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जगन्नाथ टांडा से कुछ दूरी पर रह गई शारदा नदी

Thu, 20 Sep 2018 07:44 PM IST
Updated Thu, 20 Sep 2018 07:44 PM IST
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जगन्नाथ टांडा से कुछ दूरी पर रह गई शारदा नदी
फोटो संख्या 20एलकेएच405, 406
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अब जगन्नाथ टांडा की ओर बढ़ रही शारदा नदी
कटान करते-करते पहुंची गांव, ग्रामीण तोड़ने लगे मकान

पलियाकलां। भीरा क्षेत्र के जंगल नंबर सात, छंगाटांडा का नामोनिशान मिटाने के बाद अब शारदा नदी का कटान जगन्नाथ टांडा की तरफ तेज हो गया है। नदी गांव से कुछ ही दूरी पर रह गई है लेकिन नदी का भयंकर कटान देखते हुए ग्रामीणों ने अपने पक्के मकानों को तोड़कर सामान आदि समेटना शुरू कर दिया है। कटान का दायरा शारदा दिन प्रतिदिन बढ़ा रही है जिससे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। उधर चमरौधा स्कूल के पुराने भवन का अगला हिस्सा भी शारदा नदी ने अपने आगोश में ले लिया है।

बता दें कि शारदा नदी का कटान बीते कई दिनों से भीरा इलाके में चल रहा है। नदी के कटान की स्थिति यह है कि नदी दो गांवों को अपने आगोश में ले चुकी है। जबकि चमरौधा के प्राथमिक स्कूल के नए भवन को भी नदी ने काटकर अपने में समा लिया है। पुराने भवन की आधी बिल्डिंग नदी में टंगी खड़ी थी जिसका अगला भाग भी अब नदी में समा गया है। जिससे नदी ने कटान का दायरा बढ़ाते हुए जगन्नाथ टांडा गांव की तरफ अपना कटान तेज कर दिया है। गांव की तरफ नदी काफी तेजी से बह रही है। नदी के कटान को देखते हुए जगन्नाथ टांडा गांव में पक्के मकान में रह रहे ग्रामीणों ने अपने घरों को तोड़ना शुरू कर दिया है। काफी तेजी से वह दिन रात एक कर अपना आशियाना तोड़ रहे हैं तथा ऊंचे स्थानों की तरफ अपने मकान का मलबा आदि लेकर यहां से पलायन करने लगे हैं। लगातार नदी का कटान देखते हुए ग्रामीण काफी परेशान हैं। हालांकि सिंचाई विभाग की तरफ से यहां पर बचाव कार्य किया जा रहा है लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है। विभाग की तरफ से मशीन द्वारा बालू को ट्यूबों में भरकर लगाया जा रहा है लेकिन नदी के कटान का आलम यह है कि वह ट्यूबें भी नदी में समा रही हैं। जिससे ग्रामीण अपने पक्के मकान तोड़ने को विवश हो गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इसी तरह अगर नदी कटान करती रही तो जगन्नाथ टांडा गांव का अस्तित्व भी एक दो दिन में खत्म हो जाएगा तथा गांव की जगह यहां नदी की धार चलेगी।
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