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फिर पुराने ढर्रे पर चार चीनी मिलें, भुगतान दबाया
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:26 PM IST
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Money
- फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी। चालू पेराई सत्र में कुछ दिनों तक सभी नौ चीनी मिलें समय से गन्ना मूल्य भुगतान कर रहीं थीं, लेकिन चार चीनी मिलें फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आई हैं। गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया हो गया है, जिस पर गन्ना विभाग ने ब्याज की गणना शुरू कर दी है। हालांकि पिछले पेराई सत्र का बकाया ब्याज अभी तक किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।
चार दिसंबर 2017 तक रिपोर्ट के मुताबिक चार मिलों पर किसानों का कुल 69.02 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। गोला मिल पर (खरीद की तिथि से 14 दिन पूर्व तक) किसानों का 21.34 करोड़, पलिया पर 23.36 करोड़, खंभारखेड़ा पर 12.67 करोड़ और ऐरा मिल पर 11.73 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। इन्हीं मिलों का पिछले वर्षों में भी भुगतान का रिकार्ड काफी खराब रहा है। सिर्फ अजबापुर, कुंभी, गुलरिया, बेलरायां और संपूर्णानगर मिलें ही समय से भुगतान कर रहीं हैं।
इस बावत जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने कहा है कि समय से गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली मिलों को ढुलाई में देय छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2017-18 में चीनी मिलों के वाह्य केंद्रों से मिल गेट तक गन्ना भेजने के लिए ढुलाई में .42 पैसे से लेकर अधिकतम 8.35 रुपये प्रति क्विंटल भारत सरकार द्वारा छूट (रिबेट) देय है। डीसीओ ने कहा कि बजाज ग्रुप की तीनों मिलों को सरकार अपने नियंत्रण में ले चुकी है इसलिए शीघ्र ही किसानों को समय से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
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चार दिसंबर 2017 तक रिपोर्ट के मुताबिक चार मिलों पर किसानों का कुल 69.02 करोड़ रुपये बकाया हो चुका है। गोला मिल पर (खरीद की तिथि से 14 दिन पूर्व तक) किसानों का 21.34 करोड़, पलिया पर 23.36 करोड़, खंभारखेड़ा पर 12.67 करोड़ और ऐरा मिल पर 11.73 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। इन्हीं मिलों का पिछले वर्षों में भी भुगतान का रिकार्ड काफी खराब रहा है। सिर्फ अजबापुर, कुंभी, गुलरिया, बेलरायां और संपूर्णानगर मिलें ही समय से भुगतान कर रहीं हैं।
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इस बावत जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने कहा है कि समय से गन्ना मूल्य भुगतान न करने वाली मिलों को ढुलाई में देय छूट का लाभ नहीं दिया जाएगा। वर्ष 2017-18 में चीनी मिलों के वाह्य केंद्रों से मिल गेट तक गन्ना भेजने के लिए ढुलाई में .42 पैसे से लेकर अधिकतम 8.35 रुपये प्रति क्विंटल भारत सरकार द्वारा छूट (रिबेट) देय है। डीसीओ ने कहा कि बजाज ग्रुप की तीनों मिलों को सरकार अपने नियंत्रण में ले चुकी है इसलिए शीघ्र ही किसानों को समय से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
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