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ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत नाजुक
Updated Sat, 14 Apr 2018 07:28 PM IST
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ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत नाजुक
लखनऊ के प्राणि उद्यान में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव में ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत नाजुक बनी हुई है। बाघिन को सघन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। यह जानकारी नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने फोन पर दी। उन्होंने बताया कि बाघिन को अंदरूनी चोटें आई हैं।
शुक्रवार को निघासन के सहतेपुरवा गांव में बाघिन ने एक ग्रामीण 45 वर्षीय कामता प्रसाद को को मार डाला था और उसके शव को आधा खा गई थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गेहूं के खेत में छिपी बाघिन को घेर कर उसे ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की। बाद में ग्रामीणों ने बाघिन को लाठी डंडों से पीट कर अधमरा कर दिया था। वन विभाग और पुलिस ने किसी तरह बाघिन को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और जाल डालकर उसे मझगईं रेंज मुख्यालय ले गए। मझंगई में कई पशु चिकित्साधिकारियों की देखरेख में घंटों इलाज होने के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो रात करीब नौ बजे उसे लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
लखनऊ चिड़ियाघर में मेडिकल परीक्षण के बाद प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम रात भर बाधिन के इलाज में जुटी रही। डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाघिन को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसकी हालत अभी नाजुक बनी हुई है। बाघिन को अगले 72 घंटों के लिए डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि बाघन की उम्र करीब ढाई से तीन साल के बीच है। इसे पूर्णतया आइसोलेशन में रखा गया है।
ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत नाजुक
लखनऊ के प्राणि उद्यान में चल रहा इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के सहतेपुरवा गांव में ग्रामीणों की पिटाई से घायल बाघिन की हालत नाजुक बनी हुई है। बाघिन को सघन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। यह जानकारी नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने फोन पर दी। उन्होंने बताया कि बाघिन को अंदरूनी चोटें आई हैं।
शुक्रवार को निघासन के सहतेपुरवा गांव में बाघिन ने एक ग्रामीण 45 वर्षीय कामता प्रसाद को को मार डाला था और उसके शव को आधा खा गई थी। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने गेहूं के खेत में छिपी बाघिन को घेर कर उसे ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की। बाद में ग्रामीणों ने बाघिन को लाठी डंडों से पीट कर अधमरा कर दिया था। वन विभाग और पुलिस ने किसी तरह बाघिन को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया और जाल डालकर उसे मझगईं रेंज मुख्यालय ले गए। मझंगई में कई पशु चिकित्साधिकारियों की देखरेख में घंटों इलाज होने के बाद भी जब उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो रात करीब नौ बजे उसे लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
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लखनऊ चिड़ियाघर में मेडिकल परीक्षण के बाद प्राणि उद्यान के उपनिदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम रात भर बाधिन के इलाज में जुटी रही। डॉ. उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि बाघिन को अंदरूनी चोटें आई हैं। उसकी हालत अभी नाजुक बनी हुई है। बाघिन को अगले 72 घंटों के लिए डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। उन्होंने बताया कि बाघन की उम्र करीब ढाई से तीन साल के बीच है। इसे पूर्णतया आइसोलेशन में रखा गया है।
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