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सोशल आडिट से हटेगी धांधली की पर्त

Mon, 17 Jun 2019 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jun 2019 01:36 AM IST
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सोशल आडिट से हटेगी धांधली की पर्त
लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कराए गए कार्यों, धनराशि खर्च और गुणवत्ता की जांच के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने 109 ग्राम पंचायतों का रोस्टर जारी कर दिया है, जिनमें वर्ष 2018-19 में दोनों योजनाओं में कराए गए कार्यों की स्थलीय जांच की जाएगी। करीब दो साल से ठप सोशल आडिट प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से विकास कार्यों में हुई धांधलियों की पोल पट्टी खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। खास बात यह है कि अगले साल त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं, जिससे ग्रामीणों के साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की दिलचस्पी प्रधानों और सचिवों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
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जनपद में कुल 1167 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें दो सालों से सोशल आडिट का कार्य ठप था। टीम के लिए सदस्यों के चयन की आयु सीमा में किए गए बदलाव से मामला कोर्ट में भी चला, लेकिन अब स्थितियां अनुकूल हुई हैं। डीएम ने 109 ग्राम पंचायतों में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में कराए गए विकास कार्यों के स्थलीय सत्यापन के लिए 17 जून से 20 जुलाई 2019 तक अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सोशल आडिट प्रक्रिया तीन दिन तक चलेगी। ब्लॉक सोशल आडिट कोआर्डिनेटर के नेतृत्व में सोशल आडिट टीम मनरेगा और प्रधानमंत्री आवासों के अभिलेखों की जांच कर स्थलीय सत्यापन करेगी। सोशल आडिट की तिथि के व्यापक प्रचार प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों में एक दिन पहले माइक से घोषणा कराने की जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी को दी गई है।
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बैठक में मौजूद रहेंगे जिला स्तरीय अधिकारी
ग्राम पंचायतों में सोशल आडिट को पारदर्शी बनाने के लिए डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अफसर नामित किया है, जो निर्धारित तिथियों में संबंधित ग्राम पंचायत में उपस्थित रहकर सोशल आडिट शांतिपूर्वक संपन्न कराएंगे।
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रोस्टर के अनुसार ब्लॉक का सोशल ऑडिट संपन्न होने के बाद ब्लॉक स्तर पर सोशल आडिट सभा की जाएगी, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों में जांच में मिली कमियों/अनियमितताओं पर बिंदुवार चर्चा होगी। जिन कमियों का ब्लॉक स्तरीय सोशल आडिट सभा में निस्तारण नहीं हो पाएगा, उन पर एक्शन प्वाइंट का निर्धारण किया जाएगा। एक्शन प्वाइंट और सोशल आडिट के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने के लिए रिपोर्ट ग्राम पंचायत निदेशालय, आयुक्त ग्राम्य विकास डीएम और संबंधित बीडीओ को भेजी जाएगी।
अरविंद कुमार, जिला विकास अधिकारी
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