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Lakhimpur Kheri News: जिले में दौड़ रहे 25 हजार कंडम वाहन, फैला रहे प्रदूषण
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लखीमपुर खीरी। जिले की सड़कों पर फर्राटा भरते 25 हजार से अधिक कंडम वाहन प्रदूषण फला रहे हैं। इन वाहनों की निर्धारित पंजीयन अवधि पूरी हो चुकी है। वाहन स्वामी नियमों की अनदेखी कर बिना किसी रोकटोक के इन वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इन वाहनों को स्क्रैप कराने के लिए जिले में स्क्रैपिंग सेंटर भी संचालित नहीं हो सका है।
जिले में निजी और कॉमर्शियल मिलाकर छह लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बाइक, कार, ट्रक, बस, डीसीएम व अन्य वाहन शामिल हैं। 25 हजार से अधिक वाहन ऐसे हैं, जो निर्धारित 15 वर्ष की अवधि पूरे कर चुके हैं। जबकि अवधि पूरी होने के बाद वाहन को स्क्रैप कराने का नियम है। इसके लिए सभी जिलों में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (रजिस्ट्रीकृत यान सुविधा केंद्र) खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालत यह है कि जिले में किसी ने भी स्क्रैपिंग सेंटर खोलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवहन विभाग की ओर से कराए गए प्रचार-प्रसार के बाद भी आवेदन नहीं आया।
स्क्रैपिंग सेंटर की कमी डाल रही असर
अगर जिले में स्क्रैपिंग सेंटर खुल जाए तो वाहन स्वामी कंडम वाहन के स्क्रैप कराने के लिए आगे आएं। अभी वाहन स्वामियों को दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्क्रैपिंग सेंटर होने से निर्धारित अवधि पूरी करने वाले वाहन सड़कों से कम हो जाएंगे। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि 25 हजार से अधिक वाहनों की अवधि पूरी हो चुकी है। जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्क्रैपिंग सेंटर के संबंध में प्रचार-प्रसार कराया गया। कई लोगों के साथ बैठक भी की गई। स्क्रैप सेंटर के लिए अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है।
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जिले में निजी और कॉमर्शियल मिलाकर छह लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें बाइक, कार, ट्रक, बस, डीसीएम व अन्य वाहन शामिल हैं। 25 हजार से अधिक वाहन ऐसे हैं, जो निर्धारित 15 वर्ष की अवधि पूरे कर चुके हैं। जबकि अवधि पूरी होने के बाद वाहन को स्क्रैप कराने का नियम है। इसके लिए सभी जिलों में वाहन स्क्रैपिंग सेंटर (रजिस्ट्रीकृत यान सुविधा केंद्र) खोलने के निर्देश जारी किए गए हैं। हालत यह है कि जिले में किसी ने भी स्क्रैपिंग सेंटर खोलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। परिवहन विभाग की ओर से कराए गए प्रचार-प्रसार के बाद भी आवेदन नहीं आया।
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स्क्रैपिंग सेंटर की कमी डाल रही असर
अगर जिले में स्क्रैपिंग सेंटर खुल जाए तो वाहन स्वामी कंडम वाहन के स्क्रैप कराने के लिए आगे आएं। अभी वाहन स्वामियों को दूसरे जिलों की दौड़ लगानी पड़ रही है। स्क्रैपिंग सेंटर होने से निर्धारित अवधि पूरी करने वाले वाहन सड़कों से कम हो जाएंगे। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि 25 हजार से अधिक वाहनों की अवधि पूरी हो चुकी है। जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्क्रैपिंग सेंटर के संबंध में प्रचार-प्रसार कराया गया। कई लोगों के साथ बैठक भी की गई। स्क्रैप सेंटर के लिए अभी तक कोई आवेदन नहीं मिला है।
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