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आस लगाए थे कर्जमाफी की, कट गई आरसी

Wed, 19 Jun 2019 01:43 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jun 2019 01:43 AM IST
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आस लगाए थे कर्जमाफी की, कट गई आरसी
लखीमपुर खीरी। कर्जमाफी की उम्मीद में बैंक का कर्ज न चुकाने वालों के लिए बुरी खबर है। अब बैंकें अपना पैसा वसूलने के लिए कार्रवाई की स्थिति में आ गई हैं। आर्यावर्त बैंक (पहले इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक) ने 1500 कर्जदार किसानों को 21 करोड़ की वसूली के लिए आरसी (वसूली प्रमाणपत्र) जारी कर दिया है। इनके खिलाफ जल्द ही जिला प्रशासन का एक्शन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा चिह्नित किए गए 4300 कर्जदार किसानों के खिलाफ भी जल्द ही आरसी जारी होने वाली है।
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आर्यावर्त बैंक की जनपद में कुल 75 शाखाएं हैं। इनमें से ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की गई हैं। इनकी शाखाओं से ज्यादातर किसानों को ही कर्ज बांटा गया है। उनसे रिकवरी न होने से बैंक का एनपीए घाटा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार राठौर ने बताया कि बैंक का जनपद में 450 करोड़ रुपये एनपीए घोषित हो चुका है। किसानों और ग्राहकों को अपना खाता नियमित कराने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए नोटिस भेजे गए। जिन्होंने दो सालों से लेनदेन नहीं किया और लोक अदालत के फैसले से भी मुकर गए। इसके बावजूद जो कर्जदार अपना खाता सही नहीं करा रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार आरसी की कार्रवाई की जा रही है। ऐसे कुल 5800 किसान चिह्नित किए गए हैं। अब तक 1500 किसानों से कुल 21 करोड़ की वसूली के लिए आरसी की गई है। शेष को जल्द ही आरसी जारी कर दी जाएगी।
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10 प्रतिशत धनराशि अधिक चुकानी पड़ेगी
आरसी की कार्रवाई से किसानों पर बैंक की कुल बकाया धनराशि का 10 प्रतिशत कलेक्शन चार्ज के तौर पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मसलन एक लाख के बकाया पर 10 प्रतिशत यानी 10 हजार रुपये तहसील प्रशासन भी अलग से वसूल करेगा। इस समस्या से बचने के लिए किसानों को अपना खाता 30 जून से पहले सही कराना जरूरी है।
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तो ऐसे किसानों पर होगी एफआईआर
कई किसान ऐसे भी हैं, जिन्होंने बैंक से कर्ज लेकर ट्रैक्टर खरीदा था। बैंक की किस्तें जमा नहीं कीं और ट्रैक्टर भी दूसरे को बेच दिया है। ऐसे कर्जदार किसानों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।


नियमित तौर पर पैसा जमा करने वाले किसानों को ब्याज में छूट दी जाती है, लेकिन कर्जमाफी के चक्कर में काफी किसानों ने दो साल से लेनदेन नहीं किया है। नोटिस देने के बावजूद बैैंक आकर अपना खाता संचालित नहीं करा रहे हैैं। ऐसे किसानों को आरसी जारी की जा रही हैं।
- अनिल कुमार राठौर, क्षेत्रीय प्रबंधक, आर्यावर्त बैंक
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