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बेरोजगारी की समस्या से निपटने के प्रयास तेज, आज 96668 मजदूरों को मिलेगा काम
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मनरेगा के काम की जांच करते सीडीओ आनंद कुमार।
- फोटो : KUSHINAGAR
बेरोजगारी की समस्या से निपटने के प्रयास तेज, आज 96668 मजदूरों को मिलेगा काम
पडरौना। लॉकडाउन में बेरोजगार हुए मजदूरों को मनरेगा ने बड़ी राहत दी है। शासन की पहल पर पंचायतों में मिट्टी भराई से लेेकर कच्चे कार्यों में बड़ी संख्या में मजदूरों को काम मुहैया कराया जा रहा है। 10 जून से प्रति दिन 80 हजार से अधिक मजदूरों को अपने ही गांव में मिल रहा है। सोमवार को जिले में 96668 मजदूरों को काम देने का लक्ष्य है। हर ब्लॉक में एक कार्य का बीडीओ को निरीक्षण करना है।
जिले में पौने दो लाख मनरेगा मजदूर हैं। इसके अलावा 60 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौटे हैं। लॉकडाउन के कारण सबसे बड़ी समस्या इन मजदूरों के सामने रोजगार को लेकर था। लॉकडाउन में ढील के बाद सरकार का सारा ध्यान इन मजदूरों को काम देने पर है। लिहाजा सबसे पहले मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। सीडीओ आनंद कुमार ने बताया कि मजदूरों को रोजगार की तलाश में इधर-उधर न भटकना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकाधिक लोगों को मनरेगा के तहत काम देने का निर्णय लिया गया। सभी ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने गांव में चकरोड की भराई, पोखरे व तालाब की खुदाई, सुंदरीकरण आदि के कार्य कराएं जिससे कि अधिक से अधिक मजदूरों को काम दिया जा सके। प्रयास है कि एक दिन में एक लाख मजदूरों को काम दिया जा सके।
हर दिन बढ़ रहा है रोजगार पाने का आंकड़ा
10 जून 81021
11 जून 81583
12 जून 86236
13 जून 91445
14 जून 94057
मनरेगा के तहत अधिकाधिक मजदूरों को काम देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रवासी श्रमिक जो 21 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं और काम करना चाहते हैं तो उन्हें वरीयता दी जा रही है। सोमवार को 96668 मजदूरों को काम देने का लक्ष्य है। इसके लिए हर ब्लॉक में बीडीओ को एक-एक गांव का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। हर कार्य स्थल की फोटोग्राफी भी कराई जा रही है। -आनंद कुमार, सीडीओ।
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पडरौना। लॉकडाउन में बेरोजगार हुए मजदूरों को मनरेगा ने बड़ी राहत दी है। शासन की पहल पर पंचायतों में मिट्टी भराई से लेेकर कच्चे कार्यों में बड़ी संख्या में मजदूरों को काम मुहैया कराया जा रहा है। 10 जून से प्रति दिन 80 हजार से अधिक मजदूरों को अपने ही गांव में मिल रहा है। सोमवार को जिले में 96668 मजदूरों को काम देने का लक्ष्य है। हर ब्लॉक में एक कार्य का बीडीओ को निरीक्षण करना है।
जिले में पौने दो लाख मनरेगा मजदूर हैं। इसके अलावा 60 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौटे हैं। लॉकडाउन के कारण सबसे बड़ी समस्या इन मजदूरों के सामने रोजगार को लेकर था। लॉकडाउन में ढील के बाद सरकार का सारा ध्यान इन मजदूरों को काम देने पर है। लिहाजा सबसे पहले मनरेगा के तहत कार्य कराए जा रहे हैं। सीडीओ आनंद कुमार ने बताया कि मजदूरों को रोजगार की तलाश में इधर-उधर न भटकना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए अधिकाधिक लोगों को मनरेगा के तहत काम देने का निर्णय लिया गया। सभी ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने गांव में चकरोड की भराई, पोखरे व तालाब की खुदाई, सुंदरीकरण आदि के कार्य कराएं जिससे कि अधिक से अधिक मजदूरों को काम दिया जा सके। प्रयास है कि एक दिन में एक लाख मजदूरों को काम दिया जा सके।
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हर दिन बढ़ रहा है रोजगार पाने का आंकड़ा
10 जून 81021
11 जून 81583
12 जून 86236
13 जून 91445
14 जून 94057
मनरेगा के तहत अधिकाधिक मजदूरों को काम देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रवासी श्रमिक जो 21 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं और काम करना चाहते हैं तो उन्हें वरीयता दी जा रही है। सोमवार को 96668 मजदूरों को काम देने का लक्ष्य है। इसके लिए हर ब्लॉक में बीडीओ को एक-एक गांव का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। हर कार्य स्थल की फोटोग्राफी भी कराई जा रही है। -आनंद कुमार, सीडीओ।
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