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बाछेपारा में पार्क सहित 18 घर घाघरा नदी में समाए
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धौरहरा। रमियाबेहड़ इलाके के बाछेपारा गांव में घाघरा नदी तांडव मचा रही है, जबकि बाढ़ खंड कटान रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। वहीं, तहसील प्रशासन भी पीड़ितों की सुध नहीं ले रहा है।
धौरहरा तहसील क्षेत्र के कई गांवों में प्रतिदिन सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि व घरों का कटान कर घाघरा नदी आगे बढ़ रही है। बाछेपारा गांव में बुधवार से घाघरा नदी सहित बीस घरों का कटान कर अपनी आगोश में ले लिया है। रविवार तक घाघरा नदी ने रमेश, अवधराम निवासी बाछेपारा की दो एकड़ जमीन काटी। वहीं गांव में स्थित अंबेडकर पार्क भी नदी में समा गया है।
कटान पीड़ित बताते हैं कि वे सड़क किनारे तेज धूप में खुले आसमान के नीचे भूखे पेट रहने को मजबूर हैं। लेकिन, एसडीएम का कटान पीड़ितों के खाने व रहने की व्यवस्था करने का दावा हवा हवाई साबित हुआ है। रविवार को सपा नेता वरुण चौधरी ने कटान पीड़ितों को लंच के पैकेट बांटे। इस दौरान विकास यादव, पंकज यादव आदि सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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धौरहरा तहसील क्षेत्र के कई गांवों में प्रतिदिन सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि व घरों का कटान कर घाघरा नदी आगे बढ़ रही है। बाछेपारा गांव में बुधवार से घाघरा नदी सहित बीस घरों का कटान कर अपनी आगोश में ले लिया है। रविवार तक घाघरा नदी ने रमेश, अवधराम निवासी बाछेपारा की दो एकड़ जमीन काटी। वहीं गांव में स्थित अंबेडकर पार्क भी नदी में समा गया है।
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कटान पीड़ित बताते हैं कि वे सड़क किनारे तेज धूप में खुले आसमान के नीचे भूखे पेट रहने को मजबूर हैं। लेकिन, एसडीएम का कटान पीड़ितों के खाने व रहने की व्यवस्था करने का दावा हवा हवाई साबित हुआ है। रविवार को सपा नेता वरुण चौधरी ने कटान पीड़ितों को लंच के पैकेट बांटे। इस दौरान विकास यादव, पंकज यादव आदि सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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