{"_id":"59807d134f1c1bf8588b4596","slug":"15-000-children-of-disadvantaged-primary-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेपटरी हुई प्राथमिक स्कूलों के 15 हजार बच्चों की पढ़ाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेपटरी हुई प्राथमिक स्कूलों के 15 हजार बच्चों की पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र के लगभग 114 स्कूलों में पठन-पाठन ठप
ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने से बेसिक शिक्षा पटरी से उतर गई है। एक तरफ जहां स्कूल चलो अभियान पर ब्रेक लगा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल बंद होने से करीब 15 हजार बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।
समायोजन रद्द हो जाने से आक्रोशित शिक्षमित्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है, और जिन प्रधानाध्यापकों (शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों) के पास चाबियां थी, उन्होंने स्कूल खोलने भी बंद कर दिए है। बीएसए बुद्धप्रिय सिंह ने स्वीकार किया है कि बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र के लगभग 115 स्कूलों में मिड-डे मील प्रभावित होने के साथ ही स्कूलों में करीब 14 हजार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। बीएसए का कहना है कि इन स्कूलों में बच्चों के पठन-पाठन कार्य शुरू कराने की व्यवस्था की जा रही है।
बता दें कि वर्तमान में ब्लॉक क्षेत्र के 163 प्राथमिक स्कूलों में लगभग 19 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कुल स्कूलों में लगभग 540 शिक्षक तैनात हैं। इसमें कुल 192 (इंचार्ज प्रधानाध्यापक) शिक्षामित्र/समायोजित शिक्षक है और समायोजन रद्द होने से शिक्षक रोजी-रोटी खो चुके है। यानी कुल तैनाती के सापेक्ष एक तिहाई शिक्षकों की नौकरी खत्म हो चुकी है। इस अनुपात में देखा जाए तो लगभग पंद्रह हजार के आसपास बच्चों की पढ़ाई फिलहाल बाधित हो रही है। इन स्कूलों में पाठ्य-पुस्तकें और यूनिफार्म वितरण भी ठप हो गया है।
विज्ञापन
भीख नहीं नौकरी चाहिए, नारे लगा रहे कई शिक्षामित्र
समायोजन रद्द होने के बाद कई दिनों से गांधीगिरी का तरीका अपना रहे ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षामित्रों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। समस्या का अभी तक कोई हल न निकलने पर अब आक्रोशित शिक्षामित्र आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे है। इसको लेकर ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनों शिक्षामित्र भीख नहीं नौकरी चाहिए के नारे लगा रहे है।
विज्ञापन
ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने से बेसिक शिक्षा पटरी से उतर गई है। एक तरफ जहां स्कूल चलो अभियान पर ब्रेक लगा है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल बंद होने से करीब 15 हजार बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।
समायोजन रद्द हो जाने से आक्रोशित शिक्षमित्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है, और जिन प्रधानाध्यापकों (शिक्षक पद पर समायोजित शिक्षामित्रों) के पास चाबियां थी, उन्होंने स्कूल खोलने भी बंद कर दिए है। बीएसए बुद्धप्रिय सिंह ने स्वीकार किया है कि बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र के लगभग 115 स्कूलों में मिड-डे मील प्रभावित होने के साथ ही स्कूलों में करीब 14 हजार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है। बीएसए का कहना है कि इन स्कूलों में बच्चों के पठन-पाठन कार्य शुरू कराने की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन
बता दें कि वर्तमान में ब्लॉक क्षेत्र के 163 प्राथमिक स्कूलों में लगभग 19 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कुल स्कूलों में लगभग 540 शिक्षक तैनात हैं। इसमें कुल 192 (इंचार्ज प्रधानाध्यापक) शिक्षामित्र/समायोजित शिक्षक है और समायोजन रद्द होने से शिक्षक रोजी-रोटी खो चुके है। यानी कुल तैनाती के सापेक्ष एक तिहाई शिक्षकों की नौकरी खत्म हो चुकी है। इस अनुपात में देखा जाए तो लगभग पंद्रह हजार के आसपास बच्चों की पढ़ाई फिलहाल बाधित हो रही है। इन स्कूलों में पाठ्य-पुस्तकें और यूनिफार्म वितरण भी ठप हो गया है।
विज्ञापन
भीख नहीं नौकरी चाहिए, नारे लगा रहे कई शिक्षामित्र
समायोजन रद्द होने के बाद कई दिनों से गांधीगिरी का तरीका अपना रहे ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षामित्रों के सब्र का बांध अब टूट रहा है। समस्या का अभी तक कोई हल न निकलने पर अब आक्रोशित शिक्षामित्र आर-पार की लड़ाई के मूड में दिख रहे है। इसको लेकर ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनों शिक्षामित्र भीख नहीं नौकरी चाहिए के नारे लगा रहे है।