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गंडक का बहाव घटने-बढ़ने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

Sat, 23 Jul 2022 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2022 12:48 AM IST
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गंडक का बहाव घटने-बढ़ने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
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शुक्रवार को एक लाख क्यूसेक से कम हुआ डिस्चार्ज
तटबंधों पर चल रहे कार्यों को पूरा कराने की गति तेज हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। गंडक नदी के बढ़ते-घटते डिस्चार्ज ने तटबंधों के किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार को गंडक का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक के पार चला गया था। तो शुक्रवार को डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे आ गया। इसे देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं ने तटबंधों पर चल रही परियोजनाओं को पूरा कराने की गति तेज कर दी है।
वाल्मीकि नगर बराज से गंडक नदी में पानी में छोड़ा जाता है। गंडक में पानी के बढ़ते-घटते डिस्चार्ज ने एक बार फिर एपी और नरवाजोत तटबंध किनारे बसे नरवाजोत, दहारी टोला, बिनटोली, चैनपट्टी, नोनियापट्टी, कचहरी टोला सहित अन्य गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दो दिन हुई बारिश के कारण जहां गंडक का डिस्चार्ज बढ़कर बृहस्पतिवार शाम एक लाख चार हजार क्यूसेक पहुंच गया। वहीं शुक्रवार को पुन: डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे आ गया।
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बांध किनारे बसे गांवों के जिला पंचायत सदस्य शर्मा यादव, चैनपट्टी के ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल, मथुरा सिंह, बृजकिशोर साहनी, संजय सिंह, ब्रह्मा शर्मा, पप्पू सिंह और ध्रुव निषाद आदि का कहना है कि बरसात का पूरा मौसम बाकी है। ऐसे में अभी से डिस्चार्ज बढ़ने-घटने का सिलसिला रहा तो बंधों पर कटान का खतरा बढ़ सकता है। क्योंकि नरवाजोत बांध के 1.400 से किमी 1.700 तक, एपी बांध के किमी 2.600 से किमी 3.000 तक और कचहरी टोला में किमी 14.500 सहित अन्य कई संवेदनशील जगहों पर कटान का खतरा बना रहता है। इस वजह से बाढ़ बचाव की परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए बाढ़ खंड तृतीय के जेई चंदप्रकाश, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव तत्परता से जुटे हुए हैं। बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि परियोजना के शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। तटबंधों की निगरानी की जा रही है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।
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