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बाघिन ने तीन मवेशियों को मार डाला
Updated Wed, 11 Apr 2018 07:36 PM IST
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बाघिन ने तीन मवेशियों
को मार डाला
- सिंगाही, निघासन और तिकुनियां क्षेत्र में 22 मवेशियों को मार चुके हैं बाघ-बाघिन
अमर उजाला ब्यूरो
निघासन।
क्षेत्र के बंजरिया जंगल में घास चरने गए दो भैंस के बच्चे और सुहेली नहर के पास गौशाला में एक गाय के बच्चे को मार डाला। बाघ को देखकर गौशाला की रखवाली कर रहा एक व्यक्ति बेहोश हो गया।
क्षेत्र के गांव कौड़िया निवासी राम औतार ने बताया कि गांव के उत्तर सुहेली नहर के किनारे जंगल के पास उसने अपनी गौशाला बना रखी है। मंगलवार की रात वह गौशाला में ही लेटा हुआ था। उसने गाय के बच्चे को अपनी चारपाई में रस्सी से बांध रखा था। रात्रि करीब ढाई बजे बाघ गौशाला में आया और बछिया पर हमला बोल दिया। बाघ को देखकर रामऔतार बेहोश हो गया। करीब एक घंटे बाद होश आया और उसने देखा कि उसकी बछिया मरी पड़ी थी। बुधवार सुबह वह अपने साथियों के साथ जंगल में मवेशी चराने गया था। वहां पर भी बाघ ने हमला बोल दिया। चरवाहों के शोर मचाने पर बाघ भाग निकला।
क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ निवासी सलामत, कयूम दोनों अपने मवेशियों को लेकर बजंरिया जंगल में चराने गए थे। वहां पर बाघ ने हमला बोलते हुए भैंस के दो बच्चों पर हमला बोलते हुए मौत के घाट उतार दिया। बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत है। अब तक बाघ ने सिंगाही, निघासन और तिकुनियां क्षेत्र में 22 मवेशियों को मार चुका है और करीब सात लोगों पर हमला कर घायल कर चुका है। इस संबंध में रेंजर पलटू राम राना ने बताया कि जंगल में मवेशी चराने नहीं जाना चाहिए। जंगल तो जंगली जानवरों का घर है।
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को मार डाला
- सिंगाही, निघासन और तिकुनियां क्षेत्र में 22 मवेशियों को मार चुके हैं बाघ-बाघिन
अमर उजाला ब्यूरो
निघासन।
क्षेत्र के बंजरिया जंगल में घास चरने गए दो भैंस के बच्चे और सुहेली नहर के पास गौशाला में एक गाय के बच्चे को मार डाला। बाघ को देखकर गौशाला की रखवाली कर रहा एक व्यक्ति बेहोश हो गया।
क्षेत्र के गांव कौड़िया निवासी राम औतार ने बताया कि गांव के उत्तर सुहेली नहर के किनारे जंगल के पास उसने अपनी गौशाला बना रखी है। मंगलवार की रात वह गौशाला में ही लेटा हुआ था। उसने गाय के बच्चे को अपनी चारपाई में रस्सी से बांध रखा था। रात्रि करीब ढाई बजे बाघ गौशाला में आया और बछिया पर हमला बोल दिया। बाघ को देखकर रामऔतार बेहोश हो गया। करीब एक घंटे बाद होश आया और उसने देखा कि उसकी बछिया मरी पड़ी थी। बुधवार सुबह वह अपने साथियों के साथ जंगल में मवेशी चराने गया था। वहां पर भी बाघ ने हमला बोल दिया। चरवाहों के शोर मचाने पर बाघ भाग निकला।
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क्षेत्र के गांव मुंशीगढ़ निवासी सलामत, कयूम दोनों अपने मवेशियों को लेकर बजंरिया जंगल में चराने गए थे। वहां पर बाघ ने हमला बोलते हुए भैंस के दो बच्चों पर हमला बोलते हुए मौत के घाट उतार दिया। बाघ के हमले से क्षेत्र में दहशत है। अब तक बाघ ने सिंगाही, निघासन और तिकुनियां क्षेत्र में 22 मवेशियों को मार चुका है और करीब सात लोगों पर हमला कर घायल कर चुका है। इस संबंध में रेंजर पलटू राम राना ने बताया कि जंगल में मवेशी चराने नहीं जाना चाहिए। जंगल तो जंगली जानवरों का घर है।
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