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श्रद्धा के साथ प्रतिमाआें का विसर्जन हुआ
अमर उजाला ब्यूरो/कुशीनगर
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:52 PM IST
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तमकुहीराज। क्षेत्र के विभिन्न पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ नदी में विसर्जित कर दिया गया। प्रतिमाओं के सकुशल विसर्जन हो जाने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
वहीं तरयासुजान में प्रतिमा के विसर्जन नहीं हो सका। वहां पर 26 अक्टूबर को विसर्जन किया जाएगा। क्षेत्र के तमकुहीराज, भटवलिया, हरिहरपुर, गाजीपुर, कोइन्दी बुजुर्ग, सलेमगढ़, तरया सुजान, चखनी, दाहूगंज, भूलिया बाजार, रामकोला चट्टी, बरवा राजापाकड़, पगरा बसन्तपुर, पुरैना कटेया, रगड़गंज बाजार, कटहरी बाग, रजवटिया सहित तमाम जगहो पर नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पंडाल बनाए गए थे।
शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सभी प्रतिमाओं को बांसी नदी में विसर्जित कर दिया गया।
तरयासुजान में शुक्रवार और शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होने वाले भगवती जागरण के कारण प्रतिमा का विसर्जन नहीं हो सका।
हालांकि प्रशासन ने आयोजकों पर प्रतिमा विसर्जन करने का दबाव बनाया था। आयोजकों का कहना था कि उन लोगों ने पूर्व में ही एक चैनल के कलाकारों को भगवती जागरण के लिए बुक कर रखा है।
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ऐसे में इस कार्यक्रम को टाला नहीं जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र के हिंदू एवं मुसलमान समुदाय के गणमान्य लोगों की बैठक की। आपसी सहमति के बाद 26 को विसर्जन करने की अनुमति दे दी।
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वहीं तरयासुजान में प्रतिमा के विसर्जन नहीं हो सका। वहां पर 26 अक्टूबर को विसर्जन किया जाएगा। क्षेत्र के तमकुहीराज, भटवलिया, हरिहरपुर, गाजीपुर, कोइन्दी बुजुर्ग, सलेमगढ़, तरया सुजान, चखनी, दाहूगंज, भूलिया बाजार, रामकोला चट्टी, बरवा राजापाकड़, पगरा बसन्तपुर, पुरैना कटेया, रगड़गंज बाजार, कटहरी बाग, रजवटिया सहित तमाम जगहो पर नवरात्र के अवसर पर दुर्गा पंडाल बनाए गए थे।
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शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सभी प्रतिमाओं को बांसी नदी में विसर्जित कर दिया गया।
तरयासुजान में शुक्रवार और शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत होने वाले भगवती जागरण के कारण प्रतिमा का विसर्जन नहीं हो सका।
हालांकि प्रशासन ने आयोजकों पर प्रतिमा विसर्जन करने का दबाव बनाया था। आयोजकों का कहना था कि उन लोगों ने पूर्व में ही एक चैनल के कलाकारों को भगवती जागरण के लिए बुक कर रखा है।
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ऐसे में इस कार्यक्रम को टाला नहीं जा सकता है। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र के हिंदू एवं मुसलमान समुदाय के गणमान्य लोगों की बैठक की। आपसी सहमति के बाद 26 को विसर्जन करने की अनुमति दे दी।