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Lakhimpur Kheri News: मूसलाधार बारिश के दिन 31 मजदूरों की हाजिरी, उठे सवाल
Wed, 22 Jul 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:38 PM IST
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लखीमपुर खीरी। पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सेमराजानीपुर में वीबी जी राम जी योजना के तहत 19 जुलाई को 31 मजदूरों की हाजिरी दर्ज किए जाने पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उस दिन जिले में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित था और लोग घरों से नहीं निकल पा रहे थे, इसके बावजूद मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई। रोहित सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रधान और संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन के कथित फर्जी भुगतान के प्रयास का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि यदि मौके पर काम नहीं हुआ तो मजदूरों की उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसे लोगों के नाम भुगतान निकाला गया, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक खेती, ट्रैक्टर और घर में सभी सुविधाएं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना में ऐसी अनियमितताएं गरीब मजदूरों के अधिकारों को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने संबंधित मस्टर रोल, जियो टैग फोटो, उपस्थिति रजिस्टर और भुगतान अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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उपायुक्त वीबी जी राम जी अमित सिंह परिहार ने कहा कि शिकायत के आधार पर सभी तथ्यों की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है।
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ग्रामीणों ने प्रधान और संबंधित कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन के कथित फर्जी भुगतान के प्रयास का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि यदि मौके पर काम नहीं हुआ तो मजदूरों की उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसे लोगों के नाम भुगतान निकाला गया, जिनके पास पांच एकड़ से अधिक खेती, ट्रैक्टर और घर में सभी सुविधाएं हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि योजना में ऐसी अनियमितताएं गरीब मजदूरों के अधिकारों को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने संबंधित मस्टर रोल, जियो टैग फोटो, उपस्थिति रजिस्टर और भुगतान अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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उपायुक्त वीबी जी राम जी अमित सिंह परिहार ने कहा कि शिकायत के आधार पर सभी तथ्यों की जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है।