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Kushinagar News: छिताैनी-तमकुही रेल मार्ग पर 17 साल बाद काम शुरू
Fri, 27 Dec 2024 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:07 AM IST
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पडरौना/छितौनी। वर्षों से बंद पड़ी छितौनी-तमकुही रेल परियोजना पर 17 साल बाद बुधवार से काम शुरू हो गया है। लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद बिहार के नैनहा में बुधवार से काम शुरू होने के बाद यूपी-बिहार के लोगों ने प्रसन्नता जाहिर की है।
परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और बाढ़ से भी लोगों को निजात मिलेगी। 65 किलोमीटर की इस रेल परियोजना से कुशीनगर जिले के सैकड़ों गांवों का जहां तेजी से विकास होगा तो वहीं आवागमन भी सुगम होगा।
साल 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया। छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था। लेकिन, बजट के अभाव में काम नहीं बढ़ सका। साल 2015-16 में फिर बजट मिला तो नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कार्य कराया गया। 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया।
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हाल के दिनों में सीमावर्ती दोनों प्रांतों के लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह व शैलेश यदुवंशी के नेतृत्व में छितौनी-तमकुही बड़ी रेल लाइन बनाओ संघर्ष समिति का गठन कर पहले हस्ताक्षर अभियान, फिर पोस्टल कार्ड भेजकर परियोजना के तहत काम शुरू कराने की मांग की। अभियान चलाने के साथ ही समिति के लोगों ने दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात भी की थी। उस समय सकारात्मक आश्वासन भी मिला था। बीते अगस्त महीने में परियोजना को शुरू कराने के लिए 10 करोड़ आवंटित कर दिए गए थे। तभी से लोग इस उम्मीद में थे कि परियोजना पर काम अब जल्द शुरू हो जाएगा।
बुधवार को बिहार प्रांत के पिपरासी प्रखंड के नैनहा में पुल निर्माण कार्य को शुरू हुआ। मशीनरी और सामग्री के साथ पहुंचे रेल कर्मियों को देख लोगों के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। सुपरवाइजर अनिल पांडेय का कहना है कि 11 नंबर पुल निर्माण करने के लिए मिट्टी जांच का काम किया जा रहा है। पुल निर्माण के लिए जहां मिट्टी सही मिली, वहां पुल काम शुरू कर दिया जाएगा।
काम शुरू होने पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शैलेश यदुवंशी, मेराज आलम, योगेश शर्मा, दिनेश पांडेय, विजय वर्मा, अजय रौनियार आदि ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि वर्षों के संघर्ष को अब सफलता मिली।
आवागमन के साथ बाढ़ से मिलेगी राहत : परियोजना के पूर्ण होने से कुशीनगर जिले के छितौनी नगर पंचायत, तमकुहीराज व जटहा बाजार समेत जिले के सैकड़ों गांवों के अलावा सीमावर्ती बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गंडक पार के पिपरासी, मधुबनी, भितहा और ठकरहा प्रखंड का आपस में जुड़ाव होगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी तो दोनों प्रांतों के 12 से अधिक गांवों को बाढ़ से भी निजात मिल जाएगी। हर साल दोनों प्रांतों में हजारों एकड़ फसल बाढ़ से बर्बाद होने से भी बच जाएगी।
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परियोजना के पूरा होने से न सिर्फ आवागमन आसान होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और बाढ़ से भी लोगों को निजात मिलेगी। 65 किलोमीटर की इस रेल परियोजना से कुशीनगर जिले के सैकड़ों गांवों का जहां तेजी से विकास होगा तो वहीं आवागमन भी सुगम होगा।
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साल 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी इंटर कॉलेज में छितौनी-तमकुही रेल परियोजना का शिलान्यास किया था। शुरुआती दिनों में तीन किमी तक रेल लाइन बिछाकर उस पर ट्रायल भी किया गया। छितौनी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुका था। लेकिन, बजट के अभाव में काम नहीं बढ़ सका। साल 2015-16 में फिर बजट मिला तो नैनहा तक रेलवे लाइन पर मिट्टी भराई और आधा दर्जन पुल का निर्माण कार्य कराया गया। 2018 में इस परियोजना को अनुपयोगी बताकर बंद कर दिया गया।
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हाल के दिनों में सीमावर्ती दोनों प्रांतों के लोगों ने सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह व शैलेश यदुवंशी के नेतृत्व में छितौनी-तमकुही बड़ी रेल लाइन बनाओ संघर्ष समिति का गठन कर पहले हस्ताक्षर अभियान, फिर पोस्टल कार्ड भेजकर परियोजना के तहत काम शुरू कराने की मांग की। अभियान चलाने के साथ ही समिति के लोगों ने दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात भी की थी। उस समय सकारात्मक आश्वासन भी मिला था। बीते अगस्त महीने में परियोजना को शुरू कराने के लिए 10 करोड़ आवंटित कर दिए गए थे। तभी से लोग इस उम्मीद में थे कि परियोजना पर काम अब जल्द शुरू हो जाएगा।
बुधवार को बिहार प्रांत के पिपरासी प्रखंड के नैनहा में पुल निर्माण कार्य को शुरू हुआ। मशीनरी और सामग्री के साथ पहुंचे रेल कर्मियों को देख लोगों के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। सुपरवाइजर अनिल पांडेय का कहना है कि 11 नंबर पुल निर्माण करने के लिए मिट्टी जांच का काम किया जा रहा है। पुल निर्माण के लिए जहां मिट्टी सही मिली, वहां पुल काम शुरू कर दिया जाएगा।
काम शुरू होने पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय सिंह, उपाध्यक्ष शैलेश यदुवंशी, मेराज आलम, योगेश शर्मा, दिनेश पांडेय, विजय वर्मा, अजय रौनियार आदि ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि वर्षों के संघर्ष को अब सफलता मिली।
आवागमन के साथ बाढ़ से मिलेगी राहत : परियोजना के पूर्ण होने से कुशीनगर जिले के छितौनी नगर पंचायत, तमकुहीराज व जटहा बाजार समेत जिले के सैकड़ों गांवों के अलावा सीमावर्ती बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के गंडक पार के पिपरासी, मधुबनी, भितहा और ठकरहा प्रखंड का आपस में जुड़ाव होगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी तो दोनों प्रांतों के 12 से अधिक गांवों को बाढ़ से भी निजात मिल जाएगी। हर साल दोनों प्रांतों में हजारों एकड़ फसल बाढ़ से बर्बाद होने से भी बच जाएगी।