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Lakhimpur Kheri News: नए साल पर अस्पतालों में 247 बच्चों की गूंजी किलकारी
Thu, 01 Jan 2026 11:27 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:27 PM IST
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जिला महिला अस्पताल। फाइल फोटो
अंकित श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी। नववर्ष की शुरुआत जिले के लिए खुशखबरी लेकर आई। नए साल के पहले ही दिन विभिन्न सरकारी अस्पतालों में करीब 247 नवजात शिशुओं ने जन्म लिया। जैसे ही बच्चों की किलकारियां गूंजीं, अस्पताल परिसरों में खुशी और उल्लास का माहौल बन गया। परिजनों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में भविष्य को लेकर नई उम्मीदें साफ नजर आईं।
जिला महिला चिकित्सालय में ही 14 प्रसव हुए। वहीं सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नववर्ष की रात से ही प्रसव का सिलसिला जारी रहा। अस्पताल में सामान्य और सिजेरियन दोनों प्रकार के प्रसव हुए। नववर्ष पर जन्म लेने वाले बच्चों के परिजनों ने इसे अपने परिवार के लिए सौभाग्य का प्रतीक बताया। कई परिवारों ने कहा कि नए साल के पहले दिन बच्चे का जन्म उनके जीवन में नई शुरुआत और खुशियां लेकर आया है।
कुछ परिजनों ने अस्पताल में ही मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि सर्द मौसम को देखते हुए नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्हें गर्म रखने, नियमित जांच और टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा माताओं को पौष्टिक आहार और आराम की सलाह दी गई है।
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नववर्ष पर बच्चों के जन्म से न केवल परिवारों में बल्कि अस्पताल स्टाफ में भी उत्साह देखने को मिला। चिकित्सकों और नर्सों ने इसे अपने लिए भी प्रेरणादायक बताया। कुल मिलाकर नए साल के पहले दिन 247 बच्चों की किलकारियों ने पूरे जिले में खुशी की सौगात दी और नववर्ष की शुरुआत को यादगार बना दिया। संवाद
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लखीमपुर खीरी। नववर्ष की शुरुआत जिले के लिए खुशखबरी लेकर आई। नए साल के पहले ही दिन विभिन्न सरकारी अस्पतालों में करीब 247 नवजात शिशुओं ने जन्म लिया। जैसे ही बच्चों की किलकारियां गूंजीं, अस्पताल परिसरों में खुशी और उल्लास का माहौल बन गया। परिजनों के चेहरों पर मुस्कान और आंखों में भविष्य को लेकर नई उम्मीदें साफ नजर आईं।
जिला महिला चिकित्सालय में ही 14 प्रसव हुए। वहीं सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नववर्ष की रात से ही प्रसव का सिलसिला जारी रहा। अस्पताल में सामान्य और सिजेरियन दोनों प्रकार के प्रसव हुए। नववर्ष पर जन्म लेने वाले बच्चों के परिजनों ने इसे अपने परिवार के लिए सौभाग्य का प्रतीक बताया। कई परिवारों ने कहा कि नए साल के पहले दिन बच्चे का जन्म उनके जीवन में नई शुरुआत और खुशियां लेकर आया है।
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कुछ परिजनों ने अस्पताल में ही मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। वहीं, चिकित्सकों का कहना है कि सर्द मौसम को देखते हुए नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्हें गर्म रखने, नियमित जांच और टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा माताओं को पौष्टिक आहार और आराम की सलाह दी गई है।
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नववर्ष पर बच्चों के जन्म से न केवल परिवारों में बल्कि अस्पताल स्टाफ में भी उत्साह देखने को मिला। चिकित्सकों और नर्सों ने इसे अपने लिए भी प्रेरणादायक बताया। कुल मिलाकर नए साल के पहले दिन 247 बच्चों की किलकारियों ने पूरे जिले में खुशी की सौगात दी और नववर्ष की शुरुआत को यादगार बना दिया। संवाद