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सरकार से टूटी आस, तो खुद बनाली अपनी राह
Updated Fri, 07 Jul 2017 05:31 PM IST
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निघासन (लखीमपुर खीरी)। बैलहा डीह समेत छह गांवों के वाशिंदों की सरकार से आस टूट गई तो उन्होंने अपनी राह बनाते हुए बहतिया नाले पर बांस बल्लियों से पुल बना दिया। यह पुलिया एक साल पहले बाढ़ में टूट गई थी। उसके बाद से ग्रामीणों ने पुलिया बनवाने के लिए सांसद, विधायक और ब्लॉक के अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। मजबूर होकर उन लोगों ने करीब 15 मीटर पुल का निर्माण लोगों की मदद से कर दिया। इस पुल से बाइक और साइकिल सवार आसानी से निकल रहे हैं।
लोहिया समग्र ग्राम पंचायत बैलहा के मजरा डीह, मुडिया, गदियाना, मिठुई, लोखंदरपुर, मटहिया, कोदीपुरवा आदि गांव आते हैं। अधिक बरसात होने पर बहतिया नाला नदी का रूप ले लेता है, जिसके चलते आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। ग्रामीण नाव का सहारा लेकर बहतिया नाले को पार करते हैं। पिछले साल ग्राम पंचायत से होमपाइप डालकर खानापूर्ति करते हुए पुलिया का निर्माण कराया गया था। हल्की बाढ़ में ही यह पुलिया पिछले साल बरसात में ढह गई। ग्रामीणों ने सांसद अजय मिश्र टेनी, विधायक रामकुमार वर्मा, ब्लॉक के अधिकारियों से पुलिया बनवाने की मांग की, लेकिन किसी ने नहीं सुनीं। आखिकार ग्रामीणों ने श्रमदान से बांस बल्ली गाड़कर पुल का निर्माण किया। इस पुल के निर्माण में करीब तीस हजार रुपये का खर्च आया है। इस पुल को बनाने में प्राथमिक स्कूल के शिक्षक जयेंद्र वर्मा, मणिसेन, रूपचंद्र, जयप्रकाश, रज्जन समेत ग्रामीणों ने श्रमदान कर पुल के निर्माण में सहयोग किया।
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