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निजी अस्पतालों में लटके ताले, इलाज के लाले

Tue, 18 Jun 2019 06:57 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 06:57 PM IST
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निजी अस्पतालों में लटके ताले, इलाज के लाले
लखीमपुर खीरी। पश्चिम बंगाल में चल रहे चिकित्सकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के 24 घंटे की हड़ताल के ऐलान पर जिले भर के निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम में ओपीडी बंद रही। जिस कारण जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड पड़ी, जिससे वहां के पर्चा काउंटर से लेकर इमरजेंसी तक में मरीजों की भारी भीड़ रही।
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बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना से निजी प्रैक्टिस कर रहे चिकित्सकों में नाराजगी है। डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर आईएमए ने सोमवार से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान कर दिया था, जिससे सोमवार को जिले के सभी निजी अस्पताल एवं नर्सिंग होम में मरीजों को देखने का काम बंद रहा। निजी अस्पतालों में हड़ताल के चलते मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल में उमड़ पड़ी। इससे पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टर कक्ष के आगे एवं इमरजेंसी तक में मरीजों की भारी भीड़ रही। मरीजों की उमड़ी भीड़ को लेकर अस्पताल में अफरातफरी का माहौल रहा।
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पलियाकलां में बंद रहे निजी अस्पताल
पलियाकलां। सोमवार को शहर में स्थित सभी प्राइवेट अस्पताल बंद रहे। इससे मरीज खासे परेशान रहे। निजी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रहीं। निजी अस्पताल में मरीज न देखे जाने से सीएचसी में मरीजों की भारी भीड़ रही और दवा लेने के लिए मरीजों को भी काफी परेशान होना पड़ा।
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सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताई नाराजगी
लखीमपुर खीरी। बंगाल में हुई घटना से नाराज प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई की बैठक सोमवार को जिला अस्पताल के सभागार में हुई। जिलाध्यक्ष डॉ. आरएस मधौरिया ने डॉक्टरों पर हो रहे हमले निंदा करते हुए सुरक्षा एवं सम्मान के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। बंगाल की घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला अस्पताल के डॉक्टर काली पट्टी बांधकर मरीजों का इलाज करते रहे। इस दौरान प्रभारी सीएमएस डॉ. संतोष मिश्रा, डॉ. अमितेश दत्त द्विवेदी, डॉ. अमित सिंह, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. एसके सिंह आदि मौजूद रहे।
गोला गोकर्णनाथ। चिकित्सकों की देशव्यापी हड़ताल का नगर में भी असर दिखाई दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने गेट पर हड़ताल संबंधी सूचना चस्पा कर दी। निजी अस्पताल में इलाज न मिल पाने के कारण सीएचसी, पीएचसी पर मरीज उमड़ पड़े। वहीं सीएचसी के डॉक्टर भी घटना से नाराज दिखे। उन्होंने काली पट्टी बांधकर ओपीडी एवं इमरजेंसी में मरीजों को देखा। अधीक्षक डॉ. कुलदीप आदिम ने बताया कि काली पट्टी बांधकर विरोध दर्शाया गया है। मरीजों को कोई दिक्कत न हो इसलिए ओपीड़ी चालू रही।
मोहम्मदी। मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बंगाल में डॉक्टरों पर हुए हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। इस दौरान डॉ. श्रीकांत शुक्ला, डॉ. अवधेश गुप्ता, डॉ. आशा रस्तोगी, डॉ. आशीष मेहरोत्रा, डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. सुभाष गुप्ता, डॉ. हरिशंकर वर्मा, डॉ. श्रीकांत वर्मा, डॉ. बीके मिश्र, डॉ. रूपालिका मेहरोत्रा, डॉ. आस्था खरे, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. अशोक यादव, डॉ. अनूप पाठक, डॉ. आशुतोष शुक्ला आदि मौजूद रहे।


प्रदेश नेतृत्व के आदेश का इंतजार
लखीमपुर खीरी। इंडियन मेडिकल एसोसियेशन (आईएमए) के पदाधिकारियों ने बैठक कर चिकित्सकों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त कर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया। पदाधिकारियों का कहना है हड़ताल मंगलवार की सुबह छह बजे तक प्रभावी है। इसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देशों का पालन होगा।
आईएमए के आह्वान पर नर्सिंग होम, पैथोलॉजी आदि सोमवार की सुबह छह बजे से मंगलवार की सुबह छह बजे तक 24 घंटे की हड़ताल पर रहे। मीरपुर स्थित एसोसियेशन के भवन में पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर डॉक्टरों पर हो रहे हमलों के संदर्भ में जीरो टॉलरेंस का निर्णय लिया। जिलाध्यक्ष डॉ. दिनेश दुआ ने कहा कि डॉक्टरों पर आए दिन हमलेे हो रहे हैं। ऐसे में इलाज करना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए। सचिव डॉ. एमआर खान ने कहा कि मंगलवार की सुबह छह बजे तक हड़ताल जारी है। इसके बाद आईएमए की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से मिलने वाले निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस दौरान डॉ. केके मिश्रा, डॉ. संजीव भल्ला, डॉ. रूबी मेहता. डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. राधा टंडन आदि मौजूद रहे।

निजी अस्पताल में नहीं मिला इलाज, तो पहुंचे जिला अस्पताल
निघासन निवासी कलीम उल्ला ने बताया कि पत्नी अचानक तबीयत खराब हो गई। इस पर उसे कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन हड़ताल बताकर जिला अस्पताल ले जाने को कहा। इस पर इमरजेंसी में लाकर दिखाया।
फूलबेहड़ के गांव चौरठिया निवासी साठ वर्षीय पंचम को लेकर जिला अस्पताल आए भतीजे हनीफ ने बताया कि गुर्दे में जख्म हैं। दर्द उठने पर एक निजी अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां पर मना कर दिया गया। इसलिए जिला अस्पताल ले आए। दवाएं मिली हैं, जिससे कुछ राहत है।

सीएचसी में रहा अलर्ट, जिला एवं महिला अस्पताल पहुंचे सीएमओ
सोमवार को हड़ताल का ऐलान होने से जिला एवं महिला अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी में अलर्ट रहा। वहीं सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने जिला एवं महिला अस्पताल पहुंचकर ओपीडी का जायजा लिया और डॉक्टरों को मरीजों को देखने में कोताही न करने के निर्देश दिए।


हड़ताल की सूचना मिलते ही सीएचसी और पीएचसी से लेकर जिला एवं महिला अस्पताल के डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया था, जिससे मरीजों को इलाज मिलने में कोई असुविधा न हो।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
 
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