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Lakhimpur Kheri News: 384 परिवार अंत्योदय कार्ड धारक, 2856 मजदूर... फिर भी ग्रंट नंबर 11 गरीबी से मुक्त

Mon, 22 Dec 2025 11:04 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 22 Dec 2025 11:04 PM IST
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384 families are Antyodaya card holders, 2856 are laborers... yet Grant No. 11 is free from poverty
गिरधरपुर गांव में अपनी झोपड़ी में सरोजनी देवी। संवाद।
बांकेगंज। ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 में वर्ष 2011 की जनगणना में 13,825 से अधिक की आबादी में 2856 मजदूर हैं, जबकि 384 परिवार अंत्योदय कार्ड धारक हैं। एक हजार से अधिक लोग बाहर रहकर मजदूरी कर रहे हैं।
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कई लोगों के पास मकान नहीं हैं, फिर भी पंचायती राज विभाग ने एक्सपोजर विजिट की रिपोर्ट में ग्रंट नंबर 11 पंचायत को गरीबी मुक्त घोषित कर दिया। अब प्रधान और सचिव को केरल व कर्नाटक की सैर कराने की तैयारी कर ली गई है लेकिन विभाग खुद नहीं बता पा रहा है कि पंचायत को किस आधार गरीबी मुक्त घोषित किया गया है।
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बांकेगंज आंकाक्षी ब्लॉक में शामिल है। इसकी ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 में 9861 मतदाता हैं। मनरेगा और पूर्ति विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मजदूर तो झोंपड़ी में रहकर गुजर-बसर कर रहे हैं। इनके पास पक्की छत तक नहीं है। कोटेदारों की राशन की दुकान में 2834 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं व 10077 यूनिट हैं। ये लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, जो अभी भी मुफ्त राशन लेकर जीवनयापन कर रहे हैं। इसके अलावा 384 अंत्योदय कार्ड हैं व 1140 यूनिट हैं। बीडीओ आरके अहिरवार ने बताया कि ग्रंट नंबर 11 पंचायत में कुल 2856 जॉबकार्ड धारक मजदूर हैं। इसमें 625 ऐसे हैं, जिनकी आय का जरिया केवल मजदूरी है। संवाद
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योजनाओं से बताया गया संतृप्त
ग्रंट नंबर 11 पंचायत को सभी योजनाओं से संतृप्त बताया गया है, जबकि वर्तमान में इस पंचायत में कई परिवार सरकारी राशन पर निर्भर हैं। हालांकि, गांव में पंचायत भवन, सीएससी, आरआरसी, 19 विद्यालय, जन आरोग्य मंदिर आदि संचालित हैं। 13825 आबादी वाली इस पंचायत में सामान्य, पिछड़ी अल्पसंख्यक व दलित वर्ग के लोग निवास करते हैं।

मिर्च-मसाला और इलाज के लिए पैसे नहीं
पंचायत के गांव गिरधरपुर निवासी सरोजनी देवी ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। पति अमित के साथ मेहनत मजदूरी करके बच्चे पाल रहे हैं। एक महीने में परिवार का खर्च मुश्किल से चल पाता है। काम न मिलने पर घर में मिर्च-मसाला और इलाज के लिए भी पैसे नहीं रहते हैं। लोगों से उधार लेकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। खाने-पीने का ही पैसा आता है और चला जाता है। मकान भी नहीं बनवा सके।

वर्जन
शासन स्तर से जो रिपोर्ट है, उसमें ग्रंट नंबर 11 पंचायत का नाम एक्सपोजर विजिट रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य है कि गांव पूरी तरह से योजनाओं से संतृप्त और गरीबी से मुक्त हो। चयन के बाद अभी विजिट होना बाकी है। इसके बाद ही कुछ कहा जाएगा।
-विशाल सिंह, डीपीआरओ, खीरी
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