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Lakhimpur Kheri News: अभ्युदय के तीन शिक्षकों का नहीं दिया 3.20 लाख का भुगतान
Wed, 27 Aug 2025 11:23 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 27 Aug 2025 11:23 PM IST
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लखीमपुर खीरी। गलती किसी की, सजा कोई और भुगत रहा है। जिला समाज कल्याण विभाग से संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में ऐसा ही कुछ मामला सामने आया है। अभ्युदय के तहत पढ़ाने वाले तीन शिक्षकों का एक साल का 3.20 लाख रुपये का भुगतान अटका है। उनसे बिना अनुमोदन के ही विभाग ने शिक्षण कार्य करवा लिया। अब वे विभाग से लेकर सीडीओ तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतिभावान गरीब विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए निशुल्क कक्षाएं संचालित की जाती हैं। राजापुर स्थित डाइट परिसर में 50 नीट व 50 यूपीएससी के अभ्यार्थियों की कक्षाएं वर्तमान में संचालित हैं।
उन्हें पढ़ाने के लिए अलग-अलग विषयों के करीब 15 से 20 शिक्षक तैनात हैं। प्रत्येक शिक्षक को दो हजार रुपये प्रति लेक्चर का भुगतान होता है। अभ्युदय में पढ़ाने वाले शिक्षकों का हर वर्ष अनुमोदन कराया जाता है। इसके बाद ही शिक्षकों को धनराशि दी जाती है।
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विभाग ने शिक्षक संजय कुमार मिश्रा, संदीप सोलोमन और धीरेंद्र कुमार का अनुमोदन वर्ष 2024-25 में नहीं कराया, जबकि विभाग उनसे शिक्षण कार्य लेता रहा। साल के अंत में शिक्षकों को भुगतान दिया गया, लेकिन इन तीनों को धनराशि नहीं मिली। बाद में पता चला कि उनका अनुमोदन ही नहीं हुआ था। अब तीनों शिक्षक परेशान हैं।
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यह मामला हमारे से पहले का है। इसको दिखवाया जा रहा है। इस मामले में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही।
-वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतिभावान गरीब विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने के लिए निशुल्क कक्षाएं संचालित की जाती हैं। राजापुर स्थित डाइट परिसर में 50 नीट व 50 यूपीएससी के अभ्यार्थियों की कक्षाएं वर्तमान में संचालित हैं।
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उन्हें पढ़ाने के लिए अलग-अलग विषयों के करीब 15 से 20 शिक्षक तैनात हैं। प्रत्येक शिक्षक को दो हजार रुपये प्रति लेक्चर का भुगतान होता है। अभ्युदय में पढ़ाने वाले शिक्षकों का हर वर्ष अनुमोदन कराया जाता है। इसके बाद ही शिक्षकों को धनराशि दी जाती है।
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विभाग ने शिक्षक संजय कुमार मिश्रा, संदीप सोलोमन और धीरेंद्र कुमार का अनुमोदन वर्ष 2024-25 में नहीं कराया, जबकि विभाग उनसे शिक्षण कार्य लेता रहा। साल के अंत में शिक्षकों को भुगतान दिया गया, लेकिन इन तीनों को धनराशि नहीं मिली। बाद में पता चला कि उनका अनुमोदन ही नहीं हुआ था। अब तीनों शिक्षक परेशान हैं।
यह मामला हमारे से पहले का है। इसको दिखवाया जा रहा है। इस मामले में उच्चाधिकारियों से बात की जा रही।
-वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी