{"_id":"5a37f5f54f1c1b4c528ba46f","slug":"131513616885-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावे बेअसर...भीषण ठंड में ठिठुर रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावे बेअसर...भीषण ठंड में ठिठुर रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
ठिठुरने को मजबूर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी।
प्रदेश सरकार ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों को जूता-मोजा और स्वेटर का वितरण करने के आदेश दिए थे, लेकिन भीषण ठंड में बच्चे ठिठुरने को मजबूर हैं। नगर निकाय चुनाव के दौरान जूता-मोजे की डिलीवरी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंच गई थी, लेकिन स्वेटर की आपूर्ति अभी नहीं हुई है। निकाय चुनाव समाप्त हुए एक पखवाड़े से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी स्कूलों में जूता-मोजे का वितरण नहीं हो सका है। मजबूरन स्कूलों में बच्चे आग तापकर खुद को ठंड से बचाने का जतन करने को मजबूर हैं। कई स्कूलों में बच्चों को जमीन पर ही बैठाया जा रहा है।
जनपद में कुल 3853 परिषदीय स्कूल हैं, जिनमें करीब 4.80 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। योगी सरकार ने चार माह पहले यूनिफार्म के अलावा बच्चों को जूते, मोजे और स्वेटर का वितरण कराने का आदेश दिया था। इसके लिए अलग से बजट भी जारी किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने ढाई माह पहले जूते-मोजे की सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कराते हुए पावरलैंड कंपनी को जूता और खादिम कंपनी को मोजे सप्लाई करने का आर्डर दिया था, जिसने अक्तूबर के बजाय नवंबर के आखिरी सप्ताह में आपूर्ति बीआरसी केंद्रों पर की, जबकि स्वेटर का मामला टेंडर प्रक्रिया में विचाराधीन है। पहले अधिकारी नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते रहे, लेकिन चुनाव नतीजे घोषित होने के 17 दिन बीतने पर भी बच्चों को जूता-मोजा नहीं बांटे जा सके हैं। सूत्रों की मानें तो नेताओं के हाथों बच्चों को जूता-मोजा का वितरण कराने का तानाबाना बुने जाने से देरी हो रही है।
मितौली। मितौली क्षेत्र के 230 प्राथमिक और 99 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर हैं। कचियानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें कई बच्चों के पास स्वेटर नहीं है। सोमवार को भीषण ठंड में बच्चे कांपते नजर आए। कमरे में फर्श पर बैठने से ज्यादा ठंड लगी, तो शिक्षक ने बच्चों को धूप में बैठाया। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते अभी इस विद्यालय के बच्चों को जूता-मोजे नहीं बांटे गए हैं, जिससे बच्चों को सरकार की मंशा के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
अमीरनगर। क्षेत्र के विद्यालयों में अभी स्वेटर तो दूर जूता-मोजे नहीं बांटे गए हैं, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भीषण ठंड में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्राथमिक विद्यालय अमीरनगर में बच्चों को कमरे में फर्श पर बैठाया गया, जिनमें कई बच्चे स्वेटर नहीं पहने थे। जूता-मोजे भी नहीं मिले हैं। प्राथमिक विद्यालय मूड़ा खालसा में बच्चे ठंड से बचने के लिए आग तापते मिले, जिन्हें भी जूता-मोजा और स्वेटर नहीं मिला है। शिक्षकों ने अभी जूता-मोजा प्राप्त न होने की बात कही है।
जूते-मोजे का वितरण शुरू करा दिया गया है। जल्द ही सभी विद्यालयों में बच्चों को जूता-मोजा मिल जाएगा। स्वेटर की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर से की जा रही है। आपूर्ति मिलते ही स्वेटर का भी वितरण कराया जाएगा।
- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने परिषदीय स्कूलों के बच्चों को जूता-मोजा और स्वेटर का वितरण करने के आदेश दिए थे, लेकिन भीषण ठंड में बच्चे ठिठुरने को मजबूर हैं। नगर निकाय चुनाव के दौरान जूता-मोजे की डिलीवरी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंच गई थी, लेकिन स्वेटर की आपूर्ति अभी नहीं हुई है। निकाय चुनाव समाप्त हुए एक पखवाड़े से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी स्कूलों में जूता-मोजे का वितरण नहीं हो सका है। मजबूरन स्कूलों में बच्चे आग तापकर खुद को ठंड से बचाने का जतन करने को मजबूर हैं। कई स्कूलों में बच्चों को जमीन पर ही बैठाया जा रहा है।
जनपद में कुल 3853 परिषदीय स्कूल हैं, जिनमें करीब 4.80 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। योगी सरकार ने चार माह पहले यूनिफार्म के अलावा बच्चों को जूते, मोजे और स्वेटर का वितरण कराने का आदेश दिया था। इसके लिए अलग से बजट भी जारी किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने ढाई माह पहले जूते-मोजे की सप्लाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कराते हुए पावरलैंड कंपनी को जूता और खादिम कंपनी को मोजे सप्लाई करने का आर्डर दिया था, जिसने अक्तूबर के बजाय नवंबर के आखिरी सप्ताह में आपूर्ति बीआरसी केंद्रों पर की, जबकि स्वेटर का मामला टेंडर प्रक्रिया में विचाराधीन है। पहले अधिकारी नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते रहे, लेकिन चुनाव नतीजे घोषित होने के 17 दिन बीतने पर भी बच्चों को जूता-मोजा नहीं बांटे जा सके हैं। सूत्रों की मानें तो नेताओं के हाथों बच्चों को जूता-मोजा का वितरण कराने का तानाबाना बुने जाने से देरी हो रही है।
विज्ञापन
मितौली। मितौली क्षेत्र के 230 प्राथमिक और 99 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर हैं। कचियानी स्थित प्राथमिक विद्यालय में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें कई बच्चों के पास स्वेटर नहीं है। सोमवार को भीषण ठंड में बच्चे कांपते नजर आए। कमरे में फर्श पर बैठने से ज्यादा ठंड लगी, तो शिक्षक ने बच्चों को धूप में बैठाया। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के चलते अभी इस विद्यालय के बच्चों को जूता-मोजे नहीं बांटे गए हैं, जिससे बच्चों को सरकार की मंशा के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
अमीरनगर। क्षेत्र के विद्यालयों में अभी स्वेटर तो दूर जूता-मोजे नहीं बांटे गए हैं, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भीषण ठंड में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्राथमिक विद्यालय अमीरनगर में बच्चों को कमरे में फर्श पर बैठाया गया, जिनमें कई बच्चे स्वेटर नहीं पहने थे। जूता-मोजे भी नहीं मिले हैं। प्राथमिक विद्यालय मूड़ा खालसा में बच्चे ठंड से बचने के लिए आग तापते मिले, जिन्हें भी जूता-मोजा और स्वेटर नहीं मिला है। शिक्षकों ने अभी जूता-मोजा प्राप्त न होने की बात कही है।
जूते-मोजे का वितरण शुरू करा दिया गया है। जल्द ही सभी विद्यालयों में बच्चों को जूता-मोजा मिल जाएगा। स्वेटर की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर से की जा रही है। आपूर्ति मिलते ही स्वेटर का भी वितरण कराया जाएगा।
- बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए