फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   ग्लोबल टाइगर फोरम की टीम जिले में पहुंची

ग्लोबल टाइगर फोरम की टीम जिले में पहुंची

Fri, 21 Dec 2018 12:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 21 Dec 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
ग्लोबल टाइगर फोरम की टीम जिले में पहुंची

विज्ञापन
मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारणों को तलाशेगी टीम
लखीमपुर खीरी। तराई में बढ़ते मानव-बाघ संघर्ष की घटनाओं के कारणों का अध्ययन करने के लिए ग्लोबल टाइगर फोरम की एक टीम बृहस्पतिवार को जिले में पहुंची। टीम ने मोहम्मदी-महेशपुर रेंज पहुंचकर मानव-बाघ संघर्ष की घटनाओं का अध्ययन किया।
इस टीम का नेतृत्व फोरम के सदस्य डॉ. राजेश गोपाल कर रहे हैं। टीम में राज्य प्राणि उद्यान प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. एसपी यादव भी शामिल हैं। यह टीम मानव-बाघ संघर्ष की घटनाओं के कारण और निवारण का अध्ययन कर रही है। साथ ही तराई में टाइगर रेस्क्यू सेंटर बनाने की संभावनाओं का भी पता लगा रही है।
विज्ञापन

मालूम हो कि मानव-बाघ संघर्ष के दौरान कई बार बाघों को पकड़कर प्राणि उद्यान में भेजना पड़ता है अथवा उसे फिर जंगल में छोड़ दिया जाता है। यहां से करीब आधा दर्जन बाघों को ट्रैंकुलाइज कर लखनऊ चिड़ियाघर भेजा जा चुका है। इसी साल पीलीभीत के चांदपुर से पकड़े गए बाघ चंदू को दुधवा जंगल में छोड़ा गया था, जो भागकर नेपाल चला गया। इसकी पिछले छह माह से कोई लोकेशन नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वन विभाग का मानना है कि तराई के खीरी या पीलीभीत जिले में बाघों के अनुकूल प्राकृतवास से युक्त एक टाइगर रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाए, जिसमें मानव-बाघ संघर्ष के दौरान यदि कोई बाघ या तेंदुआ पकड़ा जाए या घायल हो जाए तो उसे प्राणि उद्यान भेजने के बजाय टाइगर रेस्क्यू सेंटर में रखा जाए। ताकि बाघ और तेंदुआ अपने प्राकृतिक वास में ही सुरक्षित रहें। यह टीम इस रेस्क्यू सेंटर की संभावनाएं भी तलाशेगी।

मालूम हो कि ग्लोबल टाइगर फोरम में भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, कंबोडिया, चीन, रूस, मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनिशिया, लाओस और म्यांमार आदि 13 देश जुड़े हुए हैं। यह फोरम बाघों के संरक्षण की दिशा में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का सहयोग कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed