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गैंडों को नए आशियाने में बसाने की तैयारियां पूरी

Tue, 03 Apr 2018 06:19 PM IST
Updated Tue, 03 Apr 2018 06:19 PM IST
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गैंडों को नए आशियाने में बसाने की तैयारियां पूरी
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गैंडों को नए आशियाने में बसाने की तैयारियां पूरी
पांच अप्रैल से नए घर में शिफ्ट होंगे दो नर, तीन मादा गैंडे
दुधवा की गैडा पुनर्वासन योजना को मिलेंगे नए आयाम
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
दुधवा नेशनल पार्क में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना का फेज-2 पांच अप्रैल से शुरू हो रही है। बेलरायां रेंज के भादी ताल क्षेत्र में करीब 14.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को उर्जाचालित बाड़ से घेरकर गैंडों का नया आशियाना पहले ही तैयार किया जा चुका है। इस बीच इसमें हुई टूट फूट की मरम्मत का काम भी पूरा कर लिया गया है। पांच अप्रैल से इस नए घर में गैंडों को शिफ्ट करने का काम शुरू हो जाएगा। यह काम दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, डब्ल्यूटीआई आदि की टीमों की निगरानी में आधुनिक तकनीक से पूरा किया जाना है। इसके लिए तैयारियां हो चुकी हैं।
गैंडा पुनर्वासन योजना के तहत दुधवा नेशनल पार्क में बसे गैंडा परिवार को इनब्रीडिंग के चलते होने वाले आनुवंशिक दोषों से बचाने के लिए गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 की तैयारियां पिछले पांच साल से चल रही थीं। तमाम तकनीकी दिक्कतों के कारण अब तक इसको अमली जामा नहीं पहनाया जा सका था। अब यह सारी बाधाएं पार कर ली गई हैं। गैंडों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए इन्हें बेहोश करने की जरूरत होगी। इसके लिए दक्षिण अफ्रीका से दवाओं की किट आ चुकी है। गैंडों के परिवहन के लिए ट्रक, क्रेन और रैंप आदि का भी इंतजाम कर लिया गया है।
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1984 में शुरू हुई थी दुधवा में गैंडा पुनर्वासन योजना
दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा पुनर्वासन योजना 1984 में असम से लाए गए पांच गैंडों से शुरू की गई थी। दुधवा के सोनारीपुर रेंज स्थित बांकेताल एरिया में 33 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को उर्जाचालित बाड़ से घेर कर गैंडों को इसमें बसाया गया था। अब इस गैंडा परिवार की आबादी बढ़कर 33 हो गई है। बढ़ती संख्या के लिहाज से यह घर अब छोटा पड़ने लगा है। उधर इनब्रीडिंग के चलते इनमें आनुवंशिक दोष पैदा होने का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 शुरू करने की योजना बनाई गई जो अब आकार लेने जा रही है।
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बेलरायां रेंज के भादी ताल में गैंडों का नया घर तैयार
बेलरायां रेंज के भादीताल एरिया में 14.2 वर्ग किलोमीटर एरिया को उर्जाचालित बाड़ से घेर कर गैंडों का नया घर तैयार किया गया है। इसमें पहले चरण में दो नर और तीन मादा गैंडों को शिफ्ट किया जाएगा। यह गैंडे बांकेताल से ही लाकर रखे जाएंगे। गैंडों को यहां तक लाने के लिए ट्रक, क्रेन और रैंप आदि की व्यवस्था हो चुकी है।

अप्रैल माह गैंडा पुनर्वासन योजना के लिए है खास
अप्रैल का महीना गैंडा पुनर्वासन योजना के लिए खास रहा है। गैंडा पुनर्वासन योजना जब 1984 में शुरू हुई तो पहली बार असम से पांच गैंडे एक अप्रैल को ही दुधवा पहुंचे। इसके एक साल बाद जब नेपाल से चार मादा गैंडे दुधवा लाकर गैंडा परिवार में शामिल किए गए तब भी अप्रैल का ही महीना था। अब जब गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 शुरू हो रही है तब भी अप्रैल का ही महीना है।


गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 पांच अप्रैल से शुरू हो रही है। बांकेताल से दो नर और तीन मादा गैंडों को बेलरायां रेंज के भादी ताल में बनाए गए गैंडों के नए घर में पांच अप्रैल से शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। इससे गैंडों को वंशवृद्धि में मदद मिलेगी।

- सुनील चौधरी, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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