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Kushinagar News: निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत, हंगामात
Sat, 09 May 2026 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 09 May 2026 01:51 AM IST
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फाजिलनगर में कस्बे के निजी अस्पताल पर हंगामा करते मृतक के परिजन और ग्रामीण।संवाद
फाजिलनगर। कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती युवक की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के बनबीरा गांव के जमालुद्दीन (38) पुत्र अली मुहम्मद को बुधवार की शाम अचानक पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें कस्बे के एक निजी अस्पताल में ले गए।
वहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। परिजनों का आरोप है कि युवक की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पैसे के लालच में मरीज को अस्पताल में रोके रखा। समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका और शुक्रवार की भोर में उसकी मौत हो गई।
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युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए तथा चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि यदि समय रहते मरीज को बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि बाद में कुछ लोगों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। चर्चा है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे मृतक के परिजन किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमत हो गए। मृतक जमालुद्दीन परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था।
परिवार में पत्नी, एक बेटा, दो नाबालिग बेटियां और वृद्ध माता-पिता हैं। युवक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। थानाध्यक्ष पटहेरवा धीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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पटहेरवा थाना क्षेत्र के बनबीरा गांव के जमालुद्दीन (38) पुत्र अली मुहम्मद को बुधवार की शाम अचानक पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें कस्बे के एक निजी अस्पताल में ले गए।
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वहां उन्हें भर्ती कर लिया गया। परिजनों का आरोप है कि युवक की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पैसे के लालच में मरीज को अस्पताल में रोके रखा। समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका और शुक्रवार की भोर में उसकी मौत हो गई।
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युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए तथा चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि यदि समय रहते मरीज को बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि बाद में कुछ लोगों की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। चर्चा है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे मृतक के परिजन किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर सहमत हो गए। मृतक जमालुद्दीन परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था।
परिवार में पत्नी, एक बेटा, दो नाबालिग बेटियां और वृद्ध माता-पिता हैं। युवक की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी इस घटना को लेकर शोक का माहौल है। थानाध्यक्ष पटहेरवा धीरेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।