हैं।
मैलानी रेंज अंतर्गत भरगिवां, खरेहटा और जटपुरा बीट जंगल के अंदर छोटे वाटर होल पानी के अभाव में सूखे पड़े हैं। इससे जंगल के अंदर रहने वाले बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। यही वजह है कि जंगल में पानी न मिलने पर बाघ बाहर निकल रहे हैं। इसी क्रम में 12 जून को जटपुरा बीट में जंगल से सटे खेत में मवेशी चरा रहे हरदुआ गांव निवासी रामप्रसाद पर हमला कर उसे गंभीर घायल कर दिया था। सलेमपुर बीट में सोमवार अल सुबह एक बाघ खेतों में भरे पानी को पीने के लिए निकला और खेत की ओर जा रही महिलाओं को भयभीत होकर वहां से भागना पड़ा। इंसानों और मवेशियों पर हो रहे बाघ के हमलों को लेकर वन विभाग गंभीर हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी और ट्रेनी आईएफएस प्रखर मिश्र ने बताया कि यदि एक दो दिनों में बारिश नहीं होती तो रेंज की तीन बीटों क्रमश: जटपुरा, खरेहटा और भरगिवां जंगल में बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए छोटे वाटर होल में टैंकरों के जरिए पानी भरवाया जाएगा। इन वाटर होल में पानी भरने के बाद प्यास लगने पर बाघ और अन्य वन्यजीवों को पानी की तलाश में जंगल के बाहर नहीं आना पड़ेगा।
विज्ञापन
खेतों में भरे पानी को पीने से बाघों की सेहत को पहुंचेगा नुकसान
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. वीपी सिंह का मानना है कि इस समय पड़ रही गर्मी और कड़ी धूप से धान की पौध और गन्ना की फसल को सूखने से बचाने के लिए किसान खेतों में पानी भर रहे हैं। गर्मियों के दौरान फसलों में लगने वाले कीटों से बचाव के लिए वे पानी में कीटनाशाक का भी इस्तेमाल करते हैं। कीटनाशक युक्त पानी पीकर बाघ गंभीर बीमार हो सकते हैं। खेतों में भरा पानी पीना बाघों की सेहत के लिए काफी नुकसान देय साबित हो सकता है।
विज्ञापन