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Kushinagar News: समाज में परिवर्तन की अग्रदूत रही है नारी शक्ति
Tue, 10 Mar 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 10 Mar 2026 02:28 AM IST
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सुकरौली में सोमवार को एक मंच पर विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं को किया गया सम्मानित।स्रोत-सोशल म
सुकरौली। सोमवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्राथमिक विद्यालय भीष्वा मठवालगिरी में नारी सशक्तीकरण के तहत महिला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज में महिलाओं की भूमिका के साथ उनके अधिकार और सशक्तीकरण पर वक्ताओं ने जागरूक किया। छात्रों और सामाजिक कार्य करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत किया गया। कहा गया कि नारी शक्ति हमेशा से समाज में परिवर्तन की अग्रदूत रही है
ब्लाॅक प्रमुख रंजना पासवान ने कहा कि महिला दिवस का उद्देश्य महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को याद करना है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि जब महिलाओं को बराबरी के अवसर मिलते हैं, तो पूरा समाज और देश तरक्की की ओर बढ़ता है।
एआरपी आरती गुप्ता ने सावित्रीबाई फुले समेत देश की महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नारी शक्ति हमेशा से समाज परिवर्तन की अग्रदूत रही है। शिक्षिका प्रियंका मिश्रा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद महिलाओं ने वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की अलख जगाई तथा समाज में जागरूकता का नया मार्ग प्रशस्त किया। आज भी महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर देकर ही एक सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है। शिक्षिका प्रियंका मिश्रा ने दहेज गीत प्रस्तुत किया इसपर सभी ने सराहा। मधुलता ने कहा कि यदि एक बेटे को शिक्षित किया जाता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन एक बेटी को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षित महिला अपने बच्चों, परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और महिला सशक्तीकरण पर प्रकाश डाला। एआरपी रामवीर सिंह, श्रवण कुमार, एआरपी सुनील राय, रेखा रामचंद्रम ने महिलाओं को उनके दायित्व और हक के बारे में जागरूक किया।
इस दौरान वीरेंद्र मिश्र, हरिकेश मद्देशिया, श्याम सुंदर तिवारी, प्रमोद मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, डॉ. राजेश गुप्ता, अवधेश, बागेंद्र, पूनम, पल्लवी, बृजेश आदि मौजूद रहे।
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ब्लाॅक प्रमुख रंजना पासवान ने कहा कि महिला दिवस का उद्देश्य महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को याद करना है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि जब महिलाओं को बराबरी के अवसर मिलते हैं, तो पूरा समाज और देश तरक्की की ओर बढ़ता है।
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एआरपी आरती गुप्ता ने सावित्रीबाई फुले समेत देश की महान महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि नारी शक्ति हमेशा से समाज परिवर्तन की अग्रदूत रही है। शिक्षिका प्रियंका मिश्रा ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद महिलाओं ने वंचित वर्गों के लिए शिक्षा की अलख जगाई तथा समाज में जागरूकता का नया मार्ग प्रशस्त किया। आज भी महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर देकर ही एक सशक्त और समतामूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है। शिक्षिका प्रियंका मिश्रा ने दहेज गीत प्रस्तुत किया इसपर सभी ने सराहा। मधुलता ने कहा कि यदि एक बेटे को शिक्षित किया जाता है तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन एक बेटी को शिक्षित करने से पूरा परिवार शिक्षित होता है। शिक्षित महिला अपने बच्चों, परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और महिला सशक्तीकरण पर प्रकाश डाला। एआरपी रामवीर सिंह, श्रवण कुमार, एआरपी सुनील राय, रेखा रामचंद्रम ने महिलाओं को उनके दायित्व और हक के बारे में जागरूक किया।
इस दौरान वीरेंद्र मिश्र, हरिकेश मद्देशिया, श्याम सुंदर तिवारी, प्रमोद मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, डॉ. राजेश गुप्ता, अवधेश, बागेंद्र, पूनम, पल्लवी, बृजेश आदि मौजूद रहे।