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बाघ की मौत मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
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लखीमपुर खीरी। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज में शिकारियों के लगाए फंदे में फंस कर बाघ की मौत के मामले में वन विभाग ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छह आरोपियों को बृहस्पतिवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शुक्रवार को एक और आरोपी रामसरन पुत्र बिंद्रा को गिरफ्तार किया गया। इसे मिलाकर अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बाघ की मौत के मामले में वन विभाग के आनन फानन खुलासे पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। आरोपी के परिजनों का कहना है कि उन्हें वन विभाग ने गलत फंसाया है। शुक्रवार को पंजाबी महासभा ने पकड़े गए मुख्य आरोपी सर्वजीत सिंह की पैरवी करते हुए एसपी और डीएफओ साउथ को ज्ञापन देकर कहा कि फर्जी ढंग से फंसाए गए लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। सिख समाज ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
डीएफओ साउथ समीर कुमार का कहना है फंदे में फंसे बाघ की मौत के मामले में छानबीन करने पर यह बात सामने आई कि सर्वजीत सिंह के गेहूं के खेत में उसकी सहमति से ही फंदा लगाया गया था। पकड़े जाने पर सर्वजीत सिंह ने फंदा लगाने वाले लोगों के नाम भी बताए। वन विभाग के मुताबिक सर्वजीत सिंह ने स्वीकार किया कि यह फंदा जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाया गया था लेकिन संयोग से इस फंदे में बाघ फंस गया और उसकी मौत हो गई।
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डीएफओ साउथ समीर कुमार का यह भी कहना है कि सर्वजीत की निशानदेही पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों ने इससे पहले भी शिकार किए जाने की बात स्वीकार की है। छानबीन में यह भी पता चला कि वह वाचर की मिलीभगत से जंगली सुअर के शिकार की घटनाओं को अंजाम देते थे। सवाल यह भी उठता है कि लगातार शिकार की घटनाएं होने के बावजूद वन रक्षक, फारेस्टर, रेंजर, एसडीओ और डीएफओ कैसे अनजान बने रहे। इससे कहीं न कहीं लापरवाही उजागर होती है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय का कहना है कि विभागीय संलिप्तता और लापरवाही आदि विंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पंजाबी महासभा ने गिरफ्तारी पर जताया विरोध
पंजाबी महासभा उत्तर प्रदेश ने बाघ की मौत के पीछे वन विभाग की लापरवाही बताते हुए गिरफ्तार किए गए सर्वजीत सिंह को रिहा किए जाने की मांग की है। गुरमीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में शुक्रवार को पंजाबी महासभा ने एसपी और डीएफओं को एक ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में सर्वजीत सिंह की रिहाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ज्ञापन देने वाले लोगों में मंदीप सिंह, तरसेम सिंह, सुरजन सिंह, बलप्रीत सिंह मौजूद रहे।
वन विभाग ने शुरू किया एंटी स्नेयर वॉक
मोहम्मदी रेंज में शिकारियों के फंदे में फंस कर बाघ की मौत के बाद दक्षिण खीरी वन प्रभाग की सभी रेंजों में शुक्रवार से एंटी स्नेयर वॉक शुरू की है। इस अभियान के तहत वनकर्मी जंगल की सीमाओं पर मेटल डिटेक्टर आदि उपकरणों के साथ गश्त करेंगे। इसकी रिपोर्ट रेंजर हर 24 घंटे पर डीएफओ को देंगे। डीएफओ समीर कुमार ने इस आशय के निर्देश सभी रेंजों को जारी किए हैं।
शिकारियों के फंदे में फंसे बाघ की मौत के मामले में शुक्रवार को एक और आरोपी रामसरन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्दी ही आठवां आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फंदे लगाकर शिकार की होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए एंटी स्नेयर वॉक पूरे वन प्रभाग में शुरू किया गया है।
समीर कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी दक्षिण खीरी।
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बाघ की मौत के मामले में वन विभाग के आनन फानन खुलासे पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। आरोपी के परिजनों का कहना है कि उन्हें वन विभाग ने गलत फंसाया है। शुक्रवार को पंजाबी महासभा ने पकड़े गए मुख्य आरोपी सर्वजीत सिंह की पैरवी करते हुए एसपी और डीएफओ साउथ को ज्ञापन देकर कहा कि फर्जी ढंग से फंसाए गए लोगों को तत्काल रिहा किया जाए। सिख समाज ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
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डीएफओ साउथ समीर कुमार का कहना है फंदे में फंसे बाघ की मौत के मामले में छानबीन करने पर यह बात सामने आई कि सर्वजीत सिंह के गेहूं के खेत में उसकी सहमति से ही फंदा लगाया गया था। पकड़े जाने पर सर्वजीत सिंह ने फंदा लगाने वाले लोगों के नाम भी बताए। वन विभाग के मुताबिक सर्वजीत सिंह ने स्वीकार किया कि यह फंदा जंगली सुअर के शिकार के लिए लगाया गया था लेकिन संयोग से इस फंदे में बाघ फंस गया और उसकी मौत हो गई।
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डीएफओ साउथ समीर कुमार का यह भी कहना है कि सर्वजीत की निशानदेही पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों ने इससे पहले भी शिकार किए जाने की बात स्वीकार की है। छानबीन में यह भी पता चला कि वह वाचर की मिलीभगत से जंगली सुअर के शिकार की घटनाओं को अंजाम देते थे। सवाल यह भी उठता है कि लगातार शिकार की घटनाएं होने के बावजूद वन रक्षक, फारेस्टर, रेंजर, एसडीओ और डीएफओ कैसे अनजान बने रहे। इससे कहीं न कहीं लापरवाही उजागर होती है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर रमेश कुमार पांडेय का कहना है कि विभागीय संलिप्तता और लापरवाही आदि विंदुओं पर भी जांच की जा रही है।
पंजाबी महासभा ने गिरफ्तारी पर जताया विरोध
पंजाबी महासभा उत्तर प्रदेश ने बाघ की मौत के पीछे वन विभाग की लापरवाही बताते हुए गिरफ्तार किए गए सर्वजीत सिंह को रिहा किए जाने की मांग की है। गुरमीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में शुक्रवार को पंजाबी महासभा ने एसपी और डीएफओं को एक ज्ञापन दिया है। ज्ञापन में सर्वजीत सिंह की रिहाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ज्ञापन देने वाले लोगों में मंदीप सिंह, तरसेम सिंह, सुरजन सिंह, बलप्रीत सिंह मौजूद रहे।
वन विभाग ने शुरू किया एंटी स्नेयर वॉक
मोहम्मदी रेंज में शिकारियों के फंदे में फंस कर बाघ की मौत के बाद दक्षिण खीरी वन प्रभाग की सभी रेंजों में शुक्रवार से एंटी स्नेयर वॉक शुरू की है। इस अभियान के तहत वनकर्मी जंगल की सीमाओं पर मेटल डिटेक्टर आदि उपकरणों के साथ गश्त करेंगे। इसकी रिपोर्ट रेंजर हर 24 घंटे पर डीएफओ को देंगे। डीएफओ समीर कुमार ने इस आशय के निर्देश सभी रेंजों को जारी किए हैं।
शिकारियों के फंदे में फंसे बाघ की मौत के मामले में शुक्रवार को एक और आरोपी रामसरन को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्दी ही आठवां आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फंदे लगाकर शिकार की होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए एंटी स्नेयर वॉक पूरे वन प्रभाग में शुरू किया गया है।
समीर कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी दक्षिण खीरी।