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Kushinagar News: माघी कोठिलवा गांव में फिर जंगली जानवर की दस्तक
Mon, 11 May 2026 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 11 May 2026 01:50 AM IST
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मंसाछापर। जटहा बाजार थाना क्षेत्र के माघी कोठिलवा गांव में शनिवार देर रात फिर जंगली जानवर की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लोगों का दावा है कि गांव के पास किसी जंगली जानवर को देखा गया और उसकी दहाड़ भी सुनाई दी। सूचना मिलने पर रविवार की सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की।
फारेस्ट गार्ड संदीप पटेल और अन्य वनकर्मियों ने गांव के आसपास खेतों में जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर संदिग्ध पदचिह्न मिले, लेकिन वन विभाग यह स्पष्ट नहीं कर सका कि पदचिह्न किस जानवर के हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पदचिह्न तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन विभाग इसकी पुष्टि करने से बच रहा है। तीन दिन पहले तेंदुए के हमले में घायल हुए उमेश गिरी, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात कुछ लोगों ने तेंदुए को देखा भी है और उसकी दहाड़ सुनी है। उनका कहना है कि जिस तेंदुए ने उन पर हमला किया था, वह रेस्क्यू अभियान में पकड़ा गया तेंदुआ नहीं है, बल्कि दूसरा तेंदुआ अब भी क्षेत्र में घूम रहा है। तीन दिन पहले तेंदुए ने अलग-अलग गांवों में हमला कर छह से अधिक लोगों को घायल कर दिया था। जिले व बिहार के दस से अधिक लोगों तेंदुए ने हमला किया था। घटना के बाद से ही सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
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माघी कोठिलवा गांव के उमेश गिरी की सूचना पर टीम गई थी। खेतों में पदचिह्न दिखा है, लेकिन किस जानवर का है, यह अस्पष्ट नहीं है। शाम को फिर कांबिंग की जाएगी। लोग अफवाह से बचें। कोई भी जानकारी हो तो विभाग को बताएं। -अमित तिवारी डिप्टी रेंजर पडरौना
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फारेस्ट गार्ड संदीप पटेल और अन्य वनकर्मियों ने गांव के आसपास खेतों में जांच की। इस दौरान कुछ जगहों पर संदिग्ध पदचिह्न मिले, लेकिन वन विभाग यह स्पष्ट नहीं कर सका कि पदचिह्न किस जानवर के हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पदचिह्न तेंदुए के प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन विभाग इसकी पुष्टि करने से बच रहा है। तीन दिन पहले तेंदुए के हमले में घायल हुए उमेश गिरी, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार की रात कुछ लोगों ने तेंदुए को देखा भी है और उसकी दहाड़ सुनी है। उनका कहना है कि जिस तेंदुए ने उन पर हमला किया था, वह रेस्क्यू अभियान में पकड़ा गया तेंदुआ नहीं है, बल्कि दूसरा तेंदुआ अब भी क्षेत्र में घूम रहा है। तीन दिन पहले तेंदुए ने अलग-अलग गांवों में हमला कर छह से अधिक लोगों को घायल कर दिया था। जिले व बिहार के दस से अधिक लोगों तेंदुए ने हमला किया था। घटना के बाद से ही सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
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माघी कोठिलवा गांव के उमेश गिरी की सूचना पर टीम गई थी। खेतों में पदचिह्न दिखा है, लेकिन किस जानवर का है, यह अस्पष्ट नहीं है। शाम को फिर कांबिंग की जाएगी। लोग अफवाह से बचें। कोई भी जानकारी हो तो विभाग को बताएं। -अमित तिवारी डिप्टी रेंजर पडरौना
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