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शारदा नदी फिर उफनाई, कई रास्तों का संपर्क कटा
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:00 AM IST
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शारदा नदी उफनाई, कई रास्ते बंद
सुतिया नाले के रपटा पुल पर बह रहा पानी
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी से भूकटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। पहाड़ों व तराई इलाके में पिछले कई घंटों से हो रही के चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जल आयोग के मुताबिक शारदा नदी विकराल रूप में है। जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेमी ऊपर हो गया है। जबकि वर्षा भी 34.0 मिमी रिकार्ड की गई है। उधर महंगापुर के सुतिया नाले पर स्थित रपटा पुल पर बाढ़ का पानी चलने लगा है। इसके अलावा बाढ़ आ जाने से कई गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं।
तराई में पिछले कई दिन से बरसात हो रही है। जल आयोग के मुताबिक सुबह आठ बजे तक 34.0 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। शारदा खतरे के निशान से 125 सेमी ऊपर पहुंच गई है। नदी के पास बसे गांव श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर, दौलतापुर, देशराज टांडा, ढखिया खुर्द, नयापुरवा, चैरी, जंगल नंबर सात आदि में नदी काफी तेजी से कटान कर रही है। उधर इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब तीन से चार फुट तक पानी चलने लगा है। जबकि चीनी मिल के पास से नगला गांव जाने वाले रास्ते पर पानी बह रहा है। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग से मेलाघाट की तरफ जाने वाले रास्ते पर जलभराव हो गया है। जिससे रास्ते बंद हो गए हैं।
महंगापुर। लगातार होने वाली बारिश के बाद शारदा का जलस्तर बढ़ने से महंगापुर क्षेत्र का सुतिया नाला उफन पर आ गया है। सुतिया नाले में पानी बढ़ने से महंगापुर से परसपुर, लगदहन, बाजपुर आदि के संपर्क मार्ग पर पानी चलने लगा है। महंगापुर से निकलते ही रपटा पुल पर दो फिट पानी चल रहा है। जिससे लोगों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई हैं। वहीं लगदहन से बाजपुर जाना तो लगभग बंद हो गया है। परसपुर, लगदहन, बाजपुर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्यापक भी नहीं पहुंच सके। नाव न होने के कारण वह लोग पुल को पार ही नहीं कर पाए। शिक्षामित्र के सहारे स्कूल छोड़कर वापस हो गए।
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अब जंगल मे बना ठिकाना भी नदी की भेंट चढ़ा
बैजनाथपुरवा के विस्थापितों के घाव कुरेद रही शारदा
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज। फूलबेहड़ इलाके में शारदा नदी का कटान जारी है। झुग्गी-झोपडिय़ां डालकर मंझरी जंगल किनारे बसे आधा दर्जन घर रविवार शाम नदी में समा गए। हाल ही में बैजनाथपुरवा गांव कटने के बाद यहां से विस्थापित हुए करीब डेढ़ दर्जन परिवार मंझरी जंगल में झोपड़ी डालकर नए आशियाना बनाए। इस बीच नदी की धार वहां भी आ गई। इसमें अशोक कुमार, बालगोविंद, महेश, सुरेंद्र, राम खेलावन, पुष्पा के घर नदी में समा गए। नदी का तांडव देख बचे खुचे लोग भी झोपड़ी खाली कर वहां से पलायन कर गए। उधर जंगल नंबर 12 के राजाराम, जोखन, रंजीत, मायाराम, विश्राम और प्रताप के खेतों में खड़ी गन्ना की फसल भी नदी में समा गई है।
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शारदा ने गोड़वा गांव में तेज किया कटान
शारदानगर। शारदा नदी ने गोड़वा गांव की कृषि योग्य भूमि का तेजी से कटान शुरू कर दिया है। जिससे गोड़वा गांव के लोग अपनी लहलहाती गन्ने की फसल काटकर जानवरों को चारे के रूप में खिला रहे हैं। कृषि योग्य जमीन नदी में समाती देख गांव के लोग दुखी हैं। गांव के लोगों ने कटान की समस्या से सदर विधायक को अवगत कराया जिसके बाद तीन दिन पहले कटानस्थल पर पहुंचे विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर रोकथाम के उपाय करने को कहा था। सिंचाई विभाग ने सदर विधायक के दौरे के बाद गोड़वा गांव की जमीन को कटान से रोकने के लिए बांस बल्ली इकट्ठा कराए, लेकिन अभी तक बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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शारदा नदी उफनाई, कई रास्ते बंद
सुतिया नाले के रपटा पुल पर बह रहा पानी
फूलबेहड़ क्षेत्र में शारदा नदी से भूकटान तेज
अमर उजाला ब्यूरो
पलियाकलां। पहाड़ों व तराई इलाके में पिछले कई घंटों से हो रही के चलते शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जल आयोग के मुताबिक शारदा नदी विकराल रूप में है। जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर 25 सेमी ऊपर हो गया है। जबकि वर्षा भी 34.0 मिमी रिकार्ड की गई है। उधर महंगापुर के सुतिया नाले पर स्थित रपटा पुल पर बाढ़ का पानी चलने लगा है। इसके अलावा बाढ़ आ जाने से कई गांवों के रास्ते बंद हो गए हैं।
तराई में पिछले कई दिन से बरसात हो रही है। जल आयोग के मुताबिक सुबह आठ बजे तक 34.0 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। शारदा खतरे के निशान से 125 सेमी ऊपर पहुंच गई है। नदी के पास बसे गांव श्रीनगर, आजादनगर, बर्बादनगर, दौलतापुर, देशराज टांडा, ढखिया खुर्द, नयापुरवा, चैरी, जंगल नंबर सात आदि में नदी काफी तेजी से कटान कर रही है। उधर इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब तीन से चार फुट तक पानी चलने लगा है। जबकि चीनी मिल के पास से नगला गांव जाने वाले रास्ते पर पानी बह रहा है। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग से मेलाघाट की तरफ जाने वाले रास्ते पर जलभराव हो गया है। जिससे रास्ते बंद हो गए हैं।
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महंगापुर। लगातार होने वाली बारिश के बाद शारदा का जलस्तर बढ़ने से महंगापुर क्षेत्र का सुतिया नाला उफन पर आ गया है। सुतिया नाले में पानी बढ़ने से महंगापुर से परसपुर, लगदहन, बाजपुर आदि के संपर्क मार्ग पर पानी चलने लगा है। महंगापुर से निकलते ही रपटा पुल पर दो फिट पानी चल रहा है। जिससे लोगों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई हैं। वहीं लगदहन से बाजपुर जाना तो लगभग बंद हो गया है। परसपुर, लगदहन, बाजपुर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्यापक भी नहीं पहुंच सके। नाव न होने के कारण वह लोग पुल को पार ही नहीं कर पाए। शिक्षामित्र के सहारे स्कूल छोड़कर वापस हो गए।
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अब जंगल मे बना ठिकाना भी नदी की भेंट चढ़ा
बैजनाथपुरवा के विस्थापितों के घाव कुरेद रही शारदा
अमर उजाला ब्यूरो
महेवागंज। फूलबेहड़ इलाके में शारदा नदी का कटान जारी है। झुग्गी-झोपडिय़ां डालकर मंझरी जंगल किनारे बसे आधा दर्जन घर रविवार शाम नदी में समा गए। हाल ही में बैजनाथपुरवा गांव कटने के बाद यहां से विस्थापित हुए करीब डेढ़ दर्जन परिवार मंझरी जंगल में झोपड़ी डालकर नए आशियाना बनाए। इस बीच नदी की धार वहां भी आ गई। इसमें अशोक कुमार, बालगोविंद, महेश, सुरेंद्र, राम खेलावन, पुष्पा के घर नदी में समा गए। नदी का तांडव देख बचे खुचे लोग भी झोपड़ी खाली कर वहां से पलायन कर गए। उधर जंगल नंबर 12 के राजाराम, जोखन, रंजीत, मायाराम, विश्राम और प्रताप के खेतों में खड़ी गन्ना की फसल भी नदी में समा गई है।
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शारदा ने गोड़वा गांव में तेज किया कटान
शारदानगर। शारदा नदी ने गोड़वा गांव की कृषि योग्य भूमि का तेजी से कटान शुरू कर दिया है। जिससे गोड़वा गांव के लोग अपनी लहलहाती गन्ने की फसल काटकर जानवरों को चारे के रूप में खिला रहे हैं। कृषि योग्य जमीन नदी में समाती देख गांव के लोग दुखी हैं। गांव के लोगों ने कटान की समस्या से सदर विधायक को अवगत कराया जिसके बाद तीन दिन पहले कटानस्थल पर पहुंचे विधायक ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर रोकथाम के उपाय करने को कहा था। सिंचाई विभाग ने सदर विधायक के दौरे के बाद गोड़वा गांव की जमीन को कटान से रोकने के लिए बांस बल्ली इकट्ठा कराए, लेकिन अभी तक बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है।