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सैकड़ों हैक्टेयर वन भूमि पर भू-माफिया का कब्जा
Updated Thu, 27 Sep 2018 06:44 PM IST
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27 एलकेएच 09
सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर भू माफियाओं का कब्जा
पेड़ काट कर जमीन को किया समतल, अब कर रहे हैं खेती
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। जिले में सैकड़ों हेक्टेयर वन विभाग की जमीन पर भू माफियाओं का अवैध कब्जा है। वे इस जमीन पर धड़ल्ले से खेती कर रहे हैं। बहराइच और खीरी जिले की राजस्व टीमों ने संयुक्त रूप से पैमाइश कर वन भूमि चिह्नित भी की थी। बावजूद इसके भू माफिया वन भूमि पर काबिज हैं और फसलें उगाकर कमाई कर रहे हैं। यह वन भूमि रामनगर बगहा, गुलरिया, तालुके अमेठी, जंगलमटेरा, हौकनामटेरा और पड़ोसी जिले बहराइच के जंगल गुलरिया में है। इस कब्जेदारी में एक सेवानिवृत्त वनकर्मी भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि रेंजर इसकी जानकारी होने से इंकार करते हैं।
वन रेंज धौरहरा की सीमा बहराइच की नानपारा तहसील के कई वन ब्लॉकों की सैकड़ों एकड़ भूमि है। वन विभाग राजस्व विभाग के सीमा विवाद में उलझकर रह गया है। ऐसे मे भूमाफियाओं की नजर वन विभाग की भूमि पर है। भू माफिया धीरे धीरे जमीन कब्जानी शुरू कर चुके हैं। उधर, नदियों की बाढ़ के सहारे जंगल की हरियाली समाप्त होने लगी है। देखते ही देखते सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा हो चुका है। वन विभाग की धौरहरा रेंज मे कैरातीपुरवा, परसा, जंगलमटेरा, गुलरिया तालुके अमेठी, जंगल गुलरिया, मिलिक, गनापुर, बिंजहा गौढ़ी, देवमनिया, रामलोक, फकीरेपुरवा, हौकनामटेरा सहित कुल 15 वन ब्लॉक हैं। इनमें छह वनब्लाकों देवमनियां, गुलरिया, तालुके अमेठी, जंगल गुलरिया, मिलिक गौढ़ी, फकीरेपुरवा की सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर भूमाफिया का कब्जा है। इस जमीन पर वन माफिया खेती कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रामनगर बगहा और गुलरिया की दो सौ बीघा वन भूमि पर एक रिटायर्ड वनकर्मी का कब्जा है। हाल ही में वन विभाग ने कैरातीपुरवा ब्लाक की 135 एकड़ वन भूमि खाली भी करायी है लेकिन अभी वन विभाग की छह ब्लाकों की भूमि पर भूमाफिया कुंडली मारे बैठे हैं।
सीमा विवाद का फायदा उठा रहे भू माफिया
वन रेंज का काफी हिस्सा घाघरानदी के पार बहराइच जिले को छूता है। यहां नदियां लगातार कटान भी करती हैं कटान की वजह से खेतों की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं और फिर पैमाइश का पेंच फंसता है। जब सीमांकन होता है तो दोनों जिलों की टीमों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इस पैमाइश में सालों गुजर जाते हैं। इसी का फायदा भूमाफिया उठाते हैं। राजस्व विभाग और वन विभाग के कर्मचारियों की साठगांठ से इनका कब्जेदारी का खेल फल फूल रहा है।
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वन विभाग ने खाली कराई 135 एकड़ जमीन
धौरहरा। वन विभाग अपनी जमीन को भूमाफिया से खाली कराने का प्रयास भी कर रहा है। हाल में ही वन विभाग ने कैरातीपुरवा गांव में भू माफिया के चंगुल से 135 एकड़ वन भूमि मुक्त कराई है। जिसपर वन विभाग ने 15 हजार पांच सौ पौधे रोपे हैं।
कब्जा हटवाने के लिए टीम उपलब्ध कराई जाएगी
रेंजर अनिल शाह बताते है कि वन भूमि पर कब्जेदारी की सूचना सही है जिसका धारा 20 सरकारी गजट ले लिया है। अपने कर्मचारियों से इंतखाब खसरा मंगाया है। उसे देखकर ही बता सकता हूं कुल कितनी भूमि पर अतिक्रमण है। जल्द भूमि खाली कराई जाएगी। एसडीएम आशीष कुमार बताते हैं कि यदि वन विभाग अपनी भूमि पर अवैध कब्जेदारी हटवाने के लिए पैमाइश कराता है तो उसे टीम उपलब्ध कराई जायेगी और भू माफिया के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।
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सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर भू माफियाओं का कब्जा
पेड़ काट कर जमीन को किया समतल, अब कर रहे हैं खेती
अमर उजाला ब्यूरो
धौरहरा। जिले में सैकड़ों हेक्टेयर वन विभाग की जमीन पर भू माफियाओं का अवैध कब्जा है। वे इस जमीन पर धड़ल्ले से खेती कर रहे हैं। बहराइच और खीरी जिले की राजस्व टीमों ने संयुक्त रूप से पैमाइश कर वन भूमि चिह्नित भी की थी। बावजूद इसके भू माफिया वन भूमि पर काबिज हैं और फसलें उगाकर कमाई कर रहे हैं। यह वन भूमि रामनगर बगहा, गुलरिया, तालुके अमेठी, जंगलमटेरा, हौकनामटेरा और पड़ोसी जिले बहराइच के जंगल गुलरिया में है। इस कब्जेदारी में एक सेवानिवृत्त वनकर्मी भी शामिल बताया जा रहा है। हालांकि रेंजर इसकी जानकारी होने से इंकार करते हैं।
वन रेंज धौरहरा की सीमा बहराइच की नानपारा तहसील के कई वन ब्लॉकों की सैकड़ों एकड़ भूमि है। वन विभाग राजस्व विभाग के सीमा विवाद में उलझकर रह गया है। ऐसे मे भूमाफियाओं की नजर वन विभाग की भूमि पर है। भू माफिया धीरे धीरे जमीन कब्जानी शुरू कर चुके हैं। उधर, नदियों की बाढ़ के सहारे जंगल की हरियाली समाप्त होने लगी है। देखते ही देखते सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा हो चुका है। वन विभाग की धौरहरा रेंज मे कैरातीपुरवा, परसा, जंगलमटेरा, गुलरिया तालुके अमेठी, जंगल गुलरिया, मिलिक, गनापुर, बिंजहा गौढ़ी, देवमनिया, रामलोक, फकीरेपुरवा, हौकनामटेरा सहित कुल 15 वन ब्लॉक हैं। इनमें छह वनब्लाकों देवमनियां, गुलरिया, तालुके अमेठी, जंगल गुलरिया, मिलिक गौढ़ी, फकीरेपुरवा की सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि पर भूमाफिया का कब्जा है। इस जमीन पर वन माफिया खेती कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो रामनगर बगहा और गुलरिया की दो सौ बीघा वन भूमि पर एक रिटायर्ड वनकर्मी का कब्जा है। हाल ही में वन विभाग ने कैरातीपुरवा ब्लाक की 135 एकड़ वन भूमि खाली भी करायी है लेकिन अभी वन विभाग की छह ब्लाकों की भूमि पर भूमाफिया कुंडली मारे बैठे हैं।
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सीमा विवाद का फायदा उठा रहे भू माफिया
वन रेंज का काफी हिस्सा घाघरानदी के पार बहराइच जिले को छूता है। यहां नदियां लगातार कटान भी करती हैं कटान की वजह से खेतों की सीमाएं समाप्त हो जाती हैं और फिर पैमाइश का पेंच फंसता है। जब सीमांकन होता है तो दोनों जिलों की टीमों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इस पैमाइश में सालों गुजर जाते हैं। इसी का फायदा भूमाफिया उठाते हैं। राजस्व विभाग और वन विभाग के कर्मचारियों की साठगांठ से इनका कब्जेदारी का खेल फल फूल रहा है।
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वन विभाग ने खाली कराई 135 एकड़ जमीन
धौरहरा। वन विभाग अपनी जमीन को भूमाफिया से खाली कराने का प्रयास भी कर रहा है। हाल में ही वन विभाग ने कैरातीपुरवा गांव में भू माफिया के चंगुल से 135 एकड़ वन भूमि मुक्त कराई है। जिसपर वन विभाग ने 15 हजार पांच सौ पौधे रोपे हैं।
कब्जा हटवाने के लिए टीम उपलब्ध कराई जाएगी
रेंजर अनिल शाह बताते है कि वन भूमि पर कब्जेदारी की सूचना सही है जिसका धारा 20 सरकारी गजट ले लिया है। अपने कर्मचारियों से इंतखाब खसरा मंगाया है। उसे देखकर ही बता सकता हूं कुल कितनी भूमि पर अतिक्रमण है। जल्द भूमि खाली कराई जाएगी। एसडीएम आशीष कुमार बताते हैं कि यदि वन विभाग अपनी भूमि पर अवैध कब्जेदारी हटवाने के लिए पैमाइश कराता है तो उसे टीम उपलब्ध कराई जायेगी और भू माफिया के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा।