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एफडी और डीडी टीमों के साथ लगातार कर रहे मानीटरिंग
Updated Sun, 04 Nov 2018 07:05 PM IST
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पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व बेशकीमती प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है। दो अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं दुधवा पार्क को दो तरफ से स्पर्श करती हैं। त्योहारों को लेकर यहां पर वन माफिया की सक्रियता बढ़ जाती है। सीमित संसाधनों के कारण गश्त में भी वनकर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर एफडी और डीडी खुद निकलकर जंगल में मानीटरिंग कर रहे हैं। इसमें एक जगह नेपाल सीमा के पास पेड़ कटा होने पर कर्मियों से पूछताछ भी की साथ ही गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
बता दें कि दुधवा की सीमा से लगे अधिकांश गांवों के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति निम्न स्तर की है। वन विभाग इसको लेकर कई योजनाएं चला रहा है जिससे यह ग्रामीण खुद स्वावलंबी बन सके, लेकिन इसके बाद भी आर्थिक मजबूती का आसान साधन मानते हुए कुछ अराजक तत्व और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शिकार और कटान की घटनाओं को अंजाम देते हैं। त्योहार नजदीक आ रहा है। जिसमें यही आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो जाते हैं। दुधवा में सबसे बड़ा संकट यहां के फील्ड स्टाफ की है क्योंकि अधिकांश यहां कार्य करने के इच्छुक नहीं होते हैं और सापेक्ष के हिसाब से फील्ड स्टाफ भी कम है। इसी वर्ष दुधवा में 34 कर्मियों को स्थानांतरण कर बाहर किया गया था जिनके मामले में मात्र नौ कार्मिकों को ही यहां भेजा गया। इसी को देखते हुए दीपावली त्योहार पर सभी कर्मचारी, अधिकारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाद एफडी रमेश कुमार पांडेय और डीडी महावीर कौजलगि ने खुद ही मानीटरिंग का जिम्मा संभाला है तथा लगातार जंगल में जाकर फील्ड स्टाफ के साथ पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इसी में नेपाल सीमा के पास एक पेड़ कटा होने की जानकारी पर उन्होंने फील्ड स्टाफ से जानकारी हासिल की तथा लकड़कट्टों को देखकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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बता दें कि दुधवा की सीमा से लगे अधिकांश गांवों के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति निम्न स्तर की है। वन विभाग इसको लेकर कई योजनाएं चला रहा है जिससे यह ग्रामीण खुद स्वावलंबी बन सके, लेकिन इसके बाद भी आर्थिक मजबूती का आसान साधन मानते हुए कुछ अराजक तत्व और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शिकार और कटान की घटनाओं को अंजाम देते हैं। त्योहार नजदीक आ रहा है। जिसमें यही आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सक्रिय हो जाते हैं। दुधवा में सबसे बड़ा संकट यहां के फील्ड स्टाफ की है क्योंकि अधिकांश यहां कार्य करने के इच्छुक नहीं होते हैं और सापेक्ष के हिसाब से फील्ड स्टाफ भी कम है। इसी वर्ष दुधवा में 34 कर्मियों को स्थानांतरण कर बाहर किया गया था जिनके मामले में मात्र नौ कार्मिकों को ही यहां भेजा गया। इसी को देखते हुए दीपावली त्योहार पर सभी कर्मचारी, अधिकारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी गई है। जिसके बाद एफडी रमेश कुमार पांडेय और डीडी महावीर कौजलगि ने खुद ही मानीटरिंग का जिम्मा संभाला है तथा लगातार जंगल में जाकर फील्ड स्टाफ के साथ पेट्रोलिंग कर रहे हैं। इसी में नेपाल सीमा के पास एक पेड़ कटा होने की जानकारी पर उन्होंने फील्ड स्टाफ से जानकारी हासिल की तथा लकड़कट्टों को देखकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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