{"_id":"5b71d16b42c7922f0003a026","slug":"161534185835-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभावों के बीच शालिनी में दिखा उड़ान का हौंसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभावों के बीच शालिनी में दिखा उड़ान का हौंसला
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
13एलकेएच 07
मुश्किल हालातों से लड़कर बढ़ रही लक्ष्य की ओर
गरीब घर की बिटिया ने नीट में पाए अच्छे अंक
पहले सिपाही, फिर लेखपाल बनी, अब आईएएस की तैयारी में जुटीं
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर/महेवागंज। मन में हौसला और कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल आसानी से हासिल की जा सकती है। इसी सोच के साथ एक गरीब घर की बिटिया मुश्किल हालातों से लड़कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। पहले उन्होंने अपनी मेहनत से पुलिस में सिपाही का पद हासिल किया, उसके बाद लेखपाल की परीक्षा में पास हुई, फिलहाल उन्होंने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब उनका लक्ष्य आईएएस परीक्षा पास करना है।
शिवकलोनी निवासी लेखपाल शालिनी मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता वेद प्रकाश पशु चिकित्सालय फूलबेहड़ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है। सदर तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत शालिनी शर्मा ने वर्ष 2017 में सिपाही के पद से इस्तीफा देकर लेखपाल की नौकरी अपनाई। उन्हें वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में सिपाही की नौकरी मिली थी। खेल कूद, ड्राइंग, पेंटिंग, लेखन में रुचि रखने वाली बीएससी, एमएड कर चुकी शालिनी हाल ही में नीट परीक्षा अच्छे अंकों से पास की है, अब वह आईएएस की तैयारी में जुटी है। शिक्षा विभाग और समीक्षा अधिकारी की परीक्षा भी उन्होंने दी है और रिजल्ट के इंतजार में हैं।
शालिनी की मां किरन ग्रहणी है। छोटी सी नौकरी से पांच लोगों का परिवार पालने वाले पिता वेद प्रकाश कहते है कि भले ही जीवन गरीबी में गुजरा है, पर बच्चों का मन कभी नहीं मारा। उनकी छोटी बहन सरिता भी बीटीसी की ट्रेंनिग कर रही है और वह डाक विभाग की प्रदेश स्तरीय लेखन प्रतियोगिता भी जीत चुकी है। वहीं बीएससी कर चुका छोटा भाई अमन भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुश्किल हालातों से लड़कर बढ़ रही लक्ष्य की ओर
गरीब घर की बिटिया ने नीट में पाए अच्छे अंक
पहले सिपाही, फिर लेखपाल बनी, अब आईएएस की तैयारी में जुटीं
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर/महेवागंज। मन में हौसला और कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो कोई भी मंजिल आसानी से हासिल की जा सकती है। इसी सोच के साथ एक गरीब घर की बिटिया मुश्किल हालातों से लड़कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। पहले उन्होंने अपनी मेहनत से पुलिस में सिपाही का पद हासिल किया, उसके बाद लेखपाल की परीक्षा में पास हुई, फिलहाल उन्होंने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब उनका लक्ष्य आईएएस परीक्षा पास करना है।
शिवकलोनी निवासी लेखपाल शालिनी मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता वेद प्रकाश पशु चिकित्सालय फूलबेहड़ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है। सदर तहसील में लेखपाल के पद पर कार्यरत शालिनी शर्मा ने वर्ष 2017 में सिपाही के पद से इस्तीफा देकर लेखपाल की नौकरी अपनाई। उन्हें वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में सिपाही की नौकरी मिली थी। खेल कूद, ड्राइंग, पेंटिंग, लेखन में रुचि रखने वाली बीएससी, एमएड कर चुकी शालिनी हाल ही में नीट परीक्षा अच्छे अंकों से पास की है, अब वह आईएएस की तैयारी में जुटी है। शिक्षा विभाग और समीक्षा अधिकारी की परीक्षा भी उन्होंने दी है और रिजल्ट के इंतजार में हैं।
विज्ञापन
शालिनी की मां किरन ग्रहणी है। छोटी सी नौकरी से पांच लोगों का परिवार पालने वाले पिता वेद प्रकाश कहते है कि भले ही जीवन गरीबी में गुजरा है, पर बच्चों का मन कभी नहीं मारा। उनकी छोटी बहन सरिता भी बीटीसी की ट्रेंनिग कर रही है और वह डाक विभाग की प्रदेश स्तरीय लेखन प्रतियोगिता भी जीत चुकी है। वहीं बीएससी कर चुका छोटा भाई अमन भी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन