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Lakhimpur Kheri News: 133 समूहों ने स्वरोजगार के लोन की रकम दूसरे कामों में खर्च कर डाली
Sun, 10 Aug 2025 11:03 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 10 Aug 2025 11:03 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले के 133 स्वयं सहायता समूहों ने स्वरोजगार के लिए बैंकों से 1.50 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण लेकर अन्य कामों में खर्च कर डाली। यह ऋण एक से दो साल पहले लिया गया था, लेकिन रोजगार करने के बजाय महिलाओं ने ऋण का पैसा अन्य खर्चों में लगा दिया। ऋण के रुपये जमा न करने पर बैंकों ने खातों को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) कर दिए हैं।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह गठित होते हैं, जिसमें शामिल महिलाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण दिलाया जाता है। ऋण की धनराशि से ब्यूटी पार्लर खोलने, गृह सज्जा के उत्पाद तैयार करने, पशुपालन, सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान, परचून की दुकान खोलने, सौंदर्य प्रसाधन व रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोलने आदि रोजगार कर सकते हैं।
बेशक काफी स्वयं सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ समूहों अपने उद्देश्य से भटक जाती हैं। जिले में 5259 समूहों में 267 समूहों ने ऋण का पैसा समय पर जमा नहीं किया। इससे बैंकों ने उनको खाता एनपीए कर दिया। विभागीय अफसरों ने महिलाओं को जागरूक कर 134 का पैसा जमा कराया। अब 133 समूह बचे हैं, जिनके खाते एनपीए है।
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डीसी एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि समूहों की महिलाओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। काफी ने अपना पैसा जमा किया है। 267 में अब मात्र 133 समूह बचे हैं, जो एनपीए है।
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह गठित होते हैं, जिसमें शामिल महिलाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से ऋण दिलाया जाता है। ऋण की धनराशि से ब्यूटी पार्लर खोलने, गृह सज्जा के उत्पाद तैयार करने, पशुपालन, सरकारी सस्ता गल्ला की दुकान, परचून की दुकान खोलने, सौंदर्य प्रसाधन व रेडीमेड कपड़ों की दुकान खोलने आदि रोजगार कर सकते हैं।
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बेशक काफी स्वयं सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ समूहों अपने उद्देश्य से भटक जाती हैं। जिले में 5259 समूहों में 267 समूहों ने ऋण का पैसा समय पर जमा नहीं किया। इससे बैंकों ने उनको खाता एनपीए कर दिया। विभागीय अफसरों ने महिलाओं को जागरूक कर 134 का पैसा जमा कराया। अब 133 समूह बचे हैं, जिनके खाते एनपीए है।
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डीसी एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि समूहों की महिलाओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। काफी ने अपना पैसा जमा किया है। 267 में अब मात्र 133 समूह बचे हैं, जो एनपीए है।