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राजापुर मंडी में इस वर्ष दो गुना हुई धान की आवक
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:02 PM IST
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rice
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। सीधे किसानों से धान खरीद के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर भले ही धान खरीद नहीं की जा रही है, लेकिन राजापुर मंडी में इस वर्ष रिकार्ड दो गुना से अधिक धान की आवक हुई है। पिछले वर्ष मंडल में धान खरीद सीजन (सात दिसंबर तक) में तीन लाख 67 हजार 934 क्विंटल धान की आवक हुई थी, जबकि इस वर्ष छह लाख सात हजार 679 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। अब भी प्रतिदिन हजारों क्विंटल धान मंडी में पहुंच रहा है, जो इन आंकड़ों में शामिल नहीं है। बावजूद इसके राजापुर मंडी में खुले क्रय केंद्रों पर धान खरीद अपने लक्ष्य से कोसों दूर है।
प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 25 सितंबर 2017 से धान खरीद करने के आदेश दिए थे, इससे पहले एक अक्तूबर से खरीद शुरू होती थी। सरकार की मंशा ज्यादा से ज्यादा किसानों को उचित मूल्य का लाभ देना था, लेकिन ऐसा हो न सका। जिले में दो लाख 94 हजार 190 मीट्रिक टन (29 लाख 41 हजार 900 क्विंटल) धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए 116 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने धान खरीद को प्रोत्साहित कर किसानों को लाभ देने के उद्देश्य से विशेष पखवाड़ा दो से 15 दिसंबर 2017 तक चलाया, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रत्येक क्रय केंद्र (प्रति एजेंसी) प्रतिदिन धान खरीद का न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किया था। बावजूद इसके क्रय केंद्र प्रभारियों ने किसानों से धान खरीद में रुचि नहीं दिखाई, जिससे प्रतिदिन के लक्ष्य पर भी क्रय केंद्र खरे नहीं उतरे हैं। अब डीएम की समीक्षा के बाद कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
चार केंद्रों पर हुई 1.27 लाख क्विंटल की खरीद
राजापुर मंडी में खोले गए चार क्रय केंद्रों पर कुल एक लाख 27 हजार 165 क्विंटल धान खरीदा गया। इसमें विपणन के तीन क्रय केंद्रों पर क्रमश: 70 हजार, 40 हजार और 5665 क्विंटल धान की खरीद की गई, जबकि एफसीआई के एक क्रय केंद्र पर 11500 क्विंटल धान खरीदा गया, जबकि साढ़े चार लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद आढ़तियों के द्वारा की गई।
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नवंबर और दिसंबर में धान की आवक अच्छी हुई है। हालांकि अब 20 दिसंबर के बाद से आवक में कमी आई है। पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस वर्ष रिकार्ड आवक दर्ज हुई है। सीजन के अंत तक आंकड़ों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- संतोष कुमार यादव, मंडी सचिव
विशेष अभियान के दौरान धान की खरीद में तेजी आई है, जिसके लिए गांवों में चौपाल लगाकर सीधे किसानों से संपर्क कर क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रेरित किया गया। जल्द ही डीएम द्वारा अभियान के दौरान हुई धान खरीद की समीक्षा की जाएगी, जिसमें लापरवाह केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
- कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 25 सितंबर 2017 से धान खरीद करने के आदेश दिए थे, इससे पहले एक अक्तूबर से खरीद शुरू होती थी। सरकार की मंशा ज्यादा से ज्यादा किसानों को उचित मूल्य का लाभ देना था, लेकिन ऐसा हो न सका। जिले में दो लाख 94 हजार 190 मीट्रिक टन (29 लाख 41 हजार 900 क्विंटल) धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए 116 क्रय केंद्र खोले गए हैं। सरकार ने धान खरीद को प्रोत्साहित कर किसानों को लाभ देने के उद्देश्य से विशेष पखवाड़ा दो से 15 दिसंबर 2017 तक चलाया, जिसमें डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रत्येक क्रय केंद्र (प्रति एजेंसी) प्रतिदिन धान खरीद का न्यूनतम लक्ष्य निर्धारित किया था। बावजूद इसके क्रय केंद्र प्रभारियों ने किसानों से धान खरीद में रुचि नहीं दिखाई, जिससे प्रतिदिन के लक्ष्य पर भी क्रय केंद्र खरे नहीं उतरे हैं। अब डीएम की समीक्षा के बाद कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
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चार केंद्रों पर हुई 1.27 लाख क्विंटल की खरीद
राजापुर मंडी में खोले गए चार क्रय केंद्रों पर कुल एक लाख 27 हजार 165 क्विंटल धान खरीदा गया। इसमें विपणन के तीन क्रय केंद्रों पर क्रमश: 70 हजार, 40 हजार और 5665 क्विंटल धान की खरीद की गई, जबकि एफसीआई के एक क्रय केंद्र पर 11500 क्विंटल धान खरीदा गया, जबकि साढ़े चार लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद आढ़तियों के द्वारा की गई।
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नवंबर और दिसंबर में धान की आवक अच्छी हुई है। हालांकि अब 20 दिसंबर के बाद से आवक में कमी आई है। पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस वर्ष रिकार्ड आवक दर्ज हुई है। सीजन के अंत तक आंकड़ों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
- संतोष कुमार यादव, मंडी सचिव
विशेष अभियान के दौरान धान की खरीद में तेजी आई है, जिसके लिए गांवों में चौपाल लगाकर सीधे किसानों से संपर्क कर क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए प्रेरित किया गया। जल्द ही डीएम द्वारा अभियान के दौरान हुई धान खरीद की समीक्षा की जाएगी, जिसमें लापरवाह केंद्र प्रभारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
- कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी