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छाउछ में 1100, गोमतीनगर में एक हजार प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट बढ़ा
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में आई मंदी से उबरने लगा रियल एस्टेट कारोबार
कृषि जमीन में भी तीन से पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की होगी वृद्घि
11 आपत्तियों के निस्तारण के बाद एक अगस्त से प्रभावी होंगे नए रेट
लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में छाई मंदी से बेहाल रियल एस्टेट का कारोबार अब उबरने लगा है। नतीजतन जमीनों के सर्किल रेट में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि देखने को मिल रही है। शहर के मोहल्ला गोमतीनगर में आवासीय व कॉमर्शियल जमीन के रेट में एक हजार रुपये वृद्घि का प्रस्ताव किया गया है, जबकि छाउछ में 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर वृद्घि प्रस्तावित है। वहीं कृषि जमीन में भी तीन से पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्घि प्रस्तावित की गई है। एक अगस्त से नए रेट प्रभावी हो जाएंगे।
जनपद में कॉमर्शियल, आवासीय और कृषि जमीनों के नए सर्किल रेट एक अगस्त 2022 से लागू कर दिए जाएंगे, जिससे पहले मूल्यांकन सूची पर लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। सभी तहसीलों में कुल 11 आपत्तियां आई हैं, जिनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। जमीन के सर्किल रेट 2018 के बाद 2022 में पूरे चाल बाद बढ़ाए गए हैं, जिससे ज्यादातर लोग वृद्घि के पक्ष में हैं। हालांकि जिन गांव/ कस्बों में जमीन की खरीद-फरोख्त कम होती है, उनमें सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। इससे विभाग ने सर्किल रेट को संतुलित करने का प्रयास किया है।
रजिस्ट्रार कार्यालय के मुताबिक, सदर तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि जमीन के सर्किल रेट 21 लाख प्रति हेक्टेअर से बढ़ाकर 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर करने का प्रस्ताव है, जिससे कुल चार लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्घि होगी। मितौली तहसील क्षेत्र में सामान्य कृषि जमीन का सर्किल रेट 19 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर किया गया है, जबकि सड़क किनारे स्थित कृषि जमीन का सर्किल रेट 27 लाख से बढ़ाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर किया जाना प्रस्ताव है। इसी तहसील के 16 गांवों की कृषि जमीन के सर्किल रेट में वृद्घि नहीं की गई है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में सामान्य कृषि जमीन का सर्किल रेट 12 लाख से बढ़ाकर 16 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर प्रस्तावित है, जबकि 31 बाढ़-कटान प्रभावित गांवों के सर्किल रेट में कोई वृद्घि नहीं की गई है।
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कॉमर्शियल और आवासीय एरिया में वृद्घि खरीददारों पर डालेगी अतिरिक्त बोझ
चार साल के लंबे इंतजार के बाद सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं, जिससे पहले कोरोना काल और नोटबंदी के चलते रियल एस्टेट कारोबार मंदी से गुजर रहा था। शहर के मोहल्ला गोमतीनगर में जमीन का सर्किल रेट 6600 से बढ़ाकर 7600 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया है। छाउछ में 7500 से बढ़ाकर 8600 रुपये प्रति वर्ग मीटर नया सर्किल रेट होगा। मोहल्ला बरखेरवा में 6000 से बढ़ाकर 6600 रुपये और भंसड़िया में 4000 से बढ़ाकर 4400 रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट प्रस्तावित है। ऐसे ही मितौली तहसील क्षेत्र में आवासीय जमीन 1700 से बढ़ाकर 2200 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया है, जबकि सड़क किनारे 2200 से बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट प्रस्तावित है। वहीं धौरहरा तहसील क्षेत्र में आवासीय जमीन का रेट 900 से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है। इसी अनुपात में अन्य क्षेत्रों में भी जमीनों के सर्किल रेट में वृद्घि की गई है।
अधिकतम 10 प्रतिशत होनी चाहिए वृद्घि
सर्किल रेट में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्घि किए जाने का प्रस्ताव लोगों पर अत्यधिक बोझ डालेगा, जिससे जमीन की खरीद-फरोख्त में कमी आ सकती है। कोरोना काल के बाद अभी लोग पूरी तरह मंदी से उबर नहीं पाए हैं। अत्यधिक वृद्घि से स्टांप और कोर्ट फीस काफी बढ़ जाएगी। इसलिए अधिकतम 10 प्रतिशत तक वृद्घि किया जाना उचित रहता। हालांकि गिफ्ट डीड (रक्त संबंधियों में) के जरिए जमीन के हस्तांतरण में अब मात्र छह हजार रुपये शुल्क लगेगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि पहले रजिस्ट्री के बराबर स्टांप लगता था।
- राहुल तिवारी, अधिवक्ता
चार साल बाद जमीन के सर्किल रेट में वृद्घि की जा रही है, जिसमें एरिया के मूल्यांकन के आधार पर कुछ स्थानों में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्घि प्रस्तावित की गई है। जिन क्षेत्रों में बैनामे कम होते हैं, उनमें सर्किल रेट में वृद्घि नहीं की गई है। सर्किल रेट के संबंध में कुल 11 आपत्तियां आईं हैं, जिनका निस्तारण कर एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे।
- संजय कुमार सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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कृषि जमीन में भी तीन से पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की होगी वृद्घि
11 आपत्तियों के निस्तारण के बाद एक अगस्त से प्रभावी होंगे नए रेट
लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में छाई मंदी से बेहाल रियल एस्टेट का कारोबार अब उबरने लगा है। नतीजतन जमीनों के सर्किल रेट में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि देखने को मिल रही है। शहर के मोहल्ला गोमतीनगर में आवासीय व कॉमर्शियल जमीन के रेट में एक हजार रुपये वृद्घि का प्रस्ताव किया गया है, जबकि छाउछ में 1100 रुपये प्रति वर्ग मीटर वृद्घि प्रस्तावित है। वहीं कृषि जमीन में भी तीन से पांच लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्घि प्रस्तावित की गई है। एक अगस्त से नए रेट प्रभावी हो जाएंगे।
जनपद में कॉमर्शियल, आवासीय और कृषि जमीनों के नए सर्किल रेट एक अगस्त 2022 से लागू कर दिए जाएंगे, जिससे पहले मूल्यांकन सूची पर लोगों से आपत्तियां मांगी गई हैं। सभी तहसीलों में कुल 11 आपत्तियां आई हैं, जिनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। जमीन के सर्किल रेट 2018 के बाद 2022 में पूरे चाल बाद बढ़ाए गए हैं, जिससे ज्यादातर लोग वृद्घि के पक्ष में हैं। हालांकि जिन गांव/ कस्बों में जमीन की खरीद-फरोख्त कम होती है, उनमें सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। इससे विभाग ने सर्किल रेट को संतुलित करने का प्रयास किया है।
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रजिस्ट्रार कार्यालय के मुताबिक, सदर तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में कृषि जमीन के सर्किल रेट 21 लाख प्रति हेक्टेअर से बढ़ाकर 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर करने का प्रस्ताव है, जिससे कुल चार लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की वृद्घि होगी। मितौली तहसील क्षेत्र में सामान्य कृषि जमीन का सर्किल रेट 19 लाख से बढ़ाकर 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर किया गया है, जबकि सड़क किनारे स्थित कृषि जमीन का सर्किल रेट 27 लाख से बढ़ाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर किया जाना प्रस्ताव है। इसी तहसील के 16 गांवों की कृषि जमीन के सर्किल रेट में वृद्घि नहीं की गई है। धौरहरा तहसील क्षेत्र में सामान्य कृषि जमीन का सर्किल रेट 12 लाख से बढ़ाकर 16 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर प्रस्तावित है, जबकि 31 बाढ़-कटान प्रभावित गांवों के सर्किल रेट में कोई वृद्घि नहीं की गई है।
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कॉमर्शियल और आवासीय एरिया में वृद्घि खरीददारों पर डालेगी अतिरिक्त बोझ
चार साल के लंबे इंतजार के बाद सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं, जिससे पहले कोरोना काल और नोटबंदी के चलते रियल एस्टेट कारोबार मंदी से गुजर रहा था। शहर के मोहल्ला गोमतीनगर में जमीन का सर्किल रेट 6600 से बढ़ाकर 7600 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया है। छाउछ में 7500 से बढ़ाकर 8600 रुपये प्रति वर्ग मीटर नया सर्किल रेट होगा। मोहल्ला बरखेरवा में 6000 से बढ़ाकर 6600 रुपये और भंसड़िया में 4000 से बढ़ाकर 4400 रुपये प्रति वर्ग मीटर सर्किल रेट प्रस्तावित है। ऐसे ही मितौली तहसील क्षेत्र में आवासीय जमीन 1700 से बढ़ाकर 2200 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया गया है, जबकि सड़क किनारे 2200 से बढ़ाकर 2600 रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट प्रस्तावित है। वहीं धौरहरा तहसील क्षेत्र में आवासीय जमीन का रेट 900 से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है। इसी अनुपात में अन्य क्षेत्रों में भी जमीनों के सर्किल रेट में वृद्घि की गई है।
अधिकतम 10 प्रतिशत होनी चाहिए वृद्घि
सर्किल रेट में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्घि किए जाने का प्रस्ताव लोगों पर अत्यधिक बोझ डालेगा, जिससे जमीन की खरीद-फरोख्त में कमी आ सकती है। कोरोना काल के बाद अभी लोग पूरी तरह मंदी से उबर नहीं पाए हैं। अत्यधिक वृद्घि से स्टांप और कोर्ट फीस काफी बढ़ जाएगी। इसलिए अधिकतम 10 प्रतिशत तक वृद्घि किया जाना उचित रहता। हालांकि गिफ्ट डीड (रक्त संबंधियों में) के जरिए जमीन के हस्तांतरण में अब मात्र छह हजार रुपये शुल्क लगेगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि पहले रजिस्ट्री के बराबर स्टांप लगता था।
- राहुल तिवारी, अधिवक्ता
चार साल बाद जमीन के सर्किल रेट में वृद्घि की जा रही है, जिसमें एरिया के मूल्यांकन के आधार पर कुछ स्थानों में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्घि प्रस्तावित की गई है। जिन क्षेत्रों में बैनामे कम होते हैं, उनमें सर्किल रेट में वृद्घि नहीं की गई है। सर्किल रेट के संबंध में कुल 11 आपत्तियां आईं हैं, जिनका निस्तारण कर एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू हो जाएंगे।
- संजय कुमार सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)