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4142 मीट्रिक टन यूरिया बफर गोदाम में पहुंची
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khad
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारी बोले, चक्रानुक्रम आधार पर समितियों में भेजी जा रही है खाद
लखीमपुर खीरी। रबी सीजन में पिछले वर्षों की भांति यूरिया की किल्लत न होने पाए इसके लिए सहकारिता विभाग ने यूरिया को प्रीपोजिशनिंग स्टॉक (बफर गोदाम) में पहुंचाना शुरू कर दिया है। 4142 मीट्रिक टन यूरिया बफर गोदाम में पहुंच चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, चक्रानुक्रम आधार पर इसे समितियों में भेजा जा रहा है।
जनपद में रबी सीजन (एक अक्तूबर से 31 मार्च 2022 तक) में सहकारी समितियों के माध्यम से खाद आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें 26377 मीट्रिक टन यूरिया के सापेक्ष 2983 मीट्रिक टन यूरिया समितियों पर भेजी जा चुकी है। 4902 मीट्रिक टन डीएपी वितरण का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 3979 मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति समितियों पर भेजी जा चुकी है। ऐसे ही 12725 मीट्रिक टन एनपीके आपूर्ति का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 7389 मीट्रिक टन आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अलावा 4142 मीट्रिक टन यूरिया पीसीएफ के बफर गोदाम में प्रीपोजिशनिंग स्टॉक के तौर पर भंडारित की गई है, जो निसंदेह सहकारिता विभाग का अच्छा कदम रहा है। क्योंकि पिछले वर्ष प्रीपोजिशनिंग स्टॉक में यूरिया न होने से किल्लत की स्थिति बनी थी, लेकिन इस वर्ष किल्लत होने के आसार न के बराबर है। सीजन की शुरुआत में कुछ दिनों तक फास्फेटिक खादों की किल्लत हुई थी, लेकिन अब सुचारू रुप से वितरण किया जा रहा है। गेहूं में पहली सिंचाई के साथ ही यूरिया की डिमांड अचानक बढ़ेगी, जिससे यूरिया की एकाएक किल्लत का सामना करना पड़ता है।
एआर कोआपरेटिव सूर्य नारायण मिश्रा ने बताया कि 132 समितियों में खाद आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एडीओ कोआपरेटिव व सचिवों को जोड़ा गया है, जिसमें खाद की डिमांड की सूचना के तौर पर सचिव मेसेज भेजते हैं। समितियों में डिमांड व जरूरत के आधार पर खाद की आपूर्ति कराई जा रही है। गुड फॉर पेमेंट चेक के आधार पर खाद भेजी जा रही है, जिस पर समिति की क्षमता की बावत संबंधित ब्रांच मैनेजर हस्ताक्षर कर प्रमाणित करता है।
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जनपद में खादों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। इस वर्ष प्रीपोजिशनिंग स्टॉक में 4142 मीट्रिक टन यूरिया पहुंच गई है। इससे समितियों पर यूरिया भेजने में देरी नहीं होगी और रैक के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में डीएपी व एनपीके की आपूर्ति की जा रही है, जिसके लिए समय पर रैक से आपूर्ति मिल रही है।
- सूर्य नारायण मिश्रा, एआर कोआपरेटिव
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लखीमपुर खीरी। रबी सीजन में पिछले वर्षों की भांति यूरिया की किल्लत न होने पाए इसके लिए सहकारिता विभाग ने यूरिया को प्रीपोजिशनिंग स्टॉक (बफर गोदाम) में पहुंचाना शुरू कर दिया है। 4142 मीट्रिक टन यूरिया बफर गोदाम में पहुंच चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, चक्रानुक्रम आधार पर इसे समितियों में भेजा जा रहा है।
जनपद में रबी सीजन (एक अक्तूबर से 31 मार्च 2022 तक) में सहकारी समितियों के माध्यम से खाद आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें 26377 मीट्रिक टन यूरिया के सापेक्ष 2983 मीट्रिक टन यूरिया समितियों पर भेजी जा चुकी है। 4902 मीट्रिक टन डीएपी वितरण का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 3979 मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति समितियों पर भेजी जा चुकी है। ऐसे ही 12725 मीट्रिक टन एनपीके आपूर्ति का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 7389 मीट्रिक टन आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अलावा 4142 मीट्रिक टन यूरिया पीसीएफ के बफर गोदाम में प्रीपोजिशनिंग स्टॉक के तौर पर भंडारित की गई है, जो निसंदेह सहकारिता विभाग का अच्छा कदम रहा है। क्योंकि पिछले वर्ष प्रीपोजिशनिंग स्टॉक में यूरिया न होने से किल्लत की स्थिति बनी थी, लेकिन इस वर्ष किल्लत होने के आसार न के बराबर है। सीजन की शुरुआत में कुछ दिनों तक फास्फेटिक खादों की किल्लत हुई थी, लेकिन अब सुचारू रुप से वितरण किया जा रहा है। गेहूं में पहली सिंचाई के साथ ही यूरिया की डिमांड अचानक बढ़ेगी, जिससे यूरिया की एकाएक किल्लत का सामना करना पड़ता है।
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एआर कोआपरेटिव सूर्य नारायण मिश्रा ने बताया कि 132 समितियों में खाद आपूर्ति की लगातार निगरानी की जा रही है। व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एडीओ कोआपरेटिव व सचिवों को जोड़ा गया है, जिसमें खाद की डिमांड की सूचना के तौर पर सचिव मेसेज भेजते हैं। समितियों में डिमांड व जरूरत के आधार पर खाद की आपूर्ति कराई जा रही है। गुड फॉर पेमेंट चेक के आधार पर खाद भेजी जा रही है, जिस पर समिति की क्षमता की बावत संबंधित ब्रांच मैनेजर हस्ताक्षर कर प्रमाणित करता है।
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जनपद में खादों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। इस वर्ष प्रीपोजिशनिंग स्टॉक में 4142 मीट्रिक टन यूरिया पहुंच गई है। इससे समितियों पर यूरिया भेजने में देरी नहीं होगी और रैक के आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में डीएपी व एनपीके की आपूर्ति की जा रही है, जिसके लिए समय पर रैक से आपूर्ति मिल रही है।
- सूर्य नारायण मिश्रा, एआर कोआपरेटिव