{"_id":"5d067bbc8ebc3e6c6931c92b","slug":"156070596819-lakhimpur-news133","type":"story","status":"publish","title_hn":"पलिया मंडी के औचक निरीक्षण में मिली खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पलिया मंडी के औचक निरीक्षण में मिली खामियां
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश सरकार जहां स्वच्छ भारत मिशन चलाकर सफाई के लिए पानी की तरह पैसा खर्च कर रही है, तो वहीं मंडी समिति पलिया के सचिव स्वच्छ मंडी सुंदर मंडी की योजना को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। यह बात मंडी का निरीक्षण करने आए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ बाल्मीकि ने कही है। उन्होंने मंडी सचिव के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही है।
मंडी समिति पलिया में सफाई कार्य के लिए छह लोगों को ठेके पर नियुक्त किया गया, लेकिन सिर्फ दो लोगों से ही कार्य कराया जा रहा है। इसे आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया हैै। अध्यक्ष ने मंडी सचिव धर्मेंद्र कुमार यादव से जब ठेके का रजिस्टर मांगा, तो उसे नहीं दिखा सके। छह सफाई कर्मचारियों के नाम पूछे और टेंडर फाइल मांगी, लेकिन इसकी भी जानकारी नहीं दे सके। करीब एक घंटे तक पलिया मंडी में कागजातों की पड़ताल की गई, तो फर्जी तरीके से 37500 रुपये सफाई मद में निकाले जा रहे हैं, लेकिन मौके पर मौजूद दो कर्मचारियों में से राधेश्याम ने बताया कि उन्हें मात्र तीन हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। जबकि दूसरे कर्मचारी वीरेंद्र ने बताया उन्हें छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। कर्मचारियों की कमी से मंडी पूरी तरह से गंदगी से पटी मिली। बड़ी-बड़ी झाड़ियां देखकर अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ बाल्मीकि ने सचिव को फटकार भी लगाई। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने पीआरडी के भुगतान में भी सभापति एसडीएम पूजा यादव के हस्ताक्षरों का सचिव द्वारा दुरुपयोग किए जाने का मामला पकड़ा है। इस दौरान उपनिदेशक निर्माण केई सोनकर, ईओ पलिया मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंडी समिति पलिया में सफाई कार्य के लिए छह लोगों को ठेके पर नियुक्त किया गया, लेकिन सिर्फ दो लोगों से ही कार्य कराया जा रहा है। इसे आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया हैै। अध्यक्ष ने मंडी सचिव धर्मेंद्र कुमार यादव से जब ठेके का रजिस्टर मांगा, तो उसे नहीं दिखा सके। छह सफाई कर्मचारियों के नाम पूछे और टेंडर फाइल मांगी, लेकिन इसकी भी जानकारी नहीं दे सके। करीब एक घंटे तक पलिया मंडी में कागजातों की पड़ताल की गई, तो फर्जी तरीके से 37500 रुपये सफाई मद में निकाले जा रहे हैं, लेकिन मौके पर मौजूद दो कर्मचारियों में से राधेश्याम ने बताया कि उन्हें मात्र तीन हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। जबकि दूसरे कर्मचारी वीरेंद्र ने बताया उन्हें छह हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। कर्मचारियों की कमी से मंडी पूरी तरह से गंदगी से पटी मिली। बड़ी-बड़ी झाड़ियां देखकर अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ बाल्मीकि ने सचिव को फटकार भी लगाई। मौके पर मौजूद तहसीलदार ने पीआरडी के भुगतान में भी सभापति एसडीएम पूजा यादव के हस्ताक्षरों का सचिव द्वारा दुरुपयोग किए जाने का मामला पकड़ा है। इस दौरान उपनिदेशक निर्माण केई सोनकर, ईओ पलिया मौजूद रहे।
विज्ञापन