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27 गांवों में नक्शा पास कराने के बाद ही कर सकेंगे भवन निर्माण
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद लखीमपुर और नगर पंचायत खीरी टाउन समेत आसपास के 27 गांवों को विनियमित क्षेत्र घोषित हुए 27 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण कराया जा रहा था। प्रापर्टी डीलर भी मनमाने तरीके से बिना नक्शा पास कराए प्लाटिंग कर कालोनी बनाने में जुटे हैं लेकिन रेरा (रियल स्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी) ने प्रापर्टी डीलरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही विनियमित क्षेत्र के नियम प्राधिकारी/एसडीएम सदर ने भी 27 गांवों में बिना नक्शा पास कराए भवन निर्माण को अवैध करार देते हुए आरवीओ एक्ट के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विनियमित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक भवन निर्माण कराने से पहले नियत प्राधिकारी कार्यालय से मानचित्र (नक्शा) पास कराना अनिवार्य है। नियत प्राधिकारी की अनुमति लिए बिना कोई भी भवन निर्माण पूर्णतया अवैध माना जाएगा। जेई राजकुमार ने बताया कि विनियमित क्षेत्र में गांव बांसखेड़ा, राजापुर, मुड़िया खेड़ा, अरनीखाना, भंसड़िया, छाउछ, उदयपुर महेवा, मिदनियां, सैधरी, लखीमपुर देहात, प्यारेपुर, सलेमपुर, मीरपुर, रामापुर, पहाड़पुर, लाहौरीनगर, बांसताली, कुंवरपुर, सरांय सकनट, सरांय रत्ता, महावत कैमहरा, पनगी कला, निजामपुर, जयदरथ, पट्टी विजयी, बरखेरवा और नौरंगाबाद शामिल हैं।
प्रापर्टी डीलरों के निशाने पर गांवों की जमीन
विनियमित क्षेत्र में आने वाले ज्यादातर गांवों की जमीनों पर प्रापर्टी डीलरों ने अपनी नजरें गड़ा रखी हैं। वे बिना तलपट मानचित्र (ले आउट प्लान) स्वीकृत कराए प्लाटिंग कर रहे थे। इतना ही नहीं रियल स्टेट रेगुलेशन अथारिटी (रेरा) में भी उनका पंजीकरण नहीं कराया गय है। इसके चलते करीब 35 प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए बनाए गए भवनों को ध्वस्त किया जाएगा, जिसके लिए कुछ लोगों को नोटिस दी गई है। प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। नियमों का पालन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर
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विनियमित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का आवासीय या व्यावसायिक भवन निर्माण कराने से पहले नियत प्राधिकारी कार्यालय से मानचित्र (नक्शा) पास कराना अनिवार्य है। नियत प्राधिकारी की अनुमति लिए बिना कोई भी भवन निर्माण पूर्णतया अवैध माना जाएगा। जेई राजकुमार ने बताया कि विनियमित क्षेत्र में गांव बांसखेड़ा, राजापुर, मुड़िया खेड़ा, अरनीखाना, भंसड़िया, छाउछ, उदयपुर महेवा, मिदनियां, सैधरी, लखीमपुर देहात, प्यारेपुर, सलेमपुर, मीरपुर, रामापुर, पहाड़पुर, लाहौरीनगर, बांसताली, कुंवरपुर, सरांय सकनट, सरांय रत्ता, महावत कैमहरा, पनगी कला, निजामपुर, जयदरथ, पट्टी विजयी, बरखेरवा और नौरंगाबाद शामिल हैं।
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प्रापर्टी डीलरों के निशाने पर गांवों की जमीन
विनियमित क्षेत्र में आने वाले ज्यादातर गांवों की जमीनों पर प्रापर्टी डीलरों ने अपनी नजरें गड़ा रखी हैं। वे बिना तलपट मानचित्र (ले आउट प्लान) स्वीकृत कराए प्लाटिंग कर रहे थे। इतना ही नहीं रियल स्टेट रेगुलेशन अथारिटी (रेरा) में भी उनका पंजीकरण नहीं कराया गय है। इसके चलते करीब 35 प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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विनियमित क्षेत्र में बिना नक्शा पास कराए बनाए गए भवनों को ध्वस्त किया जाएगा, जिसके लिए कुछ लोगों को नोटिस दी गई है। प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। नियमों का पालन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर