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31 दिसंबर तक खाली करें गौरीफंटा मंडी
Updated Mon, 25 Dec 2017 11:55 PM IST
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गौरीफंटा।
दुधवा नेशनल पार्क की सीमा पर आबाद गौरीफंटा मंडी में शेष बचे दुकानदारों से पार्क प्रशासन ने अपने दुकानें 31 दिसंबर तक हटाने को कहा है। इस संबंध में आज अंतिम नोटिस भी दुकानदारों को रिसीव करा दिए गए। नोटिस में तय सीमा में दुकानें न हटने पर उन्हें बल पूर्वक हटाए जाने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
भारत-नेपाल सीमा पर दुधवा नेशनल पार्क के तहत गौरीफंटा मंडी आबाद थी, जिसमें सन 2011 अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगभग छह दर्जन दुकानदारों ने अपनी वन भूमि से दुकानें उखाड़कर वन भूमि खाली कर दी थी। मंडी में बचे शेष दुकानदारों ने अन्य निचली अदालतों में चल रहे मुकदमे का हवाला देते हुए वन भूमि खाली नहीं की थी। उन्होंने भी निचली अदालतों तथा हाईकोर्ट से मुकदमा हारने के बाद भी भूमि खाली नहीं की।
उधर, गौरीफंटा के रेंजर दीप चंद ने बताया कि डीडी कार्यालय के निर्देश पर सोमवार को मंडी में बचे शेष 14 दुकानदारों को 31 दिसंबर तक अपनी अपनी दुकानें उखाड़ लेने तथा वन भूमि के कब्जे को खाली कर दिए जाने के संबंध में अंतिम नोटिस दिया है।
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यहां बता दें कि इससे पूर्व भी इनको मई में इसी संबंध में नोटिस दिया जा चुका है। बावजूद इसके दुकानदारों ने वन भूमि खाली नहीं की है, बल्कि वन भूमि पर अतिक्रमण बढ़ाया है। यह पार्क प्रशासन की तरफ से अंतिम नोटिस है। समय में वन भूमि खाली नहीं की जाती है तो प्रशासन की मदद से फोर्स लेकर इनको बल पूर्वक हटाया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
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दुधवा नेशनल पार्क की सीमा पर आबाद गौरीफंटा मंडी में शेष बचे दुकानदारों से पार्क प्रशासन ने अपने दुकानें 31 दिसंबर तक हटाने को कहा है। इस संबंध में आज अंतिम नोटिस भी दुकानदारों को रिसीव करा दिए गए। नोटिस में तय सीमा में दुकानें न हटने पर उन्हें बल पूर्वक हटाए जाने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
भारत-नेपाल सीमा पर दुधवा नेशनल पार्क के तहत गौरीफंटा मंडी आबाद थी, जिसमें सन 2011 अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लगभग छह दर्जन दुकानदारों ने अपनी वन भूमि से दुकानें उखाड़कर वन भूमि खाली कर दी थी। मंडी में बचे शेष दुकानदारों ने अन्य निचली अदालतों में चल रहे मुकदमे का हवाला देते हुए वन भूमि खाली नहीं की थी। उन्होंने भी निचली अदालतों तथा हाईकोर्ट से मुकदमा हारने के बाद भी भूमि खाली नहीं की।
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उधर, गौरीफंटा के रेंजर दीप चंद ने बताया कि डीडी कार्यालय के निर्देश पर सोमवार को मंडी में बचे शेष 14 दुकानदारों को 31 दिसंबर तक अपनी अपनी दुकानें उखाड़ लेने तथा वन भूमि के कब्जे को खाली कर दिए जाने के संबंध में अंतिम नोटिस दिया है।
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यहां बता दें कि इससे पूर्व भी इनको मई में इसी संबंध में नोटिस दिया जा चुका है। बावजूद इसके दुकानदारों ने वन भूमि खाली नहीं की है, बल्कि वन भूमि पर अतिक्रमण बढ़ाया है। यह पार्क प्रशासन की तरफ से अंतिम नोटिस है। समय में वन भूमि खाली नहीं की जाती है तो प्रशासन की मदद से फोर्स लेकर इनको बल पूर्वक हटाया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।